डीईआई में दिया जाता है अनुशासन, सेवा, आत्मविकास और संतुलित जीवन मूल्य को विशेष महत्व

 

बाबा न्यूज
आगरा। प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण का संदेश देता है। योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास का आधार माना जाता है। इसी भावना के अनुरूप दयालबाग की जीवनशैली तथा दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) की शैक्षणिक एवं शोध संस्कृति में अनुशासन, सेवा, आत्मविकास और संतुलित जीवन मूल्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।

भगवद्गीता का संदेश “योगः कर्मसु कौशलम्” अर्थात कर्मों में कुशलता ही योग है। यही भावना दयालबाग की दिनचर्या में भी परिलक्षित होती है, जहाँ योग केवल आसनों तक सीमित न रहकर जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में देखा जाता है। दयालबाग में प्रतिदिन बच्चों को योगाभ्यास एवं सरल आसनों का प्रशिक्षण दिया जाता है तथा नियमित योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

दयालबाग की आध्यात्मिक परंपरा में सहज सुरत-शब्द योग का विशेष महत्व है। प्रातःकालीन ध्यान एवं साधना के माध्यम से मन की एकाग्रता, आत्मचिंतन तथा आंतरिक शांति के विकास पर बल दिया जाता है। भारतीय योग परंपरा के विभिन्न आयामों के साथ यह साधना व्यक्ति के मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक मानी जाती है।

दयालबाग की जीवनशैली में शारीरिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यहाँ संतुलित जीवन, नियमित योगाभ्यास, व्यायाम, प्रकृति के निकट रहकर कार्य करना तथा सेवा-भाव से किए जाने वाले शारीरिक श्रम को स्वस्थ जीवनशैली के आवश्यक अंग के रूप में अपनाया जाता है। कृषि कार्यों में सहभागिता, सामुदायिक श्रम तथा नियमित शारीरिक गतिविधियाँ शरीर को सक्रिय रखने के साथ सहयोग, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना को भी विकसित करती हैं।

निस्वार्थ सेवा, सादगी और अनुशासन दयालबाग की कार्यसंस्कृति के प्रमुख आधार हैं। समाजहित में किए जाने वाले कार्य, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता भी दयालबाग की जीवनशैली का महत्वपूर्ण पक्ष है। स्वच्छ एवं हरित वातावरण, जैविक खेती, सौर ऊर्जा के उपयोग तथा प्रकृति के अनुरूप दिनचर्या के माध्यम से पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जाता है। प्रकृति के साथ सामंजस्य मानसिक शांति एवं संतुलित जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के पीएचडी शोधार्थियों ने भी योग, शोध और जीवन मूल्यों के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। उनका मानना है कि सच्चा शोध केवल प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के आंतरिक विकास, मानसिक संतुलन, नैतिक मूल्यों और समाज के कल्याण से भी जुड़ा होता है।

 

भौतिकी विभाग के पीएचडी शोधार्थी संत सरन ने कहा कि डीईआई में शोध करना उनके लिए केवल एक अकादमिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मविकास की यात्रा है। उन्होंने कहा कि डीईआई की शोध संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का आत्मीय और सहयोगी वातावरण है। यहाँ पीएचडी गाइड केवल अकादमिक मार्गदर्शन ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, सहयोगी और संरक्षक की भूमिका भी निभाते हैं तथा शोध की कठिन परिस्थितियों में निरंतर संवाद, प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करते हैं।

 

संस्कृत विभाग की शोधार्थी ग़ज़ल माथुर ने कहा कि शोध केवल नए ज्ञान की खोज नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के दृष्टिकोण, धैर्य तथा जीवन को समझने की क्षमता का भी विकास करता है।

 

शोधार्थी निकिता सत्संगी ने कहा कि पीएचडी के दौरान अनेक चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन दयालबाग का सकारात्मक वातावरण, योग तथा ज्ञान पर आधारित नियमित दिनचर्या मानसिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है।

 

शोधार्थी दीक्षा शर्मा ने कहा कि डीईआई का वातावरण विद्यार्थियों को बेहतर शोधकर्ता बनने के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है। यहाँ ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है।

 

संस्कृत विभाग की शोधार्थी पूनम सिंह ने कहा कि दयालबाग की जीवनशैली में शारीरिक स्वास्थ्य को सर्वोपरि माना जाता है तथा यहाँ की नियमित दिनचर्या में प्रतिदिन योग को विशेष महत्व दिया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डीईआई के पीएचडी शोधार्थियों ने यह संदेश दिया कि जब शोध में ज्ञान के साथ साधना, अनुशासन, योग, सेवा और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शिक्षा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान का माध्यम बन जाती है।

देवरिया में बेटी की शादी में रक्तदान शिविर:पौधा वितरण के साथ दिया गया सामाजिक सरोकार का संदेश

देवरिया भलुअनी कस्बे में एक विवाह समारोह चर्चा का विषय बन गया है। यहां एक बेटी की शादी को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए रक्तदान शिविर और पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठी पहल को जिले में एक आदर्श वैवाहिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। भलुअनी के एक मैरेज लॉन में शुक्रवार रात आयोजित विवाह समारोह में दुल्हन दिव्या मद्धेशिया को आशीर्वाद देने आए परिजनों, रिश्तेदारों और युवाओं ने रक्तदान किया। समारोह में लगाए गए “आशीर्वाद रक्तदान शिविर” में कुल 23 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। रक्तदान करने वालों को रक्तवीर युवा क्लब गोरखपुर के संस्थापक एवं सीआईडी पुलिसकर्मी शिवांबुज पटेल और नाहिद स्टार चैरिटेबल ब्लड बैंक की टीम ने सम्मानित किया। उन्हें स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और पौधे भेंट किए गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य रक्तदान से जीवन बचाने और पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था।

इस पहल के सूत्रधार स्वच्छ भलुअनी स्वस्थ भलुअनी (यूथ ब्रिगेड) के संस्थापक और समाजसेवी संतोष मद्धेशिया वैश्य हैं। वह स्वयं 26 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने अपनी पुत्री दिव्या की शादी को समाज में जागरूकता फैलाने का माध्यम बनाया। संतोष मद्धेशिया ने बताया कि उनका उद्देश्य लोगों को रक्तदान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है। उनका मानना है कि इससे अधिक से अधिक लोग मानव जीवन और प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आएंगे। रक्तदान शिविर में दुल्हन के चाचा राजेश मद्धेशिया और राकेश मद्धेशिया सहित शाहीन फातिमा, विशाल मद्धेशिया, प्रमोद मद्धेशिया, जयगोविंद मद्धेशिया, विजय गुप्ता, हरिकेश तिवारी, धनंजय यादव, गोपालचंद्र गुप्ता और सज्जाद अंसारी समेत कुल 23 लोगों ने भाग लिया। समारोह में मौजूद लोगों ने इस अनोखी पहल की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि जिले में शादी समारोह के दौरान रक्तदान और पौधा वितरण जैसा आयोजन पहली बार देखने को मिला है। यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

बस्ती में सपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ की बैठक:संगठन विस्तार और जनजातीय समाज को जोड़ने पर चर्चा

बस्ती में समाजवादी पार्टी अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शनिवार को पार्टी कार्यालय पर हुई इस बैठक में संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर मजबूती और जनजातीय समाज को पार्टी की नीतियों से जोड़ने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गोंड ‘बड़कू’ ने की। बैठक को संबोधित करते हुए रवि गोंड ‘बड़कू’ ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा समाज के सभी वर्गों के हितों और अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रदेश अध्यक्ष ने जोर दिया कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ जनसंपर्क अभियान में जुटने का निर्देश दिया। बैठक के बाद, प्रदेश अध्यक्ष ने जिले के टेमा, कुम्हिया, रक्सा, लौकियहवा और मुंडेरवा क्षेत्रों में चौपाल लगाकर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी की विचारधारा और कार्यक्रमों की जानकारी दी, साथ ही जनसमस्याओं को भी सुना। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का माल्यार्पण कर स्वागत किया। बैठक में विधायक राजेन्द्र प्रसाद, पूर्व जिलाध्यक्ष राजाराम यादव, गोंड महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनाथ गोंड, दयाशंकर मिश्र, मोहम्मद स्वालेह और अरविन्द गोंड सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष अमित गोंड विक्की ने स्वागत संबोधन में बताया कि जनपद में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और लगातार लोगों को समाजवादी विचारधारा से जोड़ा जा रहा है। बैठक में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और जनसमस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने पर विशेष जोर दिया गया। अंत में, कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

मां बेटे ने 17 लाख रुपए का किया फ्राड, गिरफ्तार:हीरे और सोने के आभूषण खरीदे, महंगे जूते, 38 बार में किया फ्राड

शाहजहांपुर में एक मां-बेटे ने अपने रिश्तेदार के साथ 17 लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की। आरोपियों ने पीड़िता के डेबिट कार्ड का उपयोग कर बरेली में 13 लाख रुपये से अधिक के आभूषण और महंगे जूते खरीदे। पीड़िता को अपने बैंक स्टेटमेंट की जांच के बाद इस धोखाधड़ी का पता चला। उनके खाते में कुल 52 लाख रुपये थे, जिसमें से पुलिस की त्वरित कार्रवाई से शेष राशि को धोखाधड़ी से बचा लिया गया। यह मामला सदर बाजार थाना क्षेत्र के चिनौर का है। पीड़िता ने अपनी रिश्तेदार रेखा सिंह, उनके बेटे ऋतिक और पैना बुजुर्ग निवासी प्रेम प्रकाश सिंह के खिलाफ मोबाइल सिम चोरी कर खाते से 17 लाख 19 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए सदर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी मां-बेटे को उनकी लोकेशन ट्रेस कर चिनौर के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 लाख 15 हजार 484 रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण बरामद किए हैं। आरोपी ऋतिक के पास से 30 हजार रुपये नकद और उसकी मां रेखा के पास से 6 हजार रुपये नकद भी मिले हैं। इसके अतिरिक्त, ऋतिक ने पीड़िता के खाते से अपने खाते में लगभग 92 हजार रुपये स्थानांतरित किए थे, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
धोखाधड़ी की इस बड़ी रकम से आरोपी मां-बेटे ने जमकर खरीदारी की। इस मामले में ऋतिक का मामा भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। आरोपी इस दौरान फैजाबाद और लखनऊ घूमने गए थे और अयोध्या जाने की योजना बना रहे थे। सभी खरीदारी बरेली में की गई थी। आरोपियों का दावा है कि यह धोखाधड़ी नहीं बल्कि उनका हक था, क्योंकि उन्हें बेची गई संपत्ति में उनका हिस्सा नहीं मिला था। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि उन्होंने एक महिला के बैंक खाते से 17 लाख 19 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी की है। यह राशि डेबिट कार्ड, यूपीआई और पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) के माध्यम से विभिन्न लेनदेन द्वारा निकाली गई। एसपी सिटी देवेंद्र सिंह ने कहा कि, फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

ईंट खाली कर लौट रहे दो ट्रैक्टर सवारों की मौत:मथुरा के नरी सेमरी फ्लाईओवर पर हादसा, अस्पताल में तोड़ा दम

मथुरा के थाना छाता क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई। ईंट खाली कर वृंदावन से लौट रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली सवारों को नरी सेमरी फ्लाईओवर से उतरते ही पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। देखें घटना से जुड़ी तस्वीरें विस्तार से पढ़े पूरा मामला दरअसल, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग वृंदावन क्षेत्र में ईंट उतारकर अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वाहन नरी सेमरी फ्लाईओवर से नीचे उतरा, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और उसमें बैठे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और यातायात को नियंत्रित कराया। आगरा रेफर, लेकिन नहीं बच सकी जान घायलों की पहचान विशम्भरा निवासी विष्णु और अंसार के रूप में हुई। दोनों को पहले स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें एसएन हॉस्पिटल, आगरा रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। ट्रक चालक फरार, कंडक्टर हिरासत में हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल से ट्रक को कब्जे में ले लिया है। कोतवाल उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि ट्रक के कंडक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और चालक की तलाश जारी है। हादसे के बाद परिवारों में पसरा मातम दो युवकों की मौत की सूचना मिलते ही उनके गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।

बस्ती में 25 करोड़ की खाद्य प्रयोगशाला का निरीक्षण:सचिव ने 10 दिन में कमियां दूर करने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश शासन के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सचिव डॉ. रोशन जैकब ने शनिवार को बस्ती के अमौली, हथियागढ़ स्थित निर्माणाधीन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन प्रयोगशाला भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों और प्रयोगशाला की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, लैब गार्ड प्रतिनिधि ने बताया कि प्रयोगशाला के लिए कुछ आवश्यक फर्नीचर और उपकरण पहुंच चुके हैं, जबकि आयातित उपकरण अभी रास्ते में हैं। सचिव ने उपलब्ध और लंबित उपकरणों की विस्तृत सूची तत्काल उपलब्ध कराने तथा शेष सभी सामग्री दस दिनों के भीतर प्रयोगशाला में पहुंचाने का निर्देश दिया। प्रयोगशाला में स्थापित लिफ्ट बंद पाई गई, जिस पर अधिशासी अभियंता ने एक सप्ताह के भीतर इसे चालू कराने का आश्वासन दिया। सचिव ने भवन के मुख्य द्वार के सामने बंद पड़े नाले को भी शीघ्र चालू कराने के निर्देश दिए, ताकि बरसात में जलभराव न हो। भवन की सुरक्षा के लिए भूतल की खिड़कियों और मुख्य प्रवेश द्वार पर स्टील या एल्यूमीनियम ग्रिल दस दिनों के भीतर लगाने का भी निर्देश दिया गया।
डॉ. जैकब ने गोरखपुर मंडल की प्रयोगशाला से संबंधित लंबित नमूनों की भी समीक्षा की। वैज्ञानिक अधिकारी-2 की 13 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमाणीकरण हेतु 237 नमूने लंबित थे। उन्होंने जांच किए गए और भेजे गए नमूनों की अद्यतन रिपोर्ट रविवार शाम तक मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया। लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह अत्याधुनिक खाद्य प्रयोगशाला शुरू होने के बाद खाद्य नमूनों की जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। इससे व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच स्थानीय स्तर पर कराने की सुविधा मिलेगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, सहायक आयुक्त (खाद्य) राजेंद्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

फार्मासिस्ट भर्ती पदोन्नति का नोटिफिकेशन उत्तर प्रदेश में भी जारी किया जाए : डा.रविंद्र सिंह राणा

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आगरा। भारत सरकार के अनुमोदन से फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया द्वारा “फार्मासिस्ट भर्ती पदोन्नति और सेवा दिन में 2025 ” का गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसमें फार्मेसी अधिकारी और वेतनमान 46 00 ग्रेड पे से शुरुआत होगी। पदोन्नति के बाद वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी 4800 ग्रेड पे सहायक मुख्य फार्मेसी अधिकारी 5400 ग्रेड पे मुख्य फार्मेसी अधिकारी 5400 जिला फार्मेसी अधिकारी/ उपनिदेशक फार्मेसी 6600 ग्रेड पे संयुक्त निदेशक फार्मेसी 7600 ग्रेड पे के पद होंगे। इसके अलावा दो पदों का सृजन किया गया है जिसमें दवा सूचना अधिकारी एवं क्लिनिकल फार्मेसी अधिकारी जो डॉक्टर के साथ बैठकर मरीज को दवा प्रिसक्राइब करेंगे। स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देंगे। डॉक्टर मरीज को देखकर बीमारी डायग्नोज करेंगे। क्लिनिकल फार्मेसी अधिकारी दवा प्रिसक्राइब करेंगे ऐसा प्रावधान इस बजट नोटिफिकेशन में किया गया है। सभी पदों के हिसाब से कार्य दायित्व भी सौंप गए हैं, जिसमें दवाइयां के रखरखाव से लेकर गुणवत्ता उपलब्धता एवं स्वास्थ्य की जानकारी फार्मेसी अधिकारी मरीज को देंगे। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के महामंत्री डॉ रविंद्र सिंह राना ने भारत सरकार एवं फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया का आभार व्यक्त किया है।उत्तर प्रदेश सरकार से भी अनुरोध करूंगा कि प्रदेश में भी जल्द लागू किया जाय। अध्यक्ष डॉ मुकेश शर्मा , मंडल अध्यक्ष डॉ राजीव उपाध्याय, मंडलीय सचिव डॉ रामनरेश परमार, प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ मुनेन्द्र चाहर , डॉ राजकुमार शर्मा ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ राजेश बघेल, उपाध्यक्ष डॉ जितेन्द्र कुमार, संगठन मंत्री डॉ योगेश त्यागी, कोषाध्यक्ष डॉ प्रवीण मिश्रा, डॉ योगेश चौधरी, डॉ एन के पाल, डॉ योगेन्द्र शर्मा, आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।