मानसिक तनाव बन रहा पेट की बीमारियों का बड़ा कारण
दिल और पेट की बीमारियों से बचाव के लिए अपनाएं स्वस्थ जीवनशैली
सर्राफा स्वर्णकार व्यवसायिक कमेटी के स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञों ने बताया स्वस्थ रहने का मंत्र
बाबा न्यूज
आगरा। मानसिक तनाव पेट को बहुत प्रभावित करता है। अपच, गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्याएं आम हैं। इन समस्याओं के लिए आप अपनी जीवनशैली और खान-पान में बदलाव कर सकते हैं। ये सलाह *गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पेट रोग विशेषज्ञ) डॉ. अनिमेष गुप्ता* ने कोतवाली स्थित आगरा मेडी सेंटर पर लगाए गए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में दी। शुक्रवार को सर्राफा स्वर्णकार व्यवसायिक कमेटी नमक मंडी की ओर से आयोजित हुए शिविर का शुभारम्भ *व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल, सराफा व्यवसायी नितेश अग्रवाल, अध्यक्ष डॉ. धीरज वर्मा, महासचिव कुमुद वर्मा, कोषाध्यक्ष संजय वर्मा और संरक्षक मनोज वर्मा* ने दीप प्रवज्जलित कर किया।
कार्डियोलॉजिस्ट (ह्रदय रोग विशेषज्ञ) डॉ. इंद्रपाल सिंह ने बताया कि हृदय रोगों के कई अंतर्निहित कारण हैं। तंबाकू का सेवन बंद करना, आहार में नमक की मात्रा कम करना, अधिक फल और सब्जियां खाना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और शराब के हानिकारक उपयोग से बचना हृदय रोग के जोखिम को कम करने में सहायक हैं। *जर्नल फिजिशियन डॉ. फैजान कादरी* के पास सर्वाधिक मरीज बुखार, वायरल संक्रमण, खांसी, गले में दर्द, सीने में संक्रमण आदि के पहुंचे।
अध्यक्ष डॉ. धीरज वर्मा ने बताया कि उजाला सिग्नल्स रेनबो अस्पताल की टीम के सहयोग से लगे शिविर में ईसीजी, वजन, बीपी, मधुमेह की जांचे हुई। रक्त की जांच में मधुमेह में युवाओं की संख्या अधिक रही इन्हें वजन नियंत्रित रखने की सलाह दी गई। शिविर में कुल 125 मरीजों ने चिकित्सीय परामर्श लिया। शिविर की व्यवस्था सहदेव शर्मा ने संभाली। इस अवसर पर रानू ठाकुर, राजेश अग्रवाल, अभिषेक वर्मा, विकास वर्मा, राजीव गुप्ता, मोहनलाल सोनी, सौरभ वर्मा, सुनील वर्मा, पंकज वर्मा, मुन्ना लाल शिवहरे, तरुण वर्मा, शेखर आदि मौजूद रहे।

