संत रविदास अमृत भारत एक्सप्रेस का स्वागत अनुयायी करेंगे:जौनपुर में पहली बार जनप्रतिनिधि नहीं, संत समाज करेगा अगवानी
जौनपुर में संत रविदास अमृत भारत एक्सप्रेस (14623/14624) का स्वागत इस बार एक नई परंपरा के तहत होगा। संत रविदास की तपोस्थली छेराहटा (अमृतसर) से उनकी जन्मस्थली वाराणसी के बीच चलने वाली इस ट्रेन का स्वागत पहली बार किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक नेता के बजाय संत रविदास पंथ के अनुयायी करेंगे। यह ट्रेन शनिवार सुबह 11 बजे जौनपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। जौनपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर संत रविदास समाज के लोग पारंपरिक तरीके से ट्रेन की अगवानी करेंगे। स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ समाजसेवी रमेश बौद्ध और रमेश चंद्र गौतम करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में रविदासिया समाज के श्रद्धालु स्टेशन पर उपस्थित रहेंगे। इस पहल को सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुयायियों का मानना है कि जिस महापुरुष के नाम पर यह ट्रेन शुरू की गई है, उसके स्वागत का पहला अधिकार उनके अनुयायियों को ही है। इस निर्णय से श्रद्धालुओं में संतोष और उत्साह है। रेलवे प्रशासन ने स्वागत समारोह के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार उपाध्याय और आरक्षण पर्यवेक्षक अनुराग तिवारी को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं। संत रविदास अमृत भारत एक्सप्रेस अमृतसर स्थित संत रविदास की तपोस्थली और वाराणसी स्थित उनकी जन्मस्थली को सीधे रेल मार्ग से जोड़ती है। यह नई रेल सेवा श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक होगी।

