गाजीपुर में माफिया राज खत्म, अब रात में सुरक्षित लड़कियां:प्रभारी मंत्री ने मोदी सरकार की 12 साल की उपलब्धियां गिनाईं

गाजीपुर के प्रभारी मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने आज जनपद के दौरे पर केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियां गिनाईं। राइफल क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने गाजीपुर में हुए करोड़ों के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। मंत्री जायसवाल ने मुख्तार अंसारी का नाम लिए बिना कहा कि 2017 से पहले यहां एक अपराधी माफिया का राज था। उस समय लोग रात 9 बजे के बाद गाजीपुर से होकर गुजरने से भी डरते थे। उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति बदल गई है और रात 12 बजे भी लड़कियां स्कूटी से सुरक्षित घर जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जिससे गाजीपुर की कानून व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पिछले लगभग नौ वर्षों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई है, जिससे हत्या, लूट और महिला अपराधों में कमी आई है। नशा तस्करों, गौ-तस्करों और गैंगस्टरों पर भी पुलिस का शिकंजा कसा है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से अब तक जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर बड़े स्तर पर कार्रवाई हुई है। करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई, हजारों अपराधियों को जेल भेजा गया और सैकड़ों को अदालत से सजा दिलाई गई। हत्या, लूट, चोरी और महिला संबंधी अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 626 मुकदमे दर्ज कर 779 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 3114 किलो गांजा और 33 किलो से अधिक हेरोइन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 75 करोड़ रुपये आंकी गई है। अवैध शराब के कारोबार पर भी पुलिस ने कड़ा प्रहार किया। आबकारी अधिनियम के तहत 3973 मुकदमे दर्ज कर 4712 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और 1 लाख 68 हजार लीटर से अधिक शराब बरामद की गई। अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान में 1875 मुकदमे दर्ज कर 2140 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 2089 अवैध शस्त्र और 2791 कारतूस बरामद हुए। गैंगस्टर एक्ट के तहत 335 मुकदमे दर्ज कर 1341 अपराधियों को जेल भेजा गया। वहीं 151 मामलों में कार्रवाई करते हुए 266 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई 112 मुठभेड़ों में 3 अपराधी मारे गए, जबकि 136 अपराधी घायल हुए। वहीं मजबूत पैरवी के चलते 1768 मुकदमों में 2673 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई, जिनमें 232 को आजीवन कारावास और 2 को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। वहीं गोवध और गौ-तस्करी के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। 600 मुकदमे दर्ज कर 1729 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 3606 गोवंश को मुक्त कराया गया तथा 454 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा 88 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। सिर्फ अपराध नियंत्रण ही नहीं, पुलिस आधारभूत ढांचे के विस्तार पर भी तेजी से काम कर रही है। रामपुर मांझा थाना, साइबर थाना भवन, अग्निशमन केंद्र, नई पुलिस चौकियों और बिरनो थाने के आधुनिक भवन सहित कई परियोजनाओं का निर्माण जारी है। पुलिस बल को भी मजबूती मिली है। इस अवधि में 2496 नए पुलिसकर्मी जनपद को मिले हैं। वहीं पुलिस लाइन में क्रेच, बैडमिंटन कोर्ट, क्रिकेट ग्राउंड और पुलिस कैफे जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। पुलिस कर्मियों के लिए नियमित योग और स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।

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