हार्मोनी अपार्टमेंट की सील तोड़ी–नोटिस फाड़ा, जबरन घुसा बिल्डर:कानपुर में बारिश के दौरान धंसी थी बिल्डिंग, केडीए अफसर बोले– एक्शन होगा
कानपुर काकादेव के नवीन नगर में बारिश के दौरान धंसने वाला हार्मोनी अपार्टमेंट के बिल्डर ने सोमवार को इसकी सील तोड़ दी और चस्पा नोटिस को फाड़ दिया। इसके बाद अपार्टमेंट की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है। इतना ही नहीं जिस बिल्डिंग में खतरा मंडरा रहा सभी फ्लैट वालों को नियम और कानून को ताक पर रखकर बिल्डिंग के भीतर अपार्टमेंट में रहने की खुद ही इजाजत दे डाली। वहीं, दूसरी तरफ जब केडीए के अफसरों से इस मामले को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि फिलहाल अभी एचबीटीयू से जांच पूरी नहीं हो सकी है। फ्लैट मौजूदा समय में सील है। अगर इससे बिल्डर या वहां के रहने वालों ने कोई छेड़खानी की है या बगैर अनुमति के रहने के लिए घुसे हैं तो उनके खिलाफ जांच के बाद एक्शन लिया जाएगा।
काकादेव नवीन नगर के भवन संख्या- 117/एल-61-ए-(1) पर बिल्डर अशोक मेहरा ने आठ साल पहले हार्मोनी अपार्टमेंट बनाया था, इसमें 16 फ्लैट हैं। कानपुर में 2 जुलाई की देर रात भीषण बारिश होने के चलते 3 जुलाई की सुबह इस अपार्टमेंट का बेसमेंट धंसने से फ्लैट की दीवार भरभराकर गिर गई थी। इसके चलते अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई थी। जानकारी मिलने के बाद केडीए के अफसर मौके पर जांच करने पहुंचे थे, बिल्डिंग धंसने की आशंका के चलते वहां पर रहने वाले 13 फ्लैट के 50 लोगों से अपार्टमेंट खाली करा लिया गया था। केडीए ने बिल्डिंग को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया था। इसके बाद एचबीटीयू की टीम जांच कर रही है, लेकिन अभी तक केडीए और एचबीटीयू की जांच रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन बिल्डर अशोक मेहरा ने स्ट्रक्चरल इंजीनियर, डिजाइनर और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट्स से जांच कराकर सील तोड़कर और नोटिस हटाकर अपार्टमेंट में मेंटीनेंस का काम शुरू करा दिया। बिल्डर अशोक मेहरा ने दावा किया कि स्ट्रक्चरल इंजीनियर, डिजाइनर और प्रोजेक्ट कंसल्टेंट्स की जांच रिपोर्ट में अपार्टमेंट को पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है। उनका कहना है कि नुकसान केवल बाहरी हिस्से में हुआ है, जिसकी वजह नगर निगम के नाले का खराब निर्माण, भारी बारिश और अपार्टमेंट के नीच से गुजर रही कानपुर मेट्रो के टनलिंग काम हैं।
केडीए-HBTU की नहीं आई जांच रिपोर्ट, बिल्डर ने शुरू कर दिया काम इस मामले की सच्चाई जानने के लिए हमने केडीए के अफसरों से बात की तो वह भी दंग रह गए। केडीए के विशेष कार्याधिकारी बृजेंद्र उपाध्याय ने कहा कि एचबीटीयू की स्ट्रक्चर की जांच रिपोर्ट दो-तीन दिन में आएगी। उन्होंने बताया कि बेसमेंट में पानी भरा होने के चलते बिल्डर को सिर्फ पानी निकालने की अनुमति दी गई थी। क्योंकि जलभराव रहने पर बिल्डिंग को खतरा हो सकता था। अगर केडीए की नोटिस बिना अनुमति हटाई गई है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की अभिरक्षा में बिल्डिंग को सील किया गया था। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक वहां पर किसी को रहने की अनुमति नहीं है। प्राइवेट कंपनी से जांच कराकर शुरू करा दिया काम बिल्डर अशोक मेहरा के मुताबिक, सुयश कंसल्टेंट्स के डॉ. रजत के. खरे की रिपोर्ट में अपार्टमेंट के कॉलम, बीम, स्लैब और भार वहन करने वाले हिस्सों में कोई संरचनात्मक क्षति नहीं मिली। दीवार ढहने और जमीन धंसने के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए गए हैं बाहरी दीवार की गहरी और मजबूत नींव नहीं थी। कानपुर मेट्रो की टनलिंग और भारी बारिश के कारण मिट्टी के नीचे खोखले स्थान बन गए, जिससे सेटबैक क्षेत्र धंस गया। रिपोर्ट में धंसी हुई मिट्टी की ग्राउटिंग, मजबूत आरसीसी नींव पर नई दीवार का निर्माण, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और नगर निगम व मेट्रो के साथ समन्वय कर नाले के पुनर्निर्माण की सिफारिश की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि मरम्मत में देरी होने पर भविष्य में मुख्य भवन की नींव के आसपास जलभराव से नया खतरा पैदा हो सकता है।

