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गुरुकुल किड्ज अकादमी में गूंजा जय श्री कृष्ण

 

 

 

 

बाबा न्यूज
आगरा। आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर चार ए में स्थित गुरुकुल किड्ज अकादमी में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास, उमंग एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया।
नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा धारण कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी एवं राधा-कृष्ण के प्रेम को नृत्य, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। विद्यालय में आकर्षक कृष्ण झांकी, मटकी सजावट एवं बाल गोपाल की सुंदर प्रस्तुतियों ने उत्सव की शोभा बढ़ाई।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती हेमलता जौहरी ने बच्चों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उप-प्रधानाचार्या श्रीमती राधा मिश्रा ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में श्रीकृष्ण की आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। पूरा विद्यालय परिसर जय श्री कृष्ण और राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा। जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों को कान्हा जी और राधा जी की वेशभूषा में तैयार करने का चलन भी इस वर्ष के समारोहों में प्रमुख है।
विद्धयार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए एकेडमी की दीप्ति शर्मा, सोनम शर्मा, रश्मि, नीलम शर्मा, तन्वी, मुस्कान, उन्नति, काजल आदि ने कार्यक्रम में अपना योगदान दिया ।

इस अवसर पर एकेडमी के मैनेजर दिलीप जौहरी, विनोद कुमार जौहरी तथा गौरव जौहरी भी उपस्थित रहे। उन्होंने आश्वासन दिया की वे बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने का प्रयत्न करेंगे जिससे की वे अपने जीवन में सफल बने और बताया की वे आगे भी इस तरह के कार्यकमो का आयोजन करते रहेंगे।

 

ब्रेनबी नेशनल ओलम्पियाड : बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, जटिल सवालों को चुटकियों में किया हल

आगरा सहित दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, लखनऊ, मेरठ, मोहाली, पटना, जयपुर, मुरादाबाद व अन्य शहरों के हजारो बच्चे हुए शामिल
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आगरा। ब्रेनबी किड्स अकादमी की ओर से आयोजित ब्रेनबी नेशनल ओलम्पियाड 2026 की पूरे अगस्त माह में ओलम्पियाड के लिए 50 से अधिक आॅफलाइन परीक्षा तिथियां निर्धारित की गई हैं, जबकि आॅनलाइन परीक्षा अगस्त के प्रत्येक रविवार को आयोजित की जा रही है। पहले चरण का आयोजन उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत देश के 7 राज्यों में आयोजित किया गया। इन राज्यों के विभिन्न शहरों से 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आगरा में मंगलवार को बमरोली कटारा स्थित टीसा स्कुल में विद्यार्थियों के लिए आॅफलाइन परीक्षाओं का आयोजन किया गया। परीक्षा में 5 से 15 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

ब्रेनबी की निर्देशिका सोनाली खंडेलवाल ने बताया कि ब्रेनबी नेशनल ओलम्पियाड राष्ट्रीय स्तर का यूनिक और क्रिएटिव ओलम्पियाड है। सामान्य प्रतियोगिताओं के मुकाबले इसमें अकादमिक के साथ-साथ बच्चों ने ड्राइंग एंड कलरिंग, हैंडराइटिंग, मेंटल मैथ, लॉजिकल रीजनिंग, स्पेल क्वेस्ट और जनरल नॉलेज सहित विभिन्न वर्गों में अपनी प्रतिभा दिखाई। उम्र और कक्षा के अनुरूप अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित प्रतियोगिताओं में बच्चों ने जटिल सवालों को तेजी से हल कर अपनी तार्किक क्षमता और रचनात्मकता का परिचय दिया।

सोनाली खंडेलवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बरेली, गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज, अलीगढ़, गाजियाबाद, कानपुर, मुरादाबाद और मथुरा के बच्चे भी शामिल हुए। आगरा सहित दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, लखनऊ, मेरठ, मोहाली, हिंसार, रांची, पटना, जयपुर, मुरादाबाद व अन्य शहरों के हजारो बच्चे हुए शामिल हुए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं। देश के टॉप विद्यार्थियों को बीएसए साइकिल सहित टेबलेट, स्मार्ट वॉच, स्मार्ट फोन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 30 वर्गों में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी दी जाएगी, जबकि सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान 5000 गोल्ड एवं सिल्वर मेडल प्रदान किए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को नेशनल रैंक और प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। प्रतियोगिता के परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर ब्रैनबी की वेबसाइट पर घोषित किए जाएंगे।

इन 50 से अधिक स्कूलों में हुई आॅफ लाइन परीक्षा
सैंट जोसेफ, ग्रेटर नोएडा, सैंट फ्रÞांसिस, डीपीएस आगरा व दौलतपुर, गायत्री पब्लिक स्कूल, आगरा, प्रीलुड पब्लिक स्कुल, जयश्री पेरीवाल, जयपुर, सैंट पीटरस, किरौली, सैंट थेरेसा, कोसिकलान, सैंट जॉन पॉल्स, फतेहाबाद, पाईनवुड, सहारनपुर, सैंट एंथनीज, गाजिÞयाबाद, न्यू होराइजन ग्रुप आॅफ स्कूल्स, मुंबई आदि स्कूल परीक्षा में शामिल हुए।

 

एचआईवी संक्रमित के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं हो

बीडी जैन गर्ल्स पीजी कालेज में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश
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आगरा। आइक्यूएसी , सघन जागरूकता अभियान उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति लखनऊ, एसएन हॉस्पिटल आगरा एवं बालिका हेल्थ क्लब के संयुक्त तत्वावधान में श्रीमती बी डी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज, में एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को एचआईवी /एडस के प्रति जागरूक करना, इससे संबंधित भ्रांतियों को दूर करना तथा बचाव एवं सावधानियों के प्रति सजग करना था।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। छात्राओं ने प्रभावशाली संवाद एवं अभिनय के माध्यम से एचआईवी /एडस के कारणों, बचाव के उपायों तथा इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उसके प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोग का भाव रखना चाहिए।
नुक्कड़ नाटक ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें एड्स से संबंधित सही जानकारी प्राप्त करने तथा जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। एचआईवी /एडस के प्रति वैज्ञानिक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। एस एन मेडिकल कॉलेज की काउंसलर शबनम खान ने छात्राओं को एड्स से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी दी।
संपूर्ण कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर वंदना अग्रवाल एवं बालिका हेल्थ क्लब की प्रभारी प्रोफेसर शुभलेश कुमारी के निर्देशन में संपन्न हुआ । कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवम् शिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम में प्रोफेसर अनुपम शेरी ,प्रोफेसर किरण सिंह, प्रोफेसर शिखा श्रीधर ,प्रोफेसर अनुराधा गुप्ता, प्रोफेसर अनीता रानी , प्रोफेसर नीलम कांत,डॉ प्रविषा पांडे, डॉ अमिता वर्मा, डॉ प्रियंका रानी, डॉ पल्लवी दास गुप्ता, डॉ सुरभि सत्याभा एवं कुमारी अंजली उपस्थित रहीं । कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अजरा के द्वारा किया गया।

डीईआई में मात्रात्मक डेटा विश्लेषण पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ

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आगरा। एसोसिएशन आॅफ इंडियन यूनिवर्सिटीज-दयालबाग शिक्षण संस्थान- एकेडमिक एंड एडमिनिस्ट्रेटिव डेवलपमेंट सेंटर (एआईयू-डीईआई-एएडीसी) के तत्वावधान में मात्रात्मक डेटा विश्लेषण पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ दयालबाग शिक्षण संस्थान में हुआ। कार्यशाला में लगभग 119 शिक्षक एवं शोधकर्ता प्रतिभागिता कर रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को समकालीन मात्रात्मक शोध पद्धतियों की व्यापक समझ प्रदान करने के साथ-साथ उनके विश्लेषणात्मक एवं शोध कौशल को सुदृढ़ करना है। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में विभिन्न आधुनिक मात्रात्मक तकनीकों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रो. सी. पटवर्धन, निदेशक, डीईआई ने किया। उद्घाटन संबोधन में उन्होंने वर्तमान समय में उपलब्ध डेटा की प्रचुरता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज चुनौती केवल डेटा की उपलब्धता नहीं, बल्कि सार्थक निष्कर्षों और तकनीकी शब्दाडंबर के बीच अंतर करने की क्षमता विकसित करना है। डेटा की तीव्र वृद्धि, कम्प्यूटेशनल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती क्षमताओं के संदर्भ में उन्होंने ऐसे विशेषज्ञों की आवश्यकता पर बल दिया, जो डेटा को सार्थक ज्ञान और प्रभावी कार्यवाही में परिवर्तित कर सकें। कार्यशाला की संयोजक डॉ. पूर्णिमा भटनागर ने कार्यशाला का परिचय देते हुए इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों एवं शोधकतार्ओं की विश्लेषणात्मक एवं शोध क्षमताओं को विकसित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. पमी दुआ, पूर्व निदेशक, दिल्ली स्कूल आॅफ इकोनॉमिक्स तथा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की अंशकालिक सदस्य ने ह्लमात्रात्मक डेटा विश्लेषण और अर्थमिति: अल्केमी या विज्ञान? विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने मात्रात्मक डेटा विश्लेषण एवं अर्थमिति में मॉडल निर्माण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। डेविड हेंड्री के अर्थमिति के तीन स्वर्णिम नियमों—परीक्षण करें, परीक्षण करें, परीक्षण करें —का उल्लेख करते हुए उन्होंने मॉडल निर्माण के विभिन्न चरणों में कठोर परीक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन का समापन करते हुए उन्होंने कहा कि स्वचालन को शोधकर्ता की अंतर्दृष्टि एवं विवेक का स्थान नहीं लेना चाहिए।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. रूपाली सत्संगी ने की। धन्यवाद ज्ञापन में डॉ. रेशम चोपड़ा, कार्यशाला सह-संयोजक, ने प्रतिभागियों से आगामी तकनीकी सत्रों में सक्रिय सहभागिता करने तथा देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के अनुभव एवं विशेषज्ञता का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यशाला में डॉ. अनुराग मूर्ति नारदेला, मैनिटोबा यूनिवर्सिटी, कनाडा; प्रो. सी. गणेशकुमार, हैदराबाद यूनिवर्सिटी; प्रो. पुष्पेंद्र कुमार एवं डॉ. दिव्या तुटेजा, दिल्ली यूनिवर्सिटी; प्रो. विनीता सिंह, डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी तथा डॉ. अगम प्रसाद त्यागी, डीईआई अपने व्याख्यान एवं तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे।
प्रो. ज्योति गोगिया, नोडल आॅफिसर, (एआईयू-डीईआई-एएडीसी, ने कार्यशाला के आयोजन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को समकालीन मात्रात्मक विश्लेषण तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा तथा डेटा-आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए उनकी क्षमताओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

अच्छा नागरिक बनना ही राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी: मेजर जनरल गौरव गौतम

 

 

 

बाबा न्यूज
आगरा। उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय के अपर महानिदेशक मेजर जनरल गौरव गौतम, वीएसएम ने अपने तीन दिवसीय दौरे के तीसरे दिन की शुरूआत गणेश राम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर, आगरा से की। यहां पहुंचने पर एडीजी का भव्य स्वागत किया गया । एनसीसी ग्रुप मुख्यालय आगरा के एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड आॅफ आॅनर प्रस्तुत किया गया। स्कूल बैंड ने उनका मधुर धुनों से अभिनंदन किया ।
उसके पश्चात जीआरएन आॅडिटोरियम में आगरा ग्रुप के लगभग 450 कैडेट्स एकत्रित हुए । एडीजी ने सभी कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए एनसीसी के फायदे गिनाते हुए जीवन में अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया । उन्होने बताया कि एनसीसी न केवल अनुशासन और नेतृत्व का पाठ पढाती है बल्कि देश सेवा का अवसर भी प्रदान करती है ।
उन्होने कैडट्स को वृक्षारोपण, रक्तदान, टीबी मुक्त भारत अभियान और पोलियो ड्राइव जैसी सामाजिक सेवाओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। एडीजी ने कहा कि एक अच्छा नागरिक बनना ही राष्ट्र निर्माण की पहली सीढी है। एनसीसी के माध्यम से चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास पर भी बल दिया गया।
एडीजी ने आईडीएससी शूटिंग प्रतियोगिता में आॅल इंडिया स्तर पर, यू.पी. निदेशालय के प्रथम आने पर सभी को बधाई दी । गोल्ड मेडल जीतने वाले कैडेट्स सहित कुल 20 कैडेट्स को सम्मानित किया गया। एनसीसी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आगरा एन.सी.सी. के अन्य कैडेट्स को भी पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया ।
बाद में एडीजी ने प्रत्येक कैडेट से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया । इसके बाद उन्होने आगरा ग्रुप मुख्यालय के सभी एसोसिएट एनसीसी आॅफिसर्स, लेक्चरर्स, प्रोफेसर्स और शिक्षको से मुलाकात की। एनसीसी में प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत सभी पी आई स्टाफ से भी उन्होने चर्चा की और उनके समर्पण की सराहना की।
उन्होने कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए बताया कि एनसीसी द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो।
अन्त में एडीजी ने एक उत्तम कार्यक्रम के लिए सभी के प्रयासों की सराहना की।

 

इंडिया में आईबीएस बिज़नेस स्कूल प्लेसमेंट में सबसे आगे

 

79 हजार से भी ज्यादा विद्यार्थी इस वक़्त देश और विदेश के विभिन संस्थानों में कार्यरत

आई. बी. एस. बिज़नेस स्कूल ने हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स मीट आयोजित की

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आगरा। उत्तर प्रदेश, आई. बी. एस बिज़नेस स्कूल ने हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट (HOD’s) एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स (TPO’s) मीट आयोजित किया। आई. बी. एस भारत के उच्चतम बिज़नेस स्कूल में से एक है जिसने फैकल्टी नॉलेज शेयरिंग मीट होटल अतिथि में आयोजित किया।
इक्फ़ाई बिज़नेस स्कूल 1995 से स्थापित है, जिसके नौ कैंपस भारत के विभिन शहरों हैदराबाद, मुंबई गुरुग्राम, बैंगलौर, पुणे कोलकता, अहमदाबाद, देहरादून और जयपुर में है। यहाँ से अभी तक 79 हजार से भी ज्यादा विद्यार्थियों ने अपनी प्रबन्धन की पढाई की है जो इस वक़्त देश और विदेश के विभिन संस्थानों में कार्यरत हैं।
डॉ प्राप्ति पॉल डीन एकेडेमिक्स, आई. बी. एस गुडगाँव ने “रथिंकिंग स्टूडेंट डेवलपमेंटः स्ट्रेटेजी एंड न्यू परादिगं” विषय पर फैकल्टी नॉलेज शेयरिंग मीट आयोजित किया। डॉ श प्राप्ति पॉल ने आगरा के विभिन संस्थानों, कॉलेजों व विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट एंड ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर्स को उपरोक्त विषय पर जानकारी दी।
मि. प्रतीक अग्रवाल, सीनियर मैनेजर, आई. बी. एस बिज़नेस स्कूल ने वक्ता डॉ प्राप्ति पॉल व आगरा के विभिन 12 संस्थानों / विश्वविद्यालय के आये 30 प्रतिभागी प्रोफेसर एवं ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर्स सदस्यों का स्वागत व परिचय दिया।
डॉ प्राप्ति पॉल जो डॉक्ट्रेट की डिग्री से सम्मानित हैं इन्हे 15 से भी अधिक वर्षों का शैक्षणिक एवं रिसर्च का अनुभव हैं और इन्होने विभिन शीर्ष बिज़नेस कॉलेजो में रिसर्च एवं फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर्स मीट को सफलतापूर्वक संपन्न किया है।
आई.बी. एस बिज़नेस स्कूल इनफार्मेशन ऑफिस आगरा ने डॉ प्राप्ति पॉल व सभी प्रतिभागी प्रोफेसरों का धन्यवाद दिया।

युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएं: प्रो. एस. पी.सिंह

 

 

सेंट जॉन्स कॉलेज महाविद्यालय में नशा मुक्त विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम 2026 का आयोजन
बाबा न्यूज
आगरा। राष्ट्रीय सेवा योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध सेंट जॉन्स कॉलेज महाविद्यालय, आगरा में विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माई भारत जिला युवा अधिकारी डॉ श्रवण कुमार सहगल रहे। आयोजन के सूत्रधार महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एस. पी.सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन मे युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा सक्रिय भूमिका निभाएंगे| इसी के साथ आर बी एस कॉलेज के नशा मुक्त वॉरियर प्रो. राजीव कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए | कार्यक्रम अधिकारी डॉ वेंकटस्वामी ने युवाओं को सशक्त करने हेतु विशेष बिंदुओं पर चर्चा की|
इस अवसर पर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा जिला युवा अधिकारी डॉ श्रवण कुमार सहगल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओ की जानकारी प्रदान की। युवाओं को देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
माई भारत यूथ आइकन सुश्री श्रद्धा पावस्कर ने अपने विचार साझा किए। माई भारत से जुड़ने व नशा मुक्त विकसित भारत पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में लगभग 150 राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आयशा बेगम , डॉ प्रवीण कुमार त्यागी, डॉ वेंकट, पूर्व स्वयंसेवक कुर्बान खान, अक्षय ,राम,कार्तिक और राम मधुकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का सफल संचालन कनक एवं शिवम द्वारा किया गया।

श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज में पहली बार 4 वर्षीय ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू

समर्थ पंजीकरण संख्या के माध्यम से ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी

बाबा न्यूज 

आगरा। श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज में नए शैक्षिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इस बार छात्राओं के लिए सबसे खास बात यह है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कॉलेज में पहली बार 4 वर्षीय ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। छात्राएं अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार 4 वर्षीय या 3 वर्षीय स्नातक डिग्री का चयन कर सकती हैं। आगरा
शहर का यह प्रतिष्ठ कॉलेज 77 वर्ष पुराना प्रथम महिला महाविद्यालय है। प्राचार्य प्रो. वंदना अग्रवाल ने बताया कि बीए की 560 और बीकॉम की 180 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्तीर्ण छात्राएं विश्वविद्यालय वेब रजिस्ट्रेशन करने के पश्चात महाविद्यालय में सीधे प्रवेश पा सकती हैं। प्रवेश के लिए छात्राएं अपने साथ हाई स्कूल, इंटर की अंकतालिका,जाति प्रमाण पत्र और टीसी व स्वयं का पासपोर्ट साइज फोटो साथ में अवश्य लेकर आए। प्राचार्या महोदय ने बताया कि प्रवेश के लिए छात्राओं को पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कर 400 रुपये शुल्क जमा करना होगा।
इसके बाद कॉलेज की वेबसाइट https://admission.bdjain agra.com पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
विश्वविद्यालय से संबद्ध अनुदानित कॉलेजों में यह एकमात्र ऐसा महाविद्यालय है, जहां सितार विषय में परास्नातक (एमए) की पढ़ाई कराई जाती है। संगीत शिक्षा में कॉलेज लंबे समय से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। यहां छात्राओं को एमए सितार के साथ एमए तबला की भी सुविधा उपलब्ध है, जिससे संगीत और चित्रकला के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने की इच्छुक छात्राओं को विशेष अवसर मिलता है और महाविद्यालय स्तर पर उच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को महाविद्यालय स्तर पर पुरस्कृत किया जाता है।
उपलब्ध सीटें
बीए- 560, बीकॉम – 180, बीएड – 70, एमए हिंदी 60, एमए अंग्रेजी- 60, एमए इतिहास 60, एमए सितार – 30, एमए तबला – 30।
समर्थ पंजीकरण संख्या के माध्यम से ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत छात्राओं की एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) आईडी भी तैयार की जा रही है। यह एक यूनिक आईडी होगी, जिसमें शैक्षणिक रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। किसी भी विश्वविद्यालय में पढ़ने पर यह आईडी बनी रहेगी।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी नहीं थमा योग का जुनून

 

 

 

 

 


प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की रिकॉर्ड सहभागिता
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आगरा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, आगरा में छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की सहभागिता के साथ एक विशेष योग कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। सर्वप्रथम ध्यान सत्र का संचालन डॉ. रश्मि मिश्रा (एस.टी.सी.- आर्ट आॅफ लिविंग) द्वारा किया गया। उन्होंने दैनिक जीवन में ध्यान के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवन का प्रभावी साधन बताया।
इसके पश्चात विद्यालय के निदेशकगण डॉ. सुशील गुप्ता, श्रीमती सुनीता गुप्ता एवं श्रीमती कविता अग्रवाल (ब्रेनोब्रेन) के नेतृत्व में हास्य योग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने हँसी के माध्यम से प्रसन्नता, सकारात्मकता एवं नवीन उत्साह का अनुभव किया।
विद्यालय योग प्रशिक्षक ऋषभ गौतम के निर्देशन में सभी ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम तथा ध्यान योग का अभ्यास किया व योग से होने वाले लाभों को जाना।
इस अवसर पर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के विचारों पर आधारित योग : साधना में सम्मान का महत्व विषय पर विशेष संदेश प्रस्तुत किया गया कि श्रद्धा, सम्मान एवं निरंतर अभ्यास के साथ किया गया योग जीवन में स्थायी परिवर्तन का आधार बनता है। साथ ही कृतज्ञता, सजगता एवं वर्तमान क्षण में जीने की कला को योग का मूल तत्व बताया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव एवं विचार साझा करते हुए योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पाँच-पाँच अभिभावकों, शालिनियों तथा छात्रों को सम्मानित किया गया।
विद्यार्थी वर्ग: अर्शिया मखीजा (कक्षा बारह),धीरज कुमार (कक्षा दस),वागीशा गौर (कक्षा एक),पर्णिका गौतम (कक्षा चार), वैष्णवी सिसोदिया (कक्षा आठ)। शालिनी वर्ग : सान्या प्रजापति (कक्षा एक),खुशी कुमारी (कक्षा दो) भारती सोडवानी (कक्षा तीन), शिफा अंसारी (कक्षा चार) हर्षिता (कक्षा पाँच)। अभिभावक वर्ग: श्याम सुंदर, साक्षी गुप्ता,स्वाति सिंह,रामचंद्रा,प्रीति सैनी।
सशक्त समाज एवं राष्ट्र की आधारशिला: डॉ. सुशील गुप्ता
डॉ. सुशील गुप्ता ने सभी को योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही एक सशक्त समाज एवं राष्ट्र की आधारशिला हैं।कार्यक्रम के अंत में डॉ. रश्मि गांधी (चीफ एकेडमिक हेड) ने सभी उपस्थितजन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन मायरा काबरा (कक्षा आठ) एवं कायशा शम्सी (कक्षा चार) द्वारा किया गया तथा गौरी सिंह, आरना गुप्ता, अनन्या कुमारी, सान्या मित्तल, अंकिता सिंह व विहानी धमीजा द्वारा योग मंच प्रस्तुति की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा सहजपाल, शारदा गुप्ता व प्रतिभा (शालिनी) आदि की सराहनीय उपस्थिति रही।

 

डीईआई में दिया जाता है अनुशासन, सेवा, आत्मविकास और संतुलित जीवन मूल्य को विशेष महत्व

 

बाबा न्यूज
आगरा। प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण का संदेश देता है। योग भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास का आधार माना जाता है। इसी भावना के अनुरूप दयालबाग की जीवनशैली तथा दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) की शैक्षणिक एवं शोध संस्कृति में अनुशासन, सेवा, आत्मविकास और संतुलित जीवन मूल्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।

भगवद्गीता का संदेश “योगः कर्मसु कौशलम्” अर्थात कर्मों में कुशलता ही योग है। यही भावना दयालबाग की दिनचर्या में भी परिलक्षित होती है, जहाँ योग केवल आसनों तक सीमित न रहकर जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में देखा जाता है। दयालबाग में प्रतिदिन बच्चों को योगाभ्यास एवं सरल आसनों का प्रशिक्षण दिया जाता है तथा नियमित योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

दयालबाग की आध्यात्मिक परंपरा में सहज सुरत-शब्द योग का विशेष महत्व है। प्रातःकालीन ध्यान एवं साधना के माध्यम से मन की एकाग्रता, आत्मचिंतन तथा आंतरिक शांति के विकास पर बल दिया जाता है। भारतीय योग परंपरा के विभिन्न आयामों के साथ यह साधना व्यक्ति के मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक मानी जाती है।

दयालबाग की जीवनशैली में शारीरिक स्वास्थ्य को भी महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यहाँ संतुलित जीवन, नियमित योगाभ्यास, व्यायाम, प्रकृति के निकट रहकर कार्य करना तथा सेवा-भाव से किए जाने वाले शारीरिक श्रम को स्वस्थ जीवनशैली के आवश्यक अंग के रूप में अपनाया जाता है। कृषि कार्यों में सहभागिता, सामुदायिक श्रम तथा नियमित शारीरिक गतिविधियाँ शरीर को सक्रिय रखने के साथ सहयोग, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना को भी विकसित करती हैं।

निस्वार्थ सेवा, सादगी और अनुशासन दयालबाग की कार्यसंस्कृति के प्रमुख आधार हैं। समाजहित में किए जाने वाले कार्य, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता भी दयालबाग की जीवनशैली का महत्वपूर्ण पक्ष है। स्वच्छ एवं हरित वातावरण, जैविक खेती, सौर ऊर्जा के उपयोग तथा प्रकृति के अनुरूप दिनचर्या के माध्यम से पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जाता है। प्रकृति के साथ सामंजस्य मानसिक शांति एवं संतुलित जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के पीएचडी शोधार्थियों ने भी योग, शोध और जीवन मूल्यों के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। उनका मानना है कि सच्चा शोध केवल प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के आंतरिक विकास, मानसिक संतुलन, नैतिक मूल्यों और समाज के कल्याण से भी जुड़ा होता है।

 

भौतिकी विभाग के पीएचडी शोधार्थी संत सरन ने कहा कि डीईआई में शोध करना उनके लिए केवल एक अकादमिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मविकास की यात्रा है। उन्होंने कहा कि डीईआई की शोध संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का आत्मीय और सहयोगी वातावरण है। यहाँ पीएचडी गाइड केवल अकादमिक मार्गदर्शन ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, सहयोगी और संरक्षक की भूमिका भी निभाते हैं तथा शोध की कठिन परिस्थितियों में निरंतर संवाद, प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करते हैं।

 

संस्कृत विभाग की शोधार्थी ग़ज़ल माथुर ने कहा कि शोध केवल नए ज्ञान की खोज नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के दृष्टिकोण, धैर्य तथा जीवन को समझने की क्षमता का भी विकास करता है।

 

शोधार्थी निकिता सत्संगी ने कहा कि पीएचडी के दौरान अनेक चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन दयालबाग का सकारात्मक वातावरण, योग तथा ज्ञान पर आधारित नियमित दिनचर्या मानसिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है।

 

शोधार्थी दीक्षा शर्मा ने कहा कि डीईआई का वातावरण विद्यार्थियों को बेहतर शोधकर्ता बनने के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है। यहाँ ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है।

 

संस्कृत विभाग की शोधार्थी पूनम सिंह ने कहा कि दयालबाग की जीवनशैली में शारीरिक स्वास्थ्य को सर्वोपरि माना जाता है तथा यहाँ की नियमित दिनचर्या में प्रतिदिन योग को विशेष महत्व दिया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डीईआई के पीएचडी शोधार्थियों ने यह संदेश दिया कि जब शोध में ज्ञान के साथ साधना, अनुशासन, योग, सेवा और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शिक्षा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान का माध्यम बन जाती है।