श्री बुर्जीवाला मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा का समापन

बाबा न्यूज
आगरा। अपनी इंद्रियों का दमन कर ले वही सुदामा है। सुदामा की मित्रता भगवान के साथ नि:स्वार्थ थी उन्होने कभी उनसे सुख साधन या आर्थिक लाभ प्राप्त करने की कामना नहीं की लेकिन सुदामा की पत्नी द्वारा पोटली में भेजे गये चावलों में भगवान श्री कृष्ण से सारी हकीकत कह दी और प्रभु ने बिन मांगे ही सुदामा को सब कुछ प्रदान कर दिया। श्री बुजीर्वाला मंदिर संचालन समिति की ओर से प्रताप नगर जयपुर हाउस स्थित श्री बुजीर्वाला मंदिर में चल रही भागवत कथा मे व्यास आचार्य राजेश शास्त्री महाराज ने ये उद्गार व्यक्त किये। श्रीमद्भागवत कथा के सातवे दिन सुदामा चरित्र का मार्मिक संजीव वर्णन श्रद्धालुओं के समक्ष व्यक्त किया।
आचार्य राजेश शास्त्री महाराज ने श्रद्धालुओ को बताया कि सुदामा के आने की खबर पाकर किस प्रकार श्रीकृष्ण दौड़ते हुए दरवाजे तक गए थे। पानी परात को हाथ छूवो नाही, नैनन के जल से पग धोये अर्थात श्री कृष्ण अपने बाल सखा सुदामा की आवभगत में इतने विभोर हो गए के द्वारका के नाथ हाथ जोड़कर और अंग लिपटाकर जल भरे नेत्रो से सुदामा का हालचाल पूछने लगे।
मुख्य यजमान गौरव बंसल और निधि बंसल ने बताया कि भगवान के अन्य विवाह प्रसंगो के बाद भागवत व्यास पूजन कर कथा को विश्राम दिया गया। सोमवार को सोमवार को सुबह पूर्ण आहुति के बाद पांच हजार लोगो का विशाल भंडारा मंदिर परिसर में किया जायेगा। इस अवसर पर धनकुमार जैन, नितेश अग्रवाल, प्रशांत पोनिया, देवेंद्र गोयल, संजय गुप्ता, नीरज अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, मनोज शिवहरे, सुनील शिवहरे, रविंद्र गुप्ता, गुंजन बंसल, पूजा बंसल आदि ने श्री महापुराण की आरती की।

