जानवरों के शोषण में शामिल समुदायों के लिए वैकल्पिक आजीविका सृजित हो : सत्यवीर सिंह  

 

वन्यजीव अपराध और ज़ब्ती पर वाइल्डलाइफ एसओएस में कार्यशाला का आयोजन 

बाबा न्यूज 

आगरा। वाइल्डलाइफ एसओएस ने न्यायपालिका, उत्तर प्रदेश वन विभाग, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से मथुरा स्थित हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में वन्यजीव अपराध और वन्यजीव अपराध से प्राप्त आय की जब्ती पर तीसरी कार्यशाला का आयोजन किया।

वन विभाग, न्यायपालिका, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के ज्ञान, जांच क्षमताओं और अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जो वन्यजीव अपराध से निपटने में लगे हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को खत्म करने और अभियोजन परिणामों में सुधार करने के लिए कानूनी और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करना था।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह द्वारा आगरा और मथुरा मंडलों के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, आगरा जोन के जिला वन अधिकारी और मथुरा जोन के जिला वन अधिकारी की उपस्थिति में कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

इस कार्यशाला में वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण द्वारा भारत भर में वाइल्डलाइफ एसओएस के क्षेत्रीय अभियानों से संबंधित प्रमुख केस स्टडी पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। इनमें प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक दीपक चौहान, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील कुमार शुक्ला, चंडीगढ़ स्थित पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के विशेष अभियोजक करमबीर सिंह नलवा, ज्योति सागर एंड एसोसिएट के पार्टनर कुमार किसलय, नई दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय के विशेष अभियोजक विनय कुमार ओझा और कानूनी पत्रकार तरुण नांगिया भी शामिल थे। कार्यशाला में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के  न्यायाधीश सत्यवीर सिंह  वन्यजीव संरक्षण के लिए तीन दशकों की समर्पित सेवा के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि पुनर्वास, जागरूकता और मार्गदर्शन अक्सर दंड की तुलना में अधिक सार्थक और स्थायी परिवर्तन लाते हैं। जानवरों के शोषण में शामिल समुदायों के लिए वैकल्पिक आजीविका सृजित करते हुए उनको बचाने के संस्था के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने अधिकारों और कर्तव्यों के बीच गहरे संबंध और सभी जीवित प्राणियों की रक्षा के दायित्व पर प्रकाश डाला। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को उद्धृत करते हुए, उन्होंने कहा कि “किसी राष्ट्र का न्याय उसके गरीबी में रहने वाले नागरिकों द्वारा महसूस की जाने वाली सुरक्षा की भावना में निहित है।” हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में एक नेत्रहीन हथनी की दयनीय स्थिति को याद करते हुए, उन्होंने जानवरों के प्रति सहानुभूति और करुणा की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. बी. आर. अंबेडकर और डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के आदर्शों का आह्वान करते हुए, उन्होंने जाति और सामाजिक विभाजनों से मुक्त समाज का आह्वान किया और पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई के इस कथन का हवाला दिया कि अधिकार तभी सार्थक होते हैं जब लोग उनके प्रति जागरूक हों। उन्होंने वाइल्डलाइफ एसओएस को करुणा, पुनर्वास, जागरूकता निर्माण और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के एक आदर्श के रूप में मान्यता देते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “न्यायपालिका, प्रवर्तन एजेंसियों और संरक्षण एक्सपर्ट्स को एक साथ लाकर, इस कार्यशाला का उद्देश्य भारत की समृद्ध जैव विविधता की रक्षा करते हुए वन्यजीव अपराधों की जांच, अभियोजन और रोकथाम के लिए आवश्यक सामूहिक क्षमता को मजबूत करना है।”

वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने कहा*, “संरक्षण तभी सफल होता है जब संस्थाएं मिलकर काम करती हैं। इस कार्यशाला जैसी क्षमता निर्माण पहल वन्यजीव कानूनों, जांच प्रक्रियाओं और अभियोजन रणनीतियों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद करती हैं, जिससे अंततः वन्यजीवों की अधिक प्रभावी सुरक्षा में योगदान मिलता है।”

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री सत्य नारायण वशिष्ठ ने समापन भाषण दिया और वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स श्री बैजू राज एम.वी. ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

बरेली में युवक को पीटा-दांत तोड़े:घर के सामने पेशाब करने से रोकने पर प्रेमिका संग साथियों ने पीटा

बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में घर के सामने पेशाब करने से रोकने पर एक युवक पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि इस हमले में युवक के दांत टूट गए। हमलावर ने अपनी प्रेमिका और कई साथियों के साथ मिलकर पीड़ित युवक, उसकी मां, पत्नी और बीच-बचाव करने आए पड़ोसियों को भी पीटा। यह घटना 4 जून को पटेल नगर में हुई। पटेल नगर निवासी आकाश तलवार ने अपने घर के सामने पेशाब कर रहे सुधांशु शर्मा का विरोध किया था। इस बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आकाश पर हमला कर दिया आरोप है कि इसके बाद सुधांशु ने अपनी प्रेमिका और सात-आठ अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया। सभी ने मिलकर आकाश पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से पीटा, जिससे उसके दांत टूट गए। शोर सुनकर बचाव के लिए पहुंचे मोहल्ले के मानू चावला, योगेंद्र चावला, मनोज गुप्ता और रेनू भी मारपीट में घायल हो गए। सुधांशु की प्रेमिका पर आकाश की पत्नी के साथ मारपीट कर घायल करने का भी आरोप है। प्रेमनगर थाने में तहरीर दी पीड़ित पक्ष ने प्रेमनगर थाने में इस संबंध में तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

गर्मी से ताजमहल पर बिगड़ी दो बच्चों की तबियत:डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का हुए शिकार, महाराष्ट्र से ताजमहल देखने आए थे पर्यटक

पिछले दिनों हुई बारिश के बाद शहर में तेज धूप और उमस भरी गर्मी लोगों पर भारी पड़ रही है। इसका असर विश्व प्रसिद्ध ताजमहल पर आने वाले पर्यटकों पर भी देखने को मिल रहा है। शनिवार को महाराष्ट्र के चंद्रपुर से ताजमहल घूमने आए एक पर्यटक के दो छोटे बच्चे अत्यधिक गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और सनस्ट्रोक का शिकार हो गए। सूचना मिलते ही ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराते हुए बच्चों को उपचार के लिए पर्यटक सुविधा केंद्र भिजवाया। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के चंद्रपुर निवासी प्रदीप अपने परिवार के साथ ताजमहल देखने आए थे। ताजमहल के पश्चिमी गेट क्षेत्र में भ्रमण के दौरान उनके 6 वर्षीय पुत्र सुयोग और 3 वर्षीय पुत्री कृष्णवेणी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। तेज धूप और उमस के कारण दोनों बच्चों में डिहाइड्रेशन और सनस्ट्रोक के लक्षण दिखाई दिए। पर्यटक द्वारा सूचना दिए जाने पर ताजमहल के पश्चिमी गेट पर तैनात थाना ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में टीम ने बच्चों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके बाद ताजमहल पश्चिमी पार्किंग स्थित पर्यटन सुविधा केंद्र से एम्बुलेंस बुलाकर बच्चों और उनके परिजनों को पर्यटक सुविधा केंद्र भेजा गया, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई। समय पर उपचार मिलने से बच्चों की हालत में सुधार हुआ। पर्यटक प्रदीप ने आगरा पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। सहायता कार्य में उपनिरीक्षक पंकज सिंह पटेल, आरक्षी आशु तथा महिला आरक्षी सुलेखा शामिल रहीं।

साहब! हत्या कर ट्रैक के पास फेंका बेटे का शव:मृतक युवक की मां ने एसपी सिटी को सौंपी वीडियो, मामले में पुन: जांच बैठी

एसपी साहब! मेरे बेटे की मौत हादसे में नहीं हुई थी। उसकी सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई और फिर उसे हादसा दर्शाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया। यह सब एक युवती ने किया है, जिसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजो…! यह कहना है ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के माधवपुरम कृषि फार्म हाउस में रहने वाली गीता पत्नी पप्पू का, जिसके 40 वर्षीय बेटे आशीष का शव 13 अप्रैल की सुबह माधवपुरम रेलवे ट्रैक के करीब मिला था। पुलिस ने इसे हादसा माना और शव मोर्चरी भिजवा दिया। सीसीटीवी कैमरे में युवती से नोकझोंक
हाल ही में एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले से मिली गीता ने सीसीटीवी कैमरे की कुछ फुटेज दिखाईं। दोनों ही फुटेज में आशीष की किसी युवती से नोकझोंक हो रही है। यह नोकझोंक उसी दिन की है, जिस दिन आशीष की बॉडी रेलवे ट्रैक के पास मिली थी। धमकी दिया करती थी यह युवती
गीता ने बताया कि जो युवती सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दिखाई पड़ रही है, वह कंकरखेड़ा की रहने वाली है। वह नशे आदि के गैरकानूनी काम में लिप्त है। गीता बताती है कि उसके बेटे आशीष और राजा उसके इन कामों का विरोध करते थे। कई बार झगड़ा भी हो चुका था, जिसमें वह बेटों की हत्या कराने की धमकी दे चुकी थी। हत्या वाले दिन देखा गया था साथ
गीता ने एसपी सिटी को बताया कि 13 अप्रैल की सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर ग्राम भूनी निवासी श्रवण ने उस युवती को तीन युवकों के साथ देखा था। इन युवकों में आशीष भी था। उस दिन वह खुद गाजियाबाद थी। कुछ घंटे बाद ही फोन आया कि आशीष की बॉडी ट्रैक के किनारे मिली है। अभी एक गया, दूसरे को संभालकर रख
गीता का कहना है कि नोकझोंक की सीसीटीवी लेकर वह उस युवती से मिली थी। उससे जब पूछा कि मेरे बेटे को क्यों मारा तो वह बोली- अभी एक गया है, दूसरे को संभालकर रख। जो कहा था वो कर दिखाया है। गीता का कहना है कि इस धमकी के बाद वह बहुत डरी है।

एलआईसी ओबीसी महासम्मेलन संपन्न, सामाजिक न्याय की आवाज गूंजी:जातिगत जनगणना, पुरानी पेंशन बहाली व आरक्षण लागू करने की मांग

मथुरा में अखिल भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अन्य पिछड़ा वर्ग कर्मचारी कल्याण संघ का छठा उत्तर मध्य क्षेत्रीय महासम्मेलन शनिवार को संपन्न हुआ। इस महासम्मेलन में सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जातिगत जनगणना तथा पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसी प्रमुख मांगें उठाई गईं। उत्तर मध्य क्षेत्र के 12 मंडलों सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों कर्मचारियों, पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया, जिससे संगठनात्मक एकजुटता प्रदर्शित हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद और संसदीय समिति (ओबीसी कल्याण) के सदस्य रमाशंकर राजभर थे। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य विनोद सविता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भारतीय जीवन बीमा निगम के वर्तमान बोर्ड ऑफ डायरेक्टर विनोद कुमार वर्मा भी इस अवसर पर मौजूद थे। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. योगेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें मंडल आयोग के अधूरे एजेंडे को पूरा करना, जातिगत जनगणना कराना, क्रीमीलेयर की सीमा बढ़ाना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना और निजी क्षेत्र व उच्च न्यायपालिका में आरक्षण लागू करना शामिल था। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा। सांसद रमाशंकर राजभर ने कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित बताया और उन्हें संसद में उठाने का आश्वासन दिया। विनोद सविता ने इस दौरान कर्मचारियों से अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। इस महासम्मेलन में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें देवनारायण गुर्जर, राकेश यादव, सुरेश कुमार गुर्जर, मांदीवाल, टैंक साहब, पूजा योगी, विजय कुमार गंगापुत्र, डी. श्रीनिवास राव, सत्य प्रकाश चंद्राकर, चंद्रप्रकाश और अशोक कुमार प्रमुख थे। देहरादून, हल्द्वानी, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, फैजाबाद, कानपुर और लखनऊ सहित 12 मंडलों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में कर्मचारियों के हितों, सामाजिक न्याय और संगठन की मजबूती से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए।

एलएलबी प्रथम सेमेस्टर परिणाम लंबित:द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा शुरू, छात्रों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप मांगा

मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर का परिणाम जारी किए बिना द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होने से छात्रों में रोष है। इस मामले को लेकर केजीके कॉलेज के छात्र सचिन चौधरी ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। छात्र सचिन चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक प्रथम सेमेस्टर का परिणाम घोषित नहीं किया है, जबकि द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि परिणाम के बिना अगली परीक्षा देना छात्रों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन रहा है। छात्रों के अनुसार, इससे पहले भी परिणाम जारी करने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था। हालांकि, इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों का आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद विश्वविद्यालय की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। सचिन चौधरी ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के इतिहास में संभवतः यह पहली बार है जब पिछली कक्षा का परिणाम घोषित किए बिना अगली कक्षा की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से इस मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द प्रथम सेमेस्टर का परिणाम जारी करने की मांग की है, ताकि छात्र बिना किसी तनाव के अपनी परीक्षाएं दे सकें।

शिक्षक, छात्र-छात्राएं प्रकृति संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं: प्रो.सीके गौतम 

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर आगरा कॉलेज में विविध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया 

बाबा न्यूज 

आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आगरा कॉलेज, आगरा में संस्थान नवाचार परिषद (IIC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से विविध जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में एक विशेष “सिग्नेचर वॉल” स्थापित की गई, जिस पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम, उप-प्राचार्य प्रो. पी. बी. झा, शिक्षकगण, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। यह सिग्नेचर वॉल प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक जागरूकता एवं उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक बनी।

कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं द्वारा सीड बॉल (Seed Ball) निर्माण गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अभिनव गतिविधि के माध्यम से हरित क्षेत्र में वृद्धि, जैव विविधता संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा स्वच्छता अभियान चलाकर परिसर की व्यापक सफाई की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण का संदेश समाज तक पहुंचाया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम एवं उप-प्राचार्य प्रो. पी. बी. झा ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से प्रकृति संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान नवाचार परिषद (IIC) के संकाय एवं छात्र सदस्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) समिति के कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना तथा समाज को स्वच्छ, हरित एवं सतत् विकास की दिशा में प्रेरित करना था।

 

विश्वविद्यालय में नहीं हो रही कर्मचारियों की मांगो पर कोई सुनवाई :अखिलेश चौधरी

 

विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ का धरना शुरू, लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी

बाबा न्यूज 

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर  धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारी संघ का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांगों का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होना पड़ा।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।

अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने बताया कि धरने पर बैठे कर्मचारियों की प्रमुख मांगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करना, पात्र तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को एसीपी का लाभ प्रदान करना, प्रोन्नत कर्मचारियों को एक वेतन वृद्धि देना, अवशेष संविदा कर्मचारियों को स्थायी करना, कर्मचारियों के हित में अधिक ब्याज दर उपलब्ध कराने वाले बैंक की स्थापना तथा शासनादेश के अनुरूप प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पदनाम प्रदान करना शामिल है।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने चेतावनी दी है कि मांगों के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

धरने में बैठने वालों में अध्यक्ष अखिलेश चौधरी, उपाध्यक्ष निखिल शर्मा, से मंत्री कुलदीप यादव, डॉ संतोष यादव, राजेश भटनागर, रीनेश शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा, संजय चौहान सौरभ शर्मा आदि लोग थे।