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650वीं जयंती वर्ष पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को समर्पित होगा 21 कुंडीय समरसता महायज्ञ

 

आठ अगस्त को कैलाश महादेव मंदिर, यमुना तट पर जुटेंगे सैकड़ों श्रद्धालु, आमंत्रण पत्र का हुआ विमोचन

बाबा न्यूज़ 

आगरा। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महासभा द्वारा 8 अगस्त को आयोजित होने वाले 21 कुंडीय समरसता महायज्ञ की औपचारिक घोषणा करते हुए गुरुवार को संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में आमंत्रण पत्र का भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर महासभा के पदाधिकारियों ने संत रविदास जी के समरसता, समानता, मानवता और सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
महासभा के अध्यक्ष रमेश कर्दम ने बताया कि 8 अगस्त को प्रातः 9:00 बजे कैलाश महादेव मंदिर, यमुना मैया के पावन तट पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती के अवसर पर 21 कुंडीय समरसता महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। महायज्ञ में 500 से अधिक श्रद्धालु वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां अर्पित कर समाज में समरसता, शांति और भाईचारे की कामना करेंगे। उन्होंने बताया कि महायज्ञ के उपरांत आयोजन स्थल पर ही संत रविदास जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके सामाजिक आदर्शों पर आधारित विचार गोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें विद्वान वक्ता उनके जीवन-दर्शन पर प्रकाश डालेंगे।
सचिव अभिनव मौर्य ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती पूरे वर्ष विविध कार्यक्रमों के माध्यम से मनाई जा रही है। इसके अंतर्गत समय-समय पर धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन में जाति-पांति, ऊंच-नीच और भेदभाव का विरोध करते हुए समाज को समानता, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। महासभा उन्हीं आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में एकत्व, समरसता और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रही है।
महासभा के प्रचार प्रमुख विजय सामा ने संत रविदास जी के प्रसिद्ध वाक्य “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने बाहरी आडंबरों से अधिक मन की पवित्रता, सत्य, सेवा और सदाचार को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि यदि मन निर्मल हो तो ईश्वर की कृपा हर स्थान पर प्राप्त होती है। यही संदेश आज भी समाज को जोड़ने और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है।
आमंत्रण पत्र विमोचन समारोह में महासभा के संरक्षक मानसिंह चौधरी एवं मनोज राजौरा, संघटक मनमोहन निरंकारी, कोषाध्यक्ष सीए संजीव महेश्वरी, उपाध्यक्ष राकेश जाटव, स्वागत महामंत्री हर्ष दिवाकर, सह सचिव डॉ. मीनाक्षी, डॉ. निष्ठा शर्मा, जतिन कुशवाहा, मंगल सिंह, बबीता पाठक, कार्यालय प्रमुख अभिषेक कोटिया, नवीन गौतम, राजेंद्र पाल आदि उपस्थित रहे।
महासभा ने सभी श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से 8 अगस्त को आयोजित समरसता महायज्ञ एवं विचार गोष्ठी में सहभागिता कर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के समानता, सेवा और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

मां का अतिरिक्त दूध बचा सकता है किसी नवजात की जिंदगी

 

आगरा की एकमात्र मातृ दुग्ध बैंक को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प, आईएपी के शिशु रोग विशेषज्ञ बोले— “हर बूंद अमृत, हर दुग्धदाता मां जीवनदाता”

बाबा न्यूज़ 

आगरा। कल्पना कीजिए, एक नवजात शिशु जन्म के बाद अपनी मां का दूध नहीं पी सकता। ऐसे में उसके लिए सबसे बड़ा सहारा बनता है मातृ दुग्ध बैंक, जहां किसी दूसरी मां द्वारा स्वेच्छा से दान किया गया दूध उसके जीवन की डोर थाम लेता है। इसी मानवीय संदेश को समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने तथा मातृ दुग्धदान को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से प्रताप नगर स्थित श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) आगरा चैप्टर के सहयोग से मातृ दुग्ध बैंक की नीतिगत समीक्षा एवं संचालन पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई।
संगोष्ठी में देशभर में संचालित सफल मदर मिल्क बैंकों के अनुभवों पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि मां का दूध नवजात के लिए पहली वैक्सीन, पहला पोषण और सबसे सुरक्षित उपचार है। यदि किसी कारणवश मां अपने शिशु को स्तनपान नहीं करा पाती, तो वैज्ञानिक प्रक्रिया से सुरक्षित रखा गया डोनर मदर मिल्क उसके जीवन की रक्षा करता है। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल चिकित्सा सेवा नहीं बल्कि मानवता की सबसे संवेदनशील और पवित्र सेवा है।
आईएपी आगरा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान प्रारंभ करना तथा छह माह तक केवल मां का दूध देना प्रत्येक शिशु के स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि समय से पूर्व जन्मे, कम वजन वाले तथा गंभीर रूप से बीमार नवजातों के लिए डोनर मदर मिल्क किसी संजीवनी से कम नहीं है।
कोषाध्यक्ष डॉ. स्वाति द्विवेदी ने कहा कि मां का दूध संक्रमण से सुरक्षा, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा शिशु के मानसिक एवं शारीरिक विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सुझाव दिया कि मातृ दुग्ध बैंक में एक प्रशिक्षित काउंसलर की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रसूताओं को भावनात्मक परामर्श देकर यदि वे इच्छुक हों तो अपने अतिरिक्त दुग्ध का दान करने के लिए प्रेरित किया जा सके। इससे अनेक अन्य नवजातों का जीवन बचाया जा सकता है।
डॉ शुभिका गर्ग ने कहा कि समाज में अभी भी मदर मिल्क बैंक के प्रति पर्याप्त जागरूकता नहीं है। प्रत्येक अस्पताल, नर्सिंग होम और चिकित्सक का दायित्व है कि वे प्रसूताओं और उनके परिवारों को मातृ दुग्धदान के महत्व और इसकी वैज्ञानिक प्रक्रिया की जानकारी दें।
श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल (एडवोकेट) ने कहा कि मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक केवल एक स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता, सहयोग और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। ट्रस्ट का संकल्प है कि आगरा का कोई भी जरूरतमंद नवजात मातृ दुग्ध के अभाव में जीवन संकट का सामना न करे।
मदर मिल्क बैंक के कोऑर्डिनेटर राजकुमार गर्ग ने बताया कि बैंक में मातृ दुग्ध का संग्रह, परीक्षण, पाश्चुरीकरण और सुरक्षित भंडारण पूर्णतः वैज्ञानिक एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाता है। चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर यह दूध नवजातों को उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने सभी स्वस्थ माताओं से इस जीवनरक्षक अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने मुंबई और सूरत में सफलतापूर्वक संचालित मदर मिल्क बैंकों के मॉडल पर भी विस्तार से चर्चा की। सभी चिकित्सकों ने सुझाव दिया कि वहां लागू दिशा-निर्देशों एवं मानकों का पूर्ण अनुपालन आगरा में भी किया जाए, जिससे मातृ दुग्ध बैंक का संचालन और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित हो सके। विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप उपचार प्राप्त कर रही ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) से ग्रसित माताएं भी निर्धारित चिकित्सकीय दिशा-निर्देशों के अनुसार दुग्धदान कर सकती हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स एवं मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक संयुक्त रूप से शहर के अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, प्रसूति केंद्रों, सामाजिक संस्थाओं तथा जनसंचार माध्यमों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएंगे, ताकि प्रत्येक परिवार मातृ दुग्ध बैंक की उपयोगिता को समझे और अधिक से अधिक नवजात शिशुओं का जीवन सुरक्षित हो सके।
संगोष्ठी के उपरांत सभी चिकित्सकों ने केंद्र में संचालित कोल्ड चेन प्रणाली का निरीक्षण किया। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रमेश चंद्र अग्रवाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 45 बच्चों को मातृ दुग्ध उपलब्ध करवाया जा चुका है । 175 माताओ का दुग्ध बैंक में जमा हो चुका है। केंद्र में आवश्यक सभी निर्धारित व्यवस्थाएं एवं मानक 15 अगस्त तक पूर्ण रूप से लागू कर दिए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन सचिन गोयल ने किया।

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधा बंसल, डॉ. अल्का सेन, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. अरुण जैन, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. पायल मित्तल, डॉ. अंशु अग्रवाल, मदर मिल्क बैंक के कोऑर्डिनेटर राजकुमार गर्ग, राकेश गर्ग, निधि अग्रवाल, हृदेश बंसल, कांता महेश्वरी, राजीव जैन आदि उपस्थित रहे।

खरीफ फसल बीमा की अंतिम तिथि तय:एटा में गैर-ऋणी किसान 14 अगस्त तक कराएं फसल का बीमा

एटा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वर्ष 2026-27 के खरीफ और रबी मौसम के लिए लागू कर दी गई है। उप कृषि निदेशक कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जनपद में इस योजना के संचालन के लिए यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को नामित किया गया है। खरीफ मौसम के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथियां निर्धारित की गई हैं। गैर-ऋणी किसानों के लिए यह तिथि 14 अगस्त 2026 है, जबकि ऋणी किसान 31 अगस्त 2026 तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। जनपद में खरीफ मौसम के लिए बाजरा, मक्का और धान को अधिसूचित फसलों में शामिल किया गया है। इसी तरह, रबी मौसम के लिए गेहूं, राई, सरसों और आलू का बीमा कराया जा सकेगा। गैर-ऋणी किसान जन सेवा केंद्र के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। उन्हें दो प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा और वे एक हेक्टेयर तक की फसल का बीमा करा सकेंगे। प्रीमियम की राशि फसल और क्षेत्र के आधार पर तय होगी। ऋणी किसान अपने संबंधित बैंक से संपर्क कर बीमा संबंधी विकल्प का चयन कर सकते हैं। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की है कि वे प्राकृतिक आपदाओं या अन्य विपरीत परिस्थितियों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए समय रहते अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं। इससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें योजना का लाभ मिल सकेगा।

प्रयागराज में पप्पू यादव के खिलाफ विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन:राहुल गांधी, खड़गे और अवधेश प्रसाद पर भी कार्रवाई की मांग

प्रयागराज में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सांसद पप्पू यादव के खिलाफ जॉर्जटाउन थाने में शिकायत पत्र सौंपा। संगठन ने पप्पू यादव पर भगवान श्रीराम और हिंदू आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। जिला संयोजक शुभम कुशवाहा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जॉर्जटाउन थाने पहुंचे। तहरीर सौंपने से पहले और बाद में कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर धरना दिया और सांसद पप्पू यादव के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ भी नारे लगाए। उन्होंने इन नेताओं के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की। पुलिस को दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि 31 जुलाई 2026 को संसद परिसर स्थित एक मंदिर में सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र धारण कर संत-महात्माओं का वेश बनाया। उन्होंने भगवान श्रीराम के चित्र एवं दामपट का ऐसा उपयोग किया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। शिकायत में कहा गया है कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया, जिससे सनातन समाज में आक्रोश व्याप्त है। शिकायत पत्र में यह भी आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद अवधेश प्रसाद सहित अन्य लोगों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग और समर्थन किया। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने इसे हिंदू समाज की आस्था पर आघात बताते हुए सभी संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की है। जिला संयोजक शुभम कुशवाहा ने इस अवसर पर कहा कि किसी भी धर्म, देवी-देवता, संत-महात्मा या धार्मिक प्रतीकों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान शिवम द्विवेदी, विजय पब्लिक, मनीष श्रीवास्तव, गोविंद, सत्कारण पांडेय, मनीष कुशवाहा, अजय गुप्ता, सुमित वर्मा सहित बड़ी संख्या में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

500 पुलिसकर्मी, 2 कंपनी पीएसी तैनात:जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए मतदान स्थल छावनी में तब्दील, सुबह 7 बजे से वोटिंग

प्रयागराज में सात अगस्त को होने जा रहे जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव के लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा के लिए 500 पुलिसकर्मियों के साथ दो कंपनी पीएसी तैनात की गई है। एक आईपीएस समेत चार राजपत्रित अफसरों की भी ड्यूटी लगाई गई है। वोटिंग सुबह सात बजे से शुरू होगी और अधिवक्ता शाम पांच बजे तक मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। चुनाव अधिकारी गिरीश तिवारी के अनुसार, मतदान खत्म होने के बाद बैलेट बॉक्स कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार में रखवाए जाएंगे। जहां 8 अगस्त की सुबह आठ बजे से वोटों की गणना होगी। उन्होंने बताया कि चुनाव संबंधी तैयारी पूरी कर ली गई है। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान कराया जाएगा। 6953 मतदाता, 130 प्रत्याशी जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में कुल 6953 मतदाता 130 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान स्थल हर वर्ष की तरह इस बार भी जिला जज कोर्ट के पुराने परिसर में बनाया गया है।
मतदाताओं का प्रवेश पुराने जिला जज कोर्ट के मुख्य द्वार से होगा, जबकि निकास नजारत की ओर से रखा गया है। मतदान के लिए कुल तीन प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनमें से एक प्रवेश द्वार बुजुर्ग और महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित रहेगा। बिना सीओपी कार्ड वोटिंग की अनुमति नहीं
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतदान के दौरान प्रत्येक मतदाता को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा जारी सीओपी (Certificate of Practice) कार्ड या सीओपी प्रमाण-पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। बिना सीओपी कार्ड अथवा प्रमाण-पत्र के किसी भी अधिवक्ता को मतदान की अनुमति नहीं दी जाएगी। मतदाता पर्ची के लिए 10 काउंटर बनाए गए
मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए संघ कार्यालय से मतदाता पर्चियों का वितरण किया जा रहा है। गुरुवार को भी सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक संघ कार्यालय से मतदाता पर्चियां उपलब्ध कराई गईं।
इसके अलावा मतदान वाले दिन भी मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कंप्यूटरीकृत मतदाता पर्ची वितरण के 10 काउंटर बनाए जाएंगे, जहां से अधिवक्ता अपनी पर्ची प्राप्त कर सकेंगे। CCTV कैमरे लगवाए गए, वीडियो रिकॉर्डिंग भी होगी
चुनाच अधिकारी गिरीश तिवारी बताया कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए पूरे मतदान स्थल को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित कराया गया है। मतदान केंद्र पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या शिकायत की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।

कामिल-फाजिल के शिक्षकों की नहीं होगी जांच:लगा स्टे, दीवान साहबेजमान बोले- मदरसों को लेकर सरकारों की नियत ठीक नहीं

मानवाधिकार आयोग की नोटिस पर यूपी सरकार ने कामिल-फाजिल से साल 2024 के पहले नौकरी पाए मुदर्रिसों ( अध्यापकों) की जांच शुरू की थी। इस जांच के खिलाफ टीचर एसोसिएशन मदारिसे अरबिया यूपी के जनरल सेक्रेटरी दीवान साहेबजमा ने एक रिट हाईकोर्ट में डाली थी। जिसपर बुधवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार की सभी प्रोसिडिंग पर रोक लगा दी और अगले चार हफ्ते में इस प्रकरण में जवाब देने की नोटिस दी है। बता दें की UGC ने साल 2024 से किसी भी मदरसे को कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की पढ़ाई न कराने का नियम बनाया था क्योंकि यह पढ़ाई UGC की धारा 23 का उल्लंघन थी। लेकिन उसके पहले जिन्हे यह डिग्री मिली है। उसे कहीं भी रद्द करने या अवैध घोषित करने की बात नहीं है। इस ऑर्डर के बाद वाराणसी के मदरसे मदीनतुल उलूम में शिक्षकों ने खुशी जाहिर की और बैठक कर दीवान साहेबजामा का धन्यवाद दिया। जो सरकारी नौकरी में है उसकी भी हो जांच इस संबंध में दैनिक भस्कर से बातचीत करते हुए टीचर एसोसिएशन मदारिसे अरबिया यूपी के जनरल सेक्रेटरी दीवान साहेबजमा ने बताया – UGC के फरमान के बाद मदरसों ने कामिल और फाजिल की पढ़ाई बंद कर दी थी। लेकिन उसके बाद कुछ लोगों ने मानवाधिकार आयोग को लेटर लिखा की इस डिग्री के माध्यम से कई लोग नौकरियों में हैं जो की अवैधानिक है। ऐसे में इसकी जांच होनी चाहिये। मानवाधिकार ने राज्य सरकार को लिखा लेटर दीवान साहबेजामा ने बताया – इसपर मानवाधिकार आयोग ने सरकार को लेटर लिखा और जवाब मांगा। लेकिन कुछ नहीं हुआ तो दोबारा मानवाधिकार आयोग ने सरकार को फटकार लगाईं। जिसके बाद जांच शुरू हो गई जबकि वो किसी भी प्रकार से अवैध नहीं है। कोर्ट में दायर की याचिका दीवान साहबेजामा ने बताया – इसके बाद हमने हाईकोर्ट में राज्य सरकार की जांच पर सवाल उठाते हुए एक याचिका सभी टीचर्स की तरफ से हाईकोर्ट में डाली। जिसपर बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने हमारे पक्ष को सुना और राज्य सरकार की जांच को तत्काल प्रभाव से रोक ते हुए स्टे दिया है। जो शिक्षकों की बहुत बड़ी जीत है। इसके अलावा हमसे दो सप्ताह में ज्वाइंडर और सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कामिल फाजिल को किसी विश्विद्यालय से दो जाए मान्यता दीवान साहेबजमा ने कहा – हमारी मांग है कि कामिल-फाजिल को किसी विश्वविद्यालय से मान्यता दे दी जाए। विश्वविद्यालय उन्हें पढ़ाये, परीक्षा ले और उन्हें डिग्री दे। उत्तर प्रदेश में ख्वाजा मोइनुद्दीन विश्वविद्यालय बन गया है ।उसी से एफिलिएशन करवा दे सरकार। अरबी फारसी के लिए ही वह विश्वविद्यालय बनाया गया है। वो हमें भी डिग्री दे। लेकिन सरकारों की नियत ठीक नहीं है। क्योंकि विश्वविद्यालय ने भी पत्राचार किया सरकार से की वो उत्तर प्रदेश के 50 हजार बच्चे जो कामिल फाजिल के लिए पढ़ रहे हैं उन्हें वो डिग्री देना चाहते हैं। लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। ऐसे में।उसके लिए अलग से हम लोगों से सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की हैं उसपर भी जल्द फैसला होगा। सरकार की नियत साफ नहीं दीवान ने कहा – सरकार की नियत साफनहीं है यह उसके कार्यों से पता चलता है। मदरसों को लेकर उनकी नियत नहीं साफ है। अगर कोई कमी है तो सरकार के हाथ में है वो दूर कर सकती है।हमारे मंत्री हैं ओमप्रकाश राजभर जी को एक मदरसे में नोट छपता हुआ पाया गया तो उन्होंने पूरे मदरसों को दोषी बता दिया जबकि वो रिकग्नाइज्ड मदरसा नहीं था। लेकिन मंत्री जी जहां जाते हैं इस बात से मदरसों का मखौल उड़ा रहे हैं। तो जब मंत्री ऐसा कह रहा है तो सरकार की नियत कहां साफ है।

दिल्ली के सर्वोदय विद्यालय में STEM इनोवेशन लैब का उद्घाटन:छात्रों को मिलेंगे आधुनिक प्रयोग के अवसर

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सर्वोदय विद्यालय, पीतमपुरा में नई STEM इनोवेशन लैब का उद्घाटन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस लैब का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के प्रति रुचि बढ़ाने का है। इसी के साथ प्रयोगात्मक शिक्षा, रचनात्मक सोच और नवाचार की क्षमता विकसित करना है। लैब के माध्यम से छात्रों को किताबों में पढ़ी अवधारणाओं को प्रयोग और प्रोजेक्ट के जरिए समझने का अवसर मिलेगा। इस मौके पर सीएम ने कहा दिल्ली का हर विद्यार्थी बड़े सपने देखे और उन्हें साकार करने के लिए आधुनिक अवसर प्राप्त करे, यही दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा सरकारी विद्यालयों में विश्वस्तरीय शिक्षण सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक तकनीक और प्रयोगात्मक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार किया जा सकता है। सीएम ने कहा STEM शिक्षा बच्चों में समस्या समाधान, तार्किक सोच, टीमवर्क और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसी प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों को केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें नई चीजें बनाने, प्रयोग करने और अपने विचारों को वास्तविक रूप देने का मंच देते हैं। पीतमपुरा के सर्वोदय विद्यालय में स्थापित यह STEM इनोवेशन लैब भारत के प्रख्यात क्रिकेटर और Da One Group के चेयरमैन शिखर धवन की पहल पर स्थापित की गई है। इसमें शिखर धवन फाउंडेशन की संचालिका सोफी धवन और एचएमडी ग्लोबल के सीईओ एवं साउथ एशिया हैड रवि कुंवर और का सहयोग रहा है। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी से स्थापित इस तरह की आधुनिक सुविधाओं से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को नई तकनीक और नवाचार से जुड़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

जनकपुरी महोत्सव 2026 की तैयारियों को मिला नया उत्साह

पूर्व जनकपुरी कमेटी ने किया आयोजन समिति का भव्य स्वागत
केंद्रीय कार्यालय पर मुख्य अतिथि मधु बघेल ने की महाआरती
जनकपुरी महोत्सव को भव्य बनाने का लिया संकल्प
बाबा न्यूज
आगरा। जनकपुरी महोत्सव 2026 की तैयारियां अब पूरे उत्साह और जनसहभागिता के साथ आगे बढ़ रही हैं। बुधवार सायं भावना एस्टेट स्थित जनकपुरी महोत्सव के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम एवं माता जानकी के जयघोष के बीच महाआरती से हुआ, जिसे मुख्य अतिथि मधु बघेल ने संपन्न कराया। महाआरती के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा और उपस्थित श्रद्धालुओं ने जनकपुरी महोत्सव की सफलता एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्य अतिथि मधु बघेल ने कहा कि जनकपुरी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक एकता का विराट उत्सव है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है तथा समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है।
इससे पहले पूर्व जनकपुरी कमेटी कमला नगर-2025 द्वारा जनकपुरी आयोजन समिति का कमला नगर स्थित होटल सेलिब्रेशन में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। पूर्व अध्यक्ष मुरारी लाल अग्रवाल, पार्षद पंकज अग्रवाल, गौरव परमार, केपी सिंह यादव, अनिल अग्रवाल, संतोष मित्तल, नितिन कोहली, प्रमोद यादव, राजीव यादव, दीपक गुप्ता तथा रंजू यादव ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों का माल्यार्पण एवं पटका पहनाकर सम्मान किया। सभी ने जनकपुरी महोत्सव को ऐतिहासिक, भव्य और जन-जन की सहभागिता वाला आयोजन बनाने के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
जनकपुरी आयोजन समिति की ओर से अध्यक्ष राजू यादव ने सभी अतिथियों एवं पूर्व जनकपुरी कमेटी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार जनकपुरी महोत्सव को पहले से अधिक भव्य, आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप दिया जाएगा। महामंत्री मनोज जादौन एवं महामंत्री हितेश लवानियां ने तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न समितियां अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं तथा जनसहयोग लगातार बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य समन्वयक धर्मेश जैन, कोषाध्यक्ष आकाश गोयल ग्वाला, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह, नरेंद्र सिंह सेंगर आदि उपस्थित रहे।

 

101 श्रद्धालुओं ने किया भगवान भोलेनाथ का अभिषेक

 

बालक श्रीराम की मनोहारी लीलाओं ने भक्तों को किया भावविभोर
बाबा न्यूज
आगरा। यमुना तट स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर, बूढ़ी का नगला, दयालबाग में आयोजित नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ, महारुद्राभिषेक एवं श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रतिदिन की भांति कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महारुद्राभिषेक से हुआ। 101 श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से अभिषेक कर परिवार, समाज एवं राष्ट्र के सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।
महारुद्राभिषेक में स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट की अध्यक्ष विनीता मित्तल, अंजलि अग्रवाल, शिखा गौतम, रुचि सिंघल, गीता सैनी, राधिका मित्तल, निधि गाबा, अनंत गर्ग, शालू खंडेलवाल, ज्योति मौर्य सहित अनेक श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का पूजन एवं अभिषेक किया।
संध्या में आयोजित श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस चित्रकूट धाम से पधारे कथावाचक पंडित विमलेश त्रिवेदी महाराज ने भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं एवं महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ रक्षा प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का बाल स्वरूप हमें सरलता, निष्कपटता, आज्ञाकारिता और संस्कारयुक्त जीवन का संदेश देता है। वहीं महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा का प्रसंग यह प्रेरणा देता है कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए सदैव सज्जनों का साथ देना चाहिए तथा अन्याय और अधर्म का साहसपूर्वक सामना करना चाहिए।
महंत आचार्य पंडित सुनील कुमार वशिष्ठ ने कहा कि भगवान शिव स्वयं करुणा, त्याग और कल्याण के प्रतीक हैं। श्रावण मास में श्रद्धापूर्वक किए गए महारुद्राभिषेक, रुद्र महायज्ञ और शिव पूजन से व्यक्ति के जीवन के समस्त कष्टों का शमन होता है तथा उसे आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि यमुना तट स्थित श्री महाकालेश्वर धाम में आयोजित यह महोत्सव केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को धर्म, संस्कार, सेवा और सद्भाव का संदेश देने का माध्यम भी है।
इस अवसर पर राजेश अग्रवाल, पुनीत बागला, मनीष जैन, राजीव जैन, राजेश अग्रवाल, राजीव गुप्ता, रुचि बागला, अशु मित्तल, पंडित रामचरण शर्मा उपस्थित रहे।

अच्छा नागरिक बनना ही राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी: मेजर जनरल गौरव गौतम

 

 

 

बाबा न्यूज
आगरा। उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय के अपर महानिदेशक मेजर जनरल गौरव गौतम, वीएसएम ने अपने तीन दिवसीय दौरे के तीसरे दिन की शुरूआत गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर, आगरा से की। यहां पहुंचने पर एडीजी का भव्य स्वागत किया गया । एनसीसी ग्रुप मुख्यालय आगरा के एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड आॅफ आॅनर प्रस्तुत किया गया। स्कूल बैंड ने उनका मधुर धुनों से अभिनंदन किया ।
उसके पश्चात जीआरएन आॅडिटोरियम में आगरा ग्रुप के लगभग 450 कैडेट्स एकत्रित हुए । एडीजी ने सभी कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए एनसीसी के फायदे गिनाते हुए जीवन में अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया । उन्होने बताया कि एनसीसी न केवल अनुशासन और नेतृत्व का पाठ पढाती है बल्कि देश सेवा का अवसर भी प्रदान करती है ।
उन्होने कैडट्स को वृक्षारोपण, रक्तदान, टीबी मुक्त भारत अभियान और पोलियो ड्राइव जैसी सामाजिक सेवाओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। एडीजी ने कहा कि एक अच्छा नागरिक बनना ही राष्ट्र निर्माण की पहली सीढी है। एनसीसी के माध्यम से चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास पर भी बल दिया गया।
एडीजी ने आईडीएससी शूटिंग प्रतियोगिता में आॅल इंडिया स्तर पर, यू.पी. निदेशालय के प्रथम आने पर सभी को बधाई दी । गोल्ड मेडल जीतने वाले कैडेट्स सहित कुल 20 कैडेट्स को सम्मानित किया गया। एनसीसी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आगरा एन.सी.सी. के अन्य कैडेट्स को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया ।
बाद में एडीजी ने प्रत्येक कैडेट से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया । इसके बाद उन्होने आगरा ग्रुप मुख्यालय के सभी एसोसिएट एनसीसी आॅफिसर्स, लेक्चरर्स, प्रोफेसर्स और शिक्षको से मुलाकात की। एनसीसी में प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत सभी पी आई स्टाफ से भी उन्होने चर्चा की और उनके समर्पण की सराहना की।
उन्होने कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए बताया कि एनसीसी द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो।
अन्त में एडीजी ने एक उत्तम कार्यक्रम के लिए सभी के प्रयासों की सराहना की।