बैंकिंग ज्ञान से मिली सफलता की नई राह, महिला उद्यमियों ने सीखे वित्तीय प्रबंधन के गुर

शी विल इंस्पायर संस्था के वित्तीय जागरूकता सत्र में व्यवसायिक ऋण, निवेश, बचत और सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
हर महिला को वित्तीय रूप से जागरूक होना जरूरी : अंजू मित्तल
बाबा न्यूज
आगरा। महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें बैंकिंग व्यवस्था की बेहतर समझ प्रदान करने के उद्देश्य से शी विल इंस्पायर संस्था द्वारा “बैंकिंग ऑन हर” विषय पर विशेष वित्तीय जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
होटल हॉलीडे इन में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक की जोनल हेड अंजू मित्तल ने महिलाओं को बैंकिंग, निवेश, ऋण, सरकारी योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी। पूरे सत्र के दौरान महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक रोचक एवं इंटरैक्टिव गतिविधि के साथ हुआ, जिसमें महिला उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय परिस्थितियों से जुड़े प्रश्न दिए गए। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और निर्णय साझा किए, जिससे उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि सही वित्तीय निर्णय व्यवसाय की सफलता और भविष्य की सुरक्षा के लिए कितने महत्वपूर्ण होते हैं। इस गतिविधि ने महिलाओं के आत्मविश्वास को भी नई ऊर्जा प्रदान की।
मुख्य वक्ता पंजाब नेशनल बैंक की जोनल हेड अंजू मित्तल ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रत्येक महिला का वित्तीय रूप से जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवन में तीन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए—परिवार एवं पारिवारिक व्यवसाय की वित्तीय जानकारी स्वयं के पास भी रखें, नियमित बचत करें और उस बचत का सही दिशा में पुनर्निवेश करें।
उन्होंने सलाह दी कि कभी भी अपनी पूरी पूंजी केवल एक ही निवेश योजना में न लगाएं। निवेश को फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर बाजार, सोना और प्रॉपर्टी जैसे विभिन्न माध्यमों में विभाजित करना अधिक सुरक्षित और लाभकारी होता है।
अंजू मित्तल ने बताया कि अधिकांश लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि बैंक खातों के साथ-साथ एटीएम कार्ड सहित कई बैंकिंग सेवाओं पर बीमा सुरक्षा भी उपलब्ध होती है। उन्होंने महिलाओं को पति के साथ संयुक्त बैंक खाता रखने की सलाह देते हुए कहा कि इससे आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक खाते और लॉकर के लिए नॉमिनी का चयन पूरी सावधानी से करना चाहिए।
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं वित्तीय मामलों में काफी जागरूक हैं और उन्हें अपने परिवार के बैंक खातों एवं बैंकिंग प्रक्रियाओं की अच्छी जानकारी रहती है। शहरी महिलाओं को भी इस दिशा में आगे आने की आवश्यकता है।
पंजाब नेशनल बैंक की मैनेजर (मार्केटिंग) मीनू गुप्ता ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बैंक की विभिन्न योजनाओं, व्यवसायिक ऋण, मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया सहित केंद्र सरकार की विभिन्न वित्तीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बैंक खातों पर मिलने वाली सुविधाओं, डिजिटल बैंकिंग, क्रेडिट स्कोर के महत्व तथा समय पर ऋण चुकाने के लाभों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
सत्र के दौरान महिला उद्यमियों ने खुलकर बैंकिंग प्रक्रियाओं, व्यवसायिक ऋण, निवेश, वित्तीय अनुशासन और आय-व्यय प्रबंधन से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सभी प्रश्नों के सरल एवं व्यावहारिक उत्तर देते हुए महिलाओं को व्यवसाय और व्यक्तिगत खातों को अलग रखने तथा व्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन अपनाने की सलाह दी।
शी विल इंस्पायर की संस्थापक राशि गर्ग ने कहा कि संस्था का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रेरित करना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक ज्ञान और अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि “वित्तीय जागरूता” जैसे कार्यक्रम महिलाओं को आत्मविश्वास देने के साथ-साथ उनके व्यवसाय को नई दिशा प्रदान करते हैं। भविष्य में भी संस्था इसी प्रकार के ज्ञानवर्धक एवं सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने उद्यमों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।
कार्यक्रम का संचालन पूजा लूथरा, दिव्या गुप्ता, रोली रस्तोगी एवं दीपिका ने किया, जबकि अतिथियों का परिचय दीक्षा असवानी ने कराया।
वित्तीय सत्र में कृतिका खन्ना, डॉ. भास्कर ज्योति, हरमीत कौर, सीएस चांदनी जैन, एड नम्रता मिश्रा, आस्था, डॉ. अरुजा लूथरा, पूजा असवानी, मीतू, राशि, शिवांगी जैन, श्रुति, तनु आदि ने सक्रिय सहभागिता करते हुए बैंकिंग एवं वित्तीय प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे।

