गोंडा में 4.90 करोड़ का घोटाला, जांच शुरू:इंडियन बैंक सोसाइटी सचिव से 1997-2020 के साक्ष्य मांगे
गोंडा जिले में इंडियन बैंक इंप्लाइज क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की शाखा में हुए 4 करोड़ 90 लाख रुपये के घोटाले के मामले में आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक उपनिरीक्षक सोनू कुमार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उपनिरीक्षक सोनू कुमार ने इंडियन बैंक कर्मचारी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव से मामले से संबंधित साक्ष्य मांगे हैं। यह साक्ष्य 1997 से लेकर 2020 के बीच के हैं। विवेचक ने उन सभी लोगों से संबंधित कागजी, इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है, जिन्होंने इस अवधि के दौरान घोटाले को अंजाम दिया। इसका उद्देश्य यह जानना है कि घोटाला किस तरीके से किया गया। सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने विवेचक द्वारा मांगे गए कागजातों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। उपनिरीक्षक सोनू कुमार ने जल्द से जल्द सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि विवेचना पूरी कर मामले में नामजद 69 अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बीते 12 जून को मुकदमा दर्ज करवाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 1997 से 2020 के बीच तैनात रहे बैंक प्रबंधकों, कैशियर सहित विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों ने वित्तीय अनियमितता करते हुए अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग किया और सोसाइटी की धनराशि का गबन किया। गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद समझौता भी हुआ था, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने 4 करोड़ 90 लाख रुपये की घोटाले की राशि जमा नहीं की। विवेचक सोनू कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है और वादी रविंद्र कुमार श्रीवास्तव से साक्ष्य मांगे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और वित्तीय रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं ताकि घोटाले की सही राशि का पता चल सके।

