रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शोधार्थी ने जीता विश्व योगासन चैंपियनशिप:कलात्मक योगासन में प्रवीण पाठक ने भारत को दिलाया स्वर्ण पदक
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पीएचडी शोध छात्र प्रवीण कुमार पाठक ने प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने कलात्मक योगासन के सीनियर पुरुष वर्ग में यह उपलब्धि हासिल कर भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता अहमदाबाद के ट्रांसस्टेडिया स्टेडियम में 4 से 8 जून तक आयोजित की गई थी। इसमें 75 से अधिक देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रवीण ने अपने शानदार प्रदर्शन से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रवीण कुमार पाठक केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक शोधार्थी भी हैं। उन्होंने बीएससी फिजिकल एजुकेशन और एमएससी योग साइंस की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वे रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शोध कार्य कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने इसे संस्थान की योग और खेल संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में विकसित की गई “योग वाटिका” जैसी पहलें छात्रों को योग के प्रति प्रेरित करती हैं। प्रवीण की सफलता इन्हीं प्रयासों का परिणाम है। प्रवीण एशियन चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उन्होंने अपनी इस सफलता को देश और योग परंपरा को समर्पित किया। प्रवीण का कहना है कि योग ने उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य तक पहुंचने की शक्ति प्रदान की है। उनका लक्ष्य भविष्य में प्रोफेसर बनने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व जारी रखना है। विश्वविद्यालय परिवार ने प्रवीण की इस उपलब्धि को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। यह सफलता दर्शाती है कि बरेली की प्रतिभाएं अब विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं।

