कानपुर में महिला आयोग की चौपाल:अध्यक्ष ने 61 मामलों पर तुरंत एक्शन लिया; बोलीं- जल्द लागू हो महिला आरक्षण बिल
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर गुरुवार को कानपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने 4 बजे आयोजित एक विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और मौके पर ही अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े कुल 61 गंभीर मामले सामने आए। आयोग की अध्यक्ष ने साफ किया कि पीड़ित महिलाओं को समय पर और त्वरित न्याय दिलाना ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कानपुर में हुई इस जनसुनवाई के दौरान पहुंचे 61 मामलों में से अधिकांश मामले घरेलू और पारिवारिक विवाद के थे। इसके अलावा महिलाओं ने कार्यस्थल और आस-पास होने वाले यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट), तेजी से बढ़ते साइबर अपराध और जमीन-जायदाद से जुड़े संपत्ति विवादों की भी शिकायतें दर्ज कराईं। इन सभी संवेदनशील मामलों को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष ने संबंधित पुलिस और प्रशासनिक विभागों के अधिकारियों के साथ सीधा तालमेल बिठाया, ताकि ज्यादा से ज्यादा मामलों का तुरंत और सही निपटारा कराया जा सके। महिलाओं को तुरंत न्याय दिलाना हमारी पहली प्राथमिकता अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मामलों की सुनवाई के बाद कहा कि महिलाओं को किसी भी तरह की प्रताड़ना से बचाना और उन्हें तुरंत न्याय दिलाना ही महिला आयोग का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने शहर के प्रशासनिक अमले को भी महिलाओं से जुड़ी शिकायतों पर संवेदनशीलता बरतने को कहा। साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि महिलाओं की आवाज को सीधे सरकार और सिस्टम तक पहुँचाने के लिए ऐसे जनसुनवाई कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि कोई भी पीड़ित महिला खुद को अकेला न समझे। देश के विकास के लिए महिला आरक्षण बिल लागू होना बेहद जरूरी इस दौरान विजया रहाटकर ने देश में चर्चा का विषय बने महिला आरक्षण बिल पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि इस बिल को जल्द से जल्द जमीन पर लागू किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि महिलाओं को राजनीति और बड़े निर्णय लेने वाली प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जितनी अधिक भागीदारी मिलेगी। देश का विकास उतनी ही तेजी से और एक नई दिशा में होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय की सबसे बड़ी मांग यही है कि महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को आगे बढ़ाया जाए और इसके लिए महिला आरक्षण का प्रभावी ढंग से लागू होना बेहद जरूरी है।

