डिप्टी कलेक्टर्स ने शिविरी प्लांट का किया भ्रमण:कूड़ा निस्तारण प्रोसेस को समझा, खाद और नारियल के खोल से रस्सी बनाने की प्रक्रिया को जाना
लखनऊ के शिविरी में स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में शनिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासनिक अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे 44 ट्रेनी डिप्टी कलेक्टरों ने दौरा किया। इस दौरे का मकसद अधिकारियों को यह समझाना था कि शहर के कूड़े-कचरे का वैज्ञानिक तरीके से कैसे सही निपटारा किया जाता है। सफाई एवं खाद्य निरीक्षक जितेंद्र वर्मा ने सभी अधिकारियों को पूरे प्लांट का चक्कर लगवाया और वहां होने वाले कामों के बारे में विस्तार से बताया है। इसमें बताया गया कि शहर के घरों से आने वाले कचरे को सबसे पहले गीले और सूखे कचरे में अलग-अलग किया जाता है। इसके बाद जो कचरा दोबारा इस्तेमाल हो सकता है, उसे अलग कर लिया जाता है और बाकी बचे कचरे को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाता है ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। गीले कचरे से बनती है जैविक खाद अधिकारियों को दिखाया गया कि कैसे रसोई और बाजारों से निकलने वाले गीले कचरे को सड़ाकर बेहतरीन क्वालिटी की जैविक खाद (कंपोस्ट) तैयार की जाती है। इस खाद का इस्तेमाल खेती और पेड़-पौधों के लिए किया जाता है। प्लांट की एक और खास बात यह रही कि यहां फेंक दिए जाने वाले नारियल के कड़क छिलकों (खोलो) को मशीनों की मदद से प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद उनसे मजबूत और टिकाऊ रस्सियां बनाई जाती हैं। इससे कचरा भी कम होता है और लोगों को रोजगार भी मिलता है। अधिकारियों को मिला व्यावहारिक ज्ञान नवनियुक्त डिप्टी कलेक्टरों ने इस प्लांट की तारीफ करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें स्वच्छता प्रबंधन और कचरे से काम की चीजें बनाने की आधुनिक तकनीक को करीब से समझने का मौका मिला। यह प्रैक्टिकल नॉलेज उन्हें भविष्य में अपनी प्रशासनिक ड्यूटी निभाने में बहुत मदद करेगी।

