दवाओं के कबाड़ में मिलने पर कार्रवाई:चहनिया पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी और फार्मासिस्ट का तबादला

चंदौली जिले के चहनिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) परिसर में कबाड़ के बीच बच्चों की दवाएं मिलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी और फार्मासिस्ट का स्थानांतरण कर दिया गया है। यह मामला एक सप्ताह पहले सामने आया था, जब चहनिया पीएचसी में कबाड़ के ढेर के बीच बच्चों को वितरित की जाने वाली दवाएं पाई गई थीं। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया था। जांच के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. रितेश सिंह का स्थानांतरण धानापुर कर दिया गया है। वहीं, केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट को भी चहनिया से हटाकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसनी भेजा गया है। चहनिया पीएचसी की जिम्मेदारी अब डॉ. संदीप कुमार को सौंपी गई है, जो जल्द ही कार्यभार ग्रहण करेंगे। दवाओं के कबाड़ में मिलने की खबर सामने आने के बाद तत्कालीन प्रभारी डॉ. रितेश सिंह ने सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि दवा भंडारण कक्ष के पास सांप दिखाई देने की सूचना मिली थी, जिसके कारण कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए दवाओं को अस्थायी रूप से बाहर रखा गया था। हालांकि, यह स्पष्टीकरण विभागीय अधिकारियों को संतोषजनक नहीं लगा। जांच के दौरान यह सवाल भी उठा कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण दवाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय कबाड़ के बीच क्यों रखा गया। इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए थे। अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी दवाओं के रखरखाव और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं।

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