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वाराणसी में लोलार्क-कुंड स्नान के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी:2 दिन तक 6 रूट नो-व्हीकल जोन, ट्रैफिक डायवर्जन के साथ पार्किंग तय

वाराणसी में सूर्य षष्ठी पर लोलार्क कुंड में स्नान को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने स्नान पर्व को लेकर 2 दिन की ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। जिसे हर रू पर सख्ती से लागू किया जाएगा। एडीसीपी ट्रैफिक के अनुसार यह व्यवस्था 16 सितंबर दोपहर 12 बजे से 17 सितंबर रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगी। अस्सी क्षेत्र में भारी भीड़ को देखते हुए कई रास्तों पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। शव वाहन, बीमार व विकलांग व्यक्तियों के वाहन, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। ट्रैफिक पुलिस ने सभी से अपील की है कि पर्व को सकुशल संपन्न कराने में सहयोग करें। इन रूट पर होगा डायवर्जन 1. बैंक ऑफ बड़ौदा से अस्सी चौराहा की तरफ कोई वाहन नहीं जाएगा। वाहन पद्मश्री चौराहा और रविदास गेट रोड डायवर्ट होंगे। 2. नगवाँ चौराहा से रविदास पार्क और अस्सी घाट की तरफ वाहन प्रतिबंधित, ट्रामा सेंटर व रविदास गेट जाएंगे। 3. पद्मश्री चौराहा से अस्सी चौराहा की तरफ नो एंट्री, वाहन ब्रॉडवे होटल और दुर्गाकुंड की तरफ डायवर्ट। 4. शिवाला मोड़ से अस्सी चौराहा नो एंट्री, वाहन ब्रॉडवे तिराहा व पद्मश्री चौराहा की तरफ जाएंगे। 5. ब्रॉडवे होटल तिराहा से सोनारपुरा की तरफ नो एंट्री, वाहन रवींद्रपुरी कॉलोनी रोड व विजया तिराहा की तरफ डायवर्ट। 6. सोनारपुरा तिराहा से अस्सी चौराहा की तरफ नो एंट्री, वाहन गोदौलिया / भेलूपुर चौराहा की तरफ जाएंगे। ये सड़कें नो व्हीकल जोन घोषित 1. बैंक ऑफ बड़ौदा तिराहा से अस्सी चौराहा तक
2. नगवाँ चौराहा से रविदास घाट तक
3. पद्मश्री चौराहा से अस्सी चौराहा तक
4. शिवाला तिराहा से अस्सी चौराहा तक
5. ब्रॉडवे तिराहा से सोनारपुरा तक
6. सोनारपुरा से अस्सी चौराहा तक इन जगहों पर बनाई गई पार्किंग मैदागिन की तरफ से आने वाले वाहन: टाउन हॉल मैदागिन, हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज के सामने खाली मैदान, नेशनल इंटर कॉलेज पीलीकोठी। बेनिया की तरफ से: राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज मैदान, बेनिया पार्किंग, सनातन धर्म इंटर कॉलेज (दो पहिया), गोदौलिया पार्किंग (दो पहिया)। लक्सा की तरफ से: मज़दा पार्किंग, गोदौलिया पार्किंग (दो पहिया)। भेलूपुर व BHU की तरफ से: भेलूपुर थाने के पास सिनेमा हॉल का मैदान (दो पहिया), बाबा कीनाराम आश्रम से आचार्य रामचंद्र शुक्ल चौराहा, रवींद्रपुरी तक रोड के दोनों तरफ।

सफाई कर्मचारियों के हितों की पैरवी करेगा आयोग- मकवाना:मेरठ पहुंचे राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था में सुधार पर दिया जोर

मेरठ में मंगलवार को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवंत प्रसाद मकवाना ने पहुंचकर सफाई कर्मचारी समाज से जुड़े विषयों के साथ-साथ प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सफाई कर्मचारी आयोग के गठन की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के हितों से संबंधित विषयों को संस्थागत रूप से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के सामने ठेकेदारी और नियमितीकरण जैसी बड़ी समस्याएं हैं। ऐसे में उनका विशेष फोकस ऐसे कर्मचारियों पर रहेगा, जो करीब 20 साल से संविदा पर काम कर रहे हैं। आयोग की ओर से इनके नियमितीकरण के लिए पूरी पैरवी की जाएगी। उन्होंने कहा कि निकायों में सफाई कर्मचारियों के पदों की संख्या के अनुसार भर्ती नहीं हो पाई है। भर्ती होने पर भी कई कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखा जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की आउटसोर्सिंग व्यवस्था की भी सराहना की। कहा कि आउटसोर्स निगम के गठन से करीब साढ़े तीन लाख कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास हुआ है। कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा के तहत पांच लाख रुपये का बीमा, बेटियों की पढ़ाई और विवाह के लिए सहायता, अवकाश सहित अन्य सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। न्यूनतम मजदूरी 12 हजार रुपये तय होने और महीने की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन खातों में पहुंचने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी और कर्मचारियों को पूरा वेतन मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने मैला ढोने की प्रथा समाप्त करने और सीवर सफाई में मशीनों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। सीवर में होने वाली मौतों को रोकना जरूरी है। सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू कराने पर भी जोर रहेगा।

युवा ही देश का भविष्य : प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह

 


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सेंट जॉन्स कॉलेज में विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग कार्यक्रम का आयोजन
आगरा। सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एस• पी• सिंह ने किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं, विकसित भारत का सपना तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक हमारी युवा पीढ़ी में सही नेतृत्व क्षमता, डिजिटल साक्षरता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना न हो l इसके उपरांत कार्यक्रम अधिकारी डॉ• आयशा बेगम ने छात्र-छात्राओं को बताया कि ‘माय भारत पोर्टल’ पर पंजीकरण कर ‘विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग’ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने में भूमिका निभाएं | इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ वेंकट स्वामी ने स्वयंसेवकों आगे के चरण की जानकारी दी। कार्यक्रम में पूर्व स्वयंसेवक कुर्बान, निखिल, अक्षय, स्वयंसेवक तुषार, राम मधुकर, कुशाग्र, स्वयंसेविका छाया, निशु, आंशिक आदि उपस्थित रहे |

प्राचीन सिद्धि विनायक मंदिर से गणपति के जयकरों के साथ निकली 66वीं भव्य शोभायात्रा

 

 

बाबा न्यूज़ 

आगरा। प्राचीन श्री सिद्धिविनायक मंदिर, गोकुलपुरा में 66वें गणेश महोत्सव का सोमवार को विधि विधान से पूजन कर और गणपति बप्पा मोरया के जयकारें लगाकर शुभारंभ हुआ। इसके बाद मंदिर से विशेष रथ में बैठकर शोभायात्रा में निकले चंदन के भगवान गणेश ने क्षेत्र के भक्तों को दर्शन दिए। वहीं गणपति भक्तों ने कई स्थानों पर गणपति जी की आरती उतारी।
प्राचीन श्री सिद्धिविनायक मंदिर महंत पं. मनीष शर्मा ने बताया कि 66वें गणेश उत्सव में प्रातः प्राचीन चंदन की गणेश प्रतिमा का गन्ने के रस से अभिषेक कर भव्य श्रृंगार किया गया और भव्य फूल बंगला में गणपति जी को विराजित कर उनके सम्मुख 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया गया। इसके उपरांत 100 बच्चों का पट्टी पूजन किया। शाम के समय गणेश महोत्सव का भाजपा नेता डाॅ. अलौकिक उपाध्याय ने गणपति जी की प्राचीन प्रतिमा का पूजन कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। मंदिर से शुरु हुई गणेश शोभायात्रा ने क्षेत्र के गोकुलपुरा, घटिया, छपैटी, राजामंडी बाजार आदि का भ्रमण कर पुनः मंदिर पर आकर विश्राम लिया। इस दौरान सैकड़ों गणपति भक्त शोभायात्रा में गणपति के गीतों पर झूमते नजर आए। शोभायात्रा में कमेटी के अध्यक्ष रजत अस्थाना, शरद अस्थाना, नरेश शर्मा, जितेंद्र प्रताप सिंह, उमेश उपाध्याय, सौरभ वर्मा, यश पंडित, अतुल गौतम, आशु अग्रवाल, विजय यादव, वैभव शर्मा, कुणाल गौतम, कृष्णा वर्मा सहित सैकड़ों गणपति भक्त शामिल रहे।

सोशल मीडिया पर डॉ. भीमराव आंबेडकर पर आपत्तिजनक कॉमेंट:लखनऊ के थाने में केस दर्ज, अकाउंट चलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग

डॉ. भीमराव आंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर सोशल अकाउंट के खिलाफ काकोरी पुलिस ने केस दर्ज किया है। यह केस नरौना गांव के रहने वाले उमेश की शिकायत पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी सोशल मीडिया अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। उमेश ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 21 अगस्त को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया था। आरोप है कि इस पोस्ट पर ‘विद्युत_307’ नाम के एक सोशल मीडिया अकाउंट से बाबा साहेब के बारे में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, टिप्पणी की भाषा इतनी खराब थी कि उसे शिकायत में हूबहू लिखना सही नहीं है। सार्वजनिक टिप्पणी से भावनाएं आहत उमेश ने पुलिस को आपत्तिजनक टिप्पणी का स्क्रीनशॉट और वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने मूल पोस्ट, आरोपी अकाउंट और कमेंट के स्क्रीनशॉट के साथ पोस्ट का लिंक भी पुलिस को दिया है। कहा है कि इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। साथ ही, डॉ. आंबेडकर को मानने वाले दूसरे लोगों की भावनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इससे सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक शांति बिगड़ने की आशंका है। अकाउंट चलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए अकाउंट चलाने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके लिए मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, लॉगइन डिटेल और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड जुटाए जाएं। सभी डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में पोस्ट या अकाउंट हटाकर सबूत मिटाए न जा सकें। प्रभारी निरीक्षक सतीश राठौर के आदेश पर काकोरी पुलिस ने 13 सितंबर को मिली शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले अकाउंट चलाने वाले की पहचान के साथ डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।

सहारनपुर में मेला गुघाल की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम:CCTV से होगी निगरानी, कंट्रोल रूम बनेगा, पुलिस-मजिस्ट्रेट रहेंगे तैनात

सहारनपुर में मेला गुघाल की तैयारियों को लेकर सोमवार शाम पांच बजे कलेक्ट्रेट के नए सभागार में समीक्षा बैठक की गई। एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर सिंह की अध्यक्षता और एसपी सिटी व्योम बिंदल की मौजूदगी में अधिकारियों ने मेले की व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर निर्देश दिए। यह मेला 21 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलेगा। एडीएम ने मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, कंट्रोल रूम बनाने और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। मेले में काफी पुलिस बल तैनात रहेगा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी मिलकर ड्यूटी करेंगे। अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को समय से पूरा करने को कहा गया। मेले में बिजली, पीने का पानी, सफाई और मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। पार्किंग के लिए सही जगह तय करने के साथ ही दुकानों को भी तय जगह पर लगाने को कहा गया, ताकि भीड़ और यातायात पर असर न पड़े। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एंबुलेंस और डॉक्टरों की मौजूदगी रहेगी। नाले-नालियों की सफाई के साथ फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए। खाने-पीने की चीजों की जांच के लिए टीम काम करेगी। प्रसाद बेचने वालों को प्रसाद ढककर रखने और खाने की चीजों के स्टॉल टीन शेड में सुरक्षित तरीके से लगाने के निर्देश दिए गए। सभी दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना जरूरी होगा। मेले में बिजली के तार लटके नहीं होने चाहिए। सभी कनेक्शन नियमों के हिसाब से दिए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी को झूलों की तकनीकी जांच कराने और बिना अनुमति किसी भी स्ट्रक्चर को नहीं लगाने के निर्देश दिए गए। फायर ब्रिगेड को काफी फायर टेंडर और किसी भी इमरजेंसी से निपटने की व्यवस्था रखने को कहा गया। एडीएम ने पीडब्ल्यूडी, बिजली और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों को सक्रिय होकर सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेले में संस्कृति और राष्ट्रीयता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम कराने पर भी जोर दिया। बैठक में अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार, नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह समेत कई विभागों के बड़े अधिकारी मौजूद रहे।

सहारनपुर में OTS योजना में 913 करदाताओं ने आवेदन किया:695 आवेदनों का निस्तारण, 52.83 लाख रुपए जमा; 14 नवंबर तक मिलेगा छूट का लाभ

सहारनपुर नगर निगम की गृहकर, जलकर और सीवरकर की एकमुश्त समाधान योजना (OTS) को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। योजना शुरू होने के बाद से सोमवार शाम पांच बजे तक 913 करदाताओं ने आवेदन किया है। इनमें से 695 आवेदनों का निस्तारण हो चुका है। 211 करदाताओं ने बकाया टैक्स जमा करके ब्याज में छूट का फायदा उठाया है। इस योजना के तहत नगर निगम के खाते में अब तक 52 लाख 83 हजार रुपए जमा हुए हैं। कर निर्धारण अधिकारी श्रुति माहेश्वरी ने बताया कि नगर निगम ने 15 अगस्त से OTS योजना शुरू की है। यह योजना शासन के निर्देश पर शुरू की गई है। इसके तहत बकाया गृहकर, जलकर और सीवरकर का पूरा मूलधन जमा करने पर करदाताओं को ब्याज में पूरी छूट मिल रही है। इस योजना का फायदा उठाने की आखिरी तारीख 14 नवंबर 2026 तय की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि ज्यादा से ज्यादा करदाताओं को योजना से जोड़ने के लिए नगर निगम अलग-अलग वार्डों में कैंप लगा रहा है। इन कैंपों में OTS के आवेदन लिए जा रहे हैं। साथ ही, करंट बिल जमा कराने और टैक्स संबंधी आपत्तियों को भी निपटाया जा रहा है। सितंबर में OTS का फायदा लेने वाले करदाताओं को एक और लाभ मिलेगा। अगर कोई करदाता सितंबर में अपना बकाया टैक्स जमा करता है, तो उसे पूरी ब्याज छूट के साथ चालू वित्त वर्ष की डिमांड पर 20 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। करदाता upulbots.in वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। नगर निगम ने आने वाले कैंपों की जानकारी भी दी है। 15 सितंबर को वार्ड 47, 52 और 59 का कैंप नवाबगंज चौक पर लगेगा। 16 सितंबर को वार्ड 43, 69 और 70 का कैंप रांघड़ों के पुल पुलिस चौकी पर होगा। 17 सितंबर को वार्ड 57, 62 और 68 का कैंप तेलियों का चौक पर लगेगा। वहीं, 18 सितंबर को वार्ड 53, 61 और 67 का कैंप रहमानी चौक स्थित पार्षद मोहतमिम के ऑफिस पर आयोजित किया जाएगा।

साहीन एकेडमी में बच्चों का ‘विद्रोह’:अलीगढ़ के निजी स्कूल के हॉस्टल की बदहाली पर सड़क पर उतरे छात्र, शरीर पर चकत्ते और इंफेक्शन की शिकायत, वार्डन निलंबित

जैन जी की तर्ज पर जैन अल्फा भी विभिन्न पर आंदोलित है। इसी क्रम में सोमवार को साहीन एकेडमी स्कूल के बच्चों का गुस्सा भी सड़क पर फूट पड़ा। अमरोली रोड स्थित साहीन एकेडमी में सोमवार को हॉस्टल की बदहाली और बच्चों की समस्याओं को लेकर छात्रों ने पहले स्कूल के अंदर हंगामा किया और फिर बाहर निकलकर एफएम टावर तक प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रदर्शन ने स्कूल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में सफाई की स्थिति खराब है और कई बच्चों के शरीर पर चकत्ते व इंफेक्शन जैसी परेशानी हो रही है। खाने-पीने और राशन की व्यवस्था से लेकर बिजली की समस्या तक छात्र लंबे समय से शिकायत करते रहे, लेकिन उनका आरोप है कि प्रबंधन ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। सोमवार को नाराजगी इतनी बढ़ी कि बच्चे स्कूल से बाहर निकलकर प्रदर्शन करने लगे।
बीमारी की शिकायत… फिर भी सवाल, बच्चों की सुनवाई क्यों नहीं?
छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की सेहत को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। इसके बावजूद सफाई और दूसरी व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बच्चों ने सवाल उठाया कि अगर किसी छात्र की तबीयत बिगड़ती है या मामला गंभीर होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? यह सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि हॉस्टल में करीब 150 बाहरी छात्र रहते हैं। हालांकि, बच्चों में बताए जा रहे इंफेक्शन के कारण और उसकी चिकित्सकीय स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग से जांच और बच्चों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जरूरत भी सामने आती है।
वार्डन पर उत्पीड़न के आरोप, छात्र ने जान देने की कोशिश का दावा
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने वार्डन पर कथित उत्पीड़न के भी गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का दावा है कि पिछले दिनों एक छात्र ने परेशान होकर हॉस्टल की बिल्डिंग से कूदकर जान देने की कोशिश की थी। छात्रों का आरोप है कि इस घटना को भी दबा दिया गया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि, छात्रों के प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रबंधन ने वार्डन को निलंबित कर दिया। अब सवाल यह है कि वार्डन पर लगे आरोपों और छात्र द्वारा आत्महत्या के प्रयास के दावे की निष्पक्ष जांच होगी या नहीं।
स्कूल के अंदर से बाहर तक हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे तक चला। पहले छात्रों ने स्कूल परिसर में अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद वे बाहर निकलकर एफएम टावर तक पहुंच गए। सूचना पर इंस्पेक्टर धीरज यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्कूल प्रबंधन के अधिकारी भी पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। काफी समझाने के बाद छात्रों को वापस स्कूल परिसर में लाया गया। प्रबंधन से जुड़े अधिकारी ने छात्रों की समस्याओं के समाधान का भरोसा देते हुए कहा कि हर मांग की अलग-अलग समीक्षा कर उसका निस्तारण कराया जाएगा।
150 बच्चों की जिम्मेदारी, व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल
साहीन एकेडमी शहर से करीब 5-6 किलोमीटर दूर अमरोली रोड पर स्थित है। यहां स्थानीय बच्चों के साथ बाहर से आने वाले विद्यार्थी भी पढ़ते हैं। हॉस्टल में करीब 150 बच्चे रहते हैं। ऐसे में सफाई, भोजन, बिजली और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही सीधे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ती है। छात्रों का सड़क पर उतरना सिर्फ एक दिन का हंगामा नहीं, बल्कि उनकी लगातार शिकायतों की गंभीरता पर सवाल है। अगर शिकायतें पहले ही सुनी जातीं और व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जातीं तो क्या बच्चों को स्कूल से बाहर निकलकर प्रदर्शन करना पड़ता?
बच्चों का गुस्सा लगातार सड़क पर
अलीगढ़ में स्कूली छात्रों के आंदोलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दादों के बेसिक स्कूल के बाद अब साहीन एकेडमी में छात्रों का प्रदर्शन स्कूल प्रबंधन के लिए बड़ा अलार्म है। बच्चों की शिकायतों को दबाने या प्रदर्शन के बाद शांत कराने के बजाय उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है। फिलहाल स्कूल में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन शरीर पर चकत्ते और इंफेक्शन की शिकायत, हॉस्टल की सफाई, भोजन-बिजली की व्यवस्था और वार्डन पर लगे आरोपों की जांच अब सबसे बड़ा सवाल है। प्रबंधन ने समाधान का भरोसा दिया है, अब निगाह इस बात पर है कि बच्चों की शिकायतों पर जमीन पर कितना बदलाव होता है।
्र हमारे स्तर से लगातार बच्चों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाता है। बच्चे ने कब सुसाइड की कोशिश की। यह जानकारी में नहीं है। फिर भी अब बच्चों द्वारा जो मुद्दे उठाए गए हैं, उन पर ध्यान दिया जा रहा है। उनकी एक एक समस्या का समाधान होगा। वार्डन को निलंबित कर दिया गया है।-डा.आसिफ, सदस्य स्कूल मैनेजमेंट टीम

स्वामी माधवप्रियदास बोलें- स्वराज्य के लिए स्वबोध जरूरी:अपनी भाषा-संस्कृति पर हो गर्व; संस्कृत विश्वविद्यालय में ग्रंथ का लोकार्पण

हिंदी दिवस पर सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘स्वराज्य, स्वबोध और भारतीय भाषाओं की भूमिका’ विषय पर विशेष व्याख्यान और विचार-विमर्श हुआ। मुख्य वक्ता स्वामीनारायण गुरुकुल विश्वविद्यालय प्रतिष्ठानम्, गुजरात के अध्यक्ष एवं वेदान्ताचार्य स्वामी माधवप्रियदास ने कहा कि स्वराज्य केवल राजनीतिक आजादी नहीं है, बल्कि अपनी भाषा, संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा की समझ भी इसका हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वबोध के बिना स्वराज्य अधूरा है। कार्यक्रम में स्वामी माधवप्रियदास की किताब ‘श्रीस्वामीनारायणदर्शनसारसंग्रह’ ग्रंथ का लोकार्पण भी किया गया। गुरु के बिना ग्रंथों का ज्ञान अधूरा स्वामी माधवप्रियदास ने कहा कि गुरु शास्त्रों के ज्ञान को जीवन के अनुभव और साधना से जोड़कर उसका वास्तविक अर्थ समझाते हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा में वेद, शास्त्र और गुरु तीनों का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा और संस्कृति की जानकारी के बिना व्यक्ति अपनी ज्ञान परंपरा को पूरी तरह नहीं समझ सकता। स्वराज्य सिर्फ राजनीतिक आजादी नहीं उन्होंने कहा कि स्वराज्य का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है। स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत और अपनी अस्मिता के प्रति जागरूक भारत ही वास्तविक स्वराज्य की दिशा है। इसके लिए स्वबोध जरूरी है और स्वबोध अपनी भाषा, संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा को समझने से आता है। भारतीय भाषाएं अस्मिता और ज्ञान की वाहक स्वामी माधवप्रियदास ने कहा कि भारत की अलग-अलग भाषाओं, मतों, पंथों और परंपराओं के बावजूद सांस्कृतिक चेतना एक है। भारतीय भाषाएं केवल बातचीत का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें समाज के संस्कार, अनुभव और ज्ञान परंपरा भी सुरक्षित है। डिजिटल दौर में ग्रंथों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं उन्होंने कहा कि डिजिटल युग भारतीय भाषाओं और शास्त्रीय ग्रंथों के संरक्षण का बड़ा अवसर है। तकनीक की मदद से भारतीय ज्ञान-संपदा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए। वेद-शास्त्रों में मौजूद ज्ञान का आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर अध्ययन और शोध भी किया जाना चाहिए। स्वबोध के बिना स्वराज्य अधूरा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दर्शन संकायाध्यक्ष एवं तुलनात्मक धर्म-दर्शन विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने कहा कि व्यक्ति और समाज को अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और ज्ञान-स्रोतों की समझ होगी, तभी स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ जीवन में उतर सकेगा। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस को केवल हिंदी के प्रयोग और प्रचार तक सीमित नहीं रखना चाहिए। यह दिन सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान और भारतीय ज्ञान परंपरा को फिर से समझने का अवसर भी है। भाषा बचाने का मतलब ज्ञान परंपरा बचाना वेदान्त विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. सुधाकर मिश्र ने कहा कि भारतीय भाषाओं में दर्शन, अध्यात्म, संस्कृति और जीवन-दृष्टि का बड़ा भंडार मौजूद है। इसलिए भाषाओं का संरक्षण केवल शब्दों को बचाना नहीं, बल्कि पीढ़ियों से संचित ज्ञान और संस्कारों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों, विद्वानों और नई पीढ़ी को मिलकर भारतीय ग्रंथों के अध्ययन, संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रसार पर काम करना चाहिए। स्वामी माधवप्रियदास की पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान स्वामी माधवप्रियदास द्वारा रचित ‘श्रीस्वामीनारायणदर्शनसारसंग्रह’ ग्रंथ का लोकार्पण किया गया। ग्रंथ को भारतीय दार्शनिक और आध्यात्मिक चिंतन को वर्तमान विमर्श से जोड़ने वाली पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। वैदिक मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक एवं पौराणिक मंगलाचरण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बीज वक्तव्य दिया। संचालन प्रो. सुधाकर मिश्र ने किया। स्वामी माधवप्रियदास को अभिनंदन-पत्र, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

सोशल मीडिया के भुलावे से बचें, हॉस्टल जीवन भविष्य की चुनौतियों के लिए करता है तैयार : डॉ. सीमा प्रताप

 

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में किशोरियों के लिए दो दिवसीय जीवन कौशल विकास कार्यशाला एवं भ्रमण कार्यक्रम

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आगरा। किशोरियों को शिक्षा के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से खंदौली और बरौली अहीर ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के माध्यमिक एवं जूनियर स्कूलों में दो दिवसीय जीवन कौशल विकास कार्यशाला एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व आकांक्षा महिला समिति की अध्यक्ष डॉ. सीमा प्रताप ने किया, जबकि कार्यशाला का संचालन आकांक्षा आगरा की सचिव सुभाषिनी पालीवाल ने किया।
कार्यशाला में छात्राओं को जीवन में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों का आत्मविश्वास और विवेक के साथ सामना करने के लिए जरूरी जीवन कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विभिन्न गतिविधियों, अभ्यासों, संवाद और क्विज के माध्यम से छात्राओं को निर्णय लेने, समस्या समाधान और प्रभावी संवाद के गुर सिखाए गए।
डॉ. सीमा प्रताप ने छात्राओं को सोशल मीडिया के भुलावे में न आने की सलाह देते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञान और सकारात्मक विकास के लिए किया जाना चाहिए, न कि उसके आकर्षण में अपना समय और लक्ष्य गंवाने के लिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहकर अनुशासन और आत्मनिर्भरता सीखने वाली छात्राएं भविष्य में जीवन की अनेक चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करती हैं।
उन्होंने बालक-बालिका के बीच होने वाले भेदभाव पर भी छात्राओं से संवाद किया और बताया कि समान अवसर, शिक्षा और सम्मान हर बालिका का अधिकार है। छात्राओं को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि परिवार और समाज में लैंगिक भेदभाव को किस प्रकार सकारात्मक सोच और जागरूकता के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
सुभाषिनी पालीवाल के निर्देशन में चले सत्रों में छात्राओं को निर्णय क्षमता, समस्या समाधान, गंभीर चिंतन और रचनात्मक सोच विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही दैनिक जीवन के तनाव और उलझनों से निपटने, अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने तथा दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने पर विशेष जोर दिया गया।
छात्राओं को सामाजिक और भावनात्मक दबाव से निपटने, विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ता के साथ ‘ना’ कहना, आपसी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करने तथा स्वयं के प्रति विश्वास बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
कार्यशाला में किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी प्रमुखता दी गई। छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, माहवारी स्वच्छता, संतुलित आहार और बेहतर स्वास्थ्य आदतों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीमा प्रताप एवं आकांक्षा महिला समिति की टीम ने विद्यालय परिसरों का निरीक्षण कर छात्राओं की प्रोफाइल, भोजन व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था, हॉस्टल सुविधाओं और खेलकूद संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। छात्राओं के प्रवेश की प्रक्रिया, उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि तथा केजीबीवी में प्रवेश की पात्रता से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की गई।
इस दौरान छात्राओं के साथ क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. सरोज प्रशांत, डॉ. अपर्णा पोद्दार, डॉ. दीपा रावत, अशु मित्तल, वीना खंडेलवाल, मीरा गुप्ता, रत्ना अस्थाना, साक्षी अग्रवाल आदि उपस्थित रहीं।