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यमुना तट पर दीप जलाकर मनाई छोटी दीपावली:सफाईकर्मियों को किया सम्मानित, नगर पालिका अध्यक्ष ने किया दीपदान, शहीद स्मारक पर दीप जलाकर वीरों को नमन

औरैया में छोटी दीपावली (नरक चतुर्दशी) पर शनिवार शाम 5 बजे विचित्र पहल सेवा समिति ने यमुना तट, शहीद स्मारक और शहर के प्रमुख चौराहों पर दीपोत्सव मनाया। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने समिति के सदस्यों के साथ यमुना तट पर दीपदान किया। उन्होंने यमुना मैया की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सफाईकर्मियों को मिठाई और आर्थिक भेंट देकर किया सम्मानित दीपोत्सव के दौरान समिति ने यमुना तट के अंत्येष्टि स्थलों की नियमित सफाई करने वाले सफाईकर्मी रज्जन वाल्मीकि और रामप्रसाद को सम्मानित किया। उन्हें मिठाई और आर्थिक भेंट दी गई। समिति अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने कहा कि लोग दीपावली पर अपने घरों को रोशन करते हैं। वहीं, समिति के सदस्यों ने यमुना मैया के चरणों में दीप जलाकर पर्व मनाया। इससे सभी को आत्मिक आनंद मिला। समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि नदी घाटों और सरोवरों पर दीपदान की परंपरा धार्मिक आस्था से जुड़ी है। लोग दीपदान कर पुण्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। शहीद स्मारक पर दीप जलाकर किया नमन इसके बाद समिति के सदस्य देवकली मंदिर के पास स्थित शहीद स्मारक पहुंचे। यहां वीर शहीदों को नमन करते हुए दीप जलाए। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए गए। इसके बाद सुभाष चौराहे और जेसीज चौराहे पर भी दीप जलाए गए। पटाखों से प्रदूषण नहीं फैलाने की अपील कार्यक्रम के समापन पर संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों और बच्चों से तेज आवाज करने वाले और वायु प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे नहीं चलाने की अपील की। इस मौके पर मंजू गुप्ता, राखी गुप्ता, तेज बहादुर वर्मा, कपिल गुप्ता, कोमल पोरवाल, शेखर गुप्ता, गीता पोरवाल, कुबेर पोरवाल, देवमुनि पोरवाल, शिखर लव बिश्नोई, एलएन गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

दीपावली पर घर जाने वालों को नहीं मिली बसें:घंटों इंतजार करते रहे यात्री, दिल्ली-पंजाब से आए लोगों को घर जाने में हुई परेशानी

रामपुर में दीपावली पर घर जाने वाले यात्रियों को रोडवेज बसों की कमी से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज प्रशासन पर्याप्त बसों के संचालन का दावा कर रहा है, लेकिन शनिवार शाम 5:30 बजे बस अड्डे की स्थिति कुछ और ही नजर आई। परिसर में बसों का अभाव था। यात्री अपने गंतव्य तक जाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। बाहर से आने वाली बसें पहले से फुल शनिवार शाम करीब 5:30 बजे रोडवेज परिसर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि बाहर से आने वाली बसें पहले से ही खचाखच भरी पहुंच रही हैं। जो बसें रुक भी रही हैं, उनमें बैठने तक की जगह नहीं मिल रही है। कई यात्री हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से आसानी से रामपुर पहुंच गए, लेकिन यहां से अपने कस्बे और तहसील तक जाने के लिए बस नहीं मिल रही है। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें बरेली और मीरगंज जाने के लिए बसों में बैठाया गया था, लेकिन रामपुर में ही उतार दिया गया। इसके बाद से वे बस अड्डे पर बस आने का इंतजार कर रहे हैं। परिसर में बस नहीं होने से यात्रियों के सामने इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। किसी को मीरगंज तो किसी को मिलक जाना मीरगंज जाने वाली शिवानी ने बताया कि उन्हें घर पहुंचना है, लेकिन बस नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। राजेश ने बताया कि वह पंजाब से रामपुर आसानी से पहुंच गए, लेकिन अब बरेली जाने के लिए बस नहीं मिल रही है। वहीं, हरियाणा से आए किशनपाल ने बताया कि उन्हें मिलक जाना है, लेकिन बस नहीं मिलने से घर नहीं पहुंच पा रहे हैं। एआरएम बोले- बसों का संचालन बढ़ाने का प्रयास रोडवेज के एआरएम रामप्रकाश ने बताया कि त्योहारों पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इससे समस्या होना स्वाभाविक है। इसके बावजूद बसों का संचालन बढ़वाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी बसों का संचालन कराया जा रहा है। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कोई न कोई रास्ता जरूर निकाला जाएगा।

परमानंदपुर मिनी-स्टेडियम में दीपोत्सव: खिलाड़ियों ने जलाए 25 हजार दीये:राष्ट्रीय एकता और अखंडता का दिया संदेश, जमकर हुई आतिशबाजी

खेल के मैदान अक्सर जीत और हार के गवाह बनते हैं, लेकिन शनिवार को वाराणसी का एक खेल मैदान राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक एकता और अटूट उत्साह का गवाह बना। वाराणसी के परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में शनिवार शाम को देशभक्ति और आस्था का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला। जिसने हर किसी को भावविभोर कर दिया। यहां विभिन्न खेलों से जुड़े सैकड़ों खिलाड़ियों ने एकजुट होकर ‘राष्ट्र के नाम’ एक भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया। खेल मैदानों पर सजे हजारों दीयों की रोशनी ने ऐसा समां बांधा, मानो आसमान के सारे सितारे परमानंदपुर की धरती पर उतर आए हों। 25 हजार दीपों से जगमगा उठा मिनी स्टेडियम
कार्यक्रम के आयोजक उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ के उपाध्यक्ष डॉ एके सिंह ने बताया – इस अद्भुत और अनूठे दीपोत्सव कार्यक्रम में हॉकी, हैंडबॉल, रग्बी, टेबल टेनिस, मिक्स्ड मार्शल आर्ट (MMA), जूडो और एथलेटिक्स जैसे विभिन्न खेल विधाओं के लगभग 410 खिलाड़ियों ने शिरकत की। इन युवा खिलाड़ियों ने मिलकर मिनी स्टेडियम के अलग-अलग खेल मैदानों और ट्रैकों को करीब 25 हजार मिट्टी के दीपों और मोमबत्तियों से पूरी तरह रोशन कर दिया। खिलाड़ियों ने बेहद अनुशासित तरीके से दीयों की कतारें सजाईं, जिससे पूरा खेल परिसर रोशनी की चादर में लिपट गया। चारों तरफ फैली इस अलौकिक रोशनी ने उपस्थित जनसमूह के दिलों में राष्ट्रप्रेम का उजियारा भर दिया। आतिशबाजी और आकाशदीपों ने बांधा समां
मैदान पर दीप प्रज्वलित करने के बाद समारोह का रोमांच और बढ़ गया, जब आसमान सतरंगी रोशनी से नहा उठा। खिलाड़ियों और आयोजकों द्वारा की गई भव्य आतिशबाजी ने रात के अंधेरे को रंग-बिरंगे नजारों में बदल दिया। इसके बाद, खिलाड़ियों ने एक साथ सैकड़ों आकाशदीप (लालटेन) को हवा में छोड़ा। जमीन पर दीपों की कतार और आसमान में तैरते आकाशदीपों की बहार ने एक ऐसा जादुई दृश्य पैदा किया, जिसे देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। यह आयोजन केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि खेल की भावना के माध्यम से देश को एक सूत्र में पिरोने का संदेश था। राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सद्भाव का बड़ा संदेश
संयोजक उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ के उपाध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने कहा – इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और खिलाड़ियों के माध्यम से समाज में राष्ट्रप्रेम, अखंडता, एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना को और अधिक मजबूत करना है। खेल हमेशा से लोगों को जोड़ता आया है, और आज देश के इन उभरते खिलाड़ियों ने अपनी खेल भावना को राष्ट्रभक्ति के साथ जोड़कर पूरे देश को एकता का एक अनूठा और मजबूत संदेश दिया है। इस अनोखे दीपोत्सव की चर्चा अब पूरे खेल जगत और स्थानीय क्षेत्र में खूब हो रही है।

कौशांबी कोर्ट के आदेश पर बीजेपी-जिला मीडिया प्रभारी पर केस:ज्ञानेंद्र साहू ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, बोले- राजनीतिक रंजिश में फंसाया जा रहा

कौशांबी कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार देर रात बीजेपी जिला मीडिया प्रभारी ज्ञानेंद्र साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र कुमार उर्फ राममिलन चौधरी ने उन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है। देवेंद्र कुमार ने विशेष न्यायालय एससी-एसटी में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। मामला 6 जुलाई 2026 मंझनपुर थाना क्षेत्र का है। वहीं, बीजेपी मीडिया प्रभारी ने कहा- उन्हें राजनीतिक रंजिश में फंसाने की कोशिश की जा रही है। फोन पर बातचीत के दौरान अपमानित करने का आरोप संदीपन घाट थाना क्षेत्र के जलालपुर बोरियो निवासी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष देवेंद्र कुमार उर्फ राममिलन चौधरी न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र में बताया कि 6 जुलाई 2026 दोपहर करीब 1:52 बजे उनके मोबाइल पर ज्ञानेंद्र साहू का फोन आया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान ज्ञानेंद्र ने उनके साथ अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग किया। साथ ही उन्होंने धमकाते हुए कहा- यदि उन्होंने किसी व्यक्ति की पोस्ट पर लाइक या कमेंट किया तो वह उनके घर में घुसकर जान से मार देगा और छत से फेंक देगा। साथ ही कहीं भी मिलने पर खत्म करने की धमकी दी। पीड़ित के मुताबिक, इन धमकियों से वह और उनका परिवार भयभीत है। उनके जीवन और सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। पुलिस में शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई देवेंद्र ने आरोप लगाया कि उनके पास बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है, जिसमें गाली-गलौज और धमकी की बात दर्ज है। उन्होंने इस मामले में पुलिस से शिकायत की थी। उनका कहना है कि एसपी कौशांबी को खुद उपस्थित होकर और 15 जून को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से भी प्रार्थना पत्र भेजा था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। मीडिया प्रभारी ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष के मीडिया प्रभारी ज्ञानेंद्र साहू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि राजनीतिक स्टंट के तहत उन्हें फंसाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

डीएम कविता मीना ने सड़क किनारे से खरीदे दीए:IAS पति और दोनों बेटियों के साथ पहुंचीं, कहा- कुम्हारों और छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें

हापुड़ में जिलाधिकारी कविता मीना शनिवार शाम अपने आईएएस पति और दोनों बेटियों के साथ दीपावली की खरीदारी करने बाजार पहुंचीं। शाम करीब 5 बजे परिवार स्वर्ग आश्रम रोड पर पहुंचा। यहां उन्होंने सड़क किनारे रेहड़ी पर सजे मिट्टी के दीये खरीदे। डीएम को आम ग्राहक की तरह परिवार के साथ खरीदारी करते देख आसपास के लोग भी जुट गए। उनकी सादगी बाजार में चर्चा का विषय बन गई। स्थानीय दुकानदारों से खरीदे दीये डीएम कविता मीना बिना किसी खास तामझाम के परिवार के साथ बाजार पहुंचीं। उन्होंने रेहड़ी पर रखे मिट्टी के दीये देखे और अपनी पसंद के दीये खरीदे। परिवार ने स्थानीय दुकानदारों से भी खरीदारी की। इन दिनों दीपावली को लेकर बाजार में मिट्टी के दीये और सजावटी सामान की दुकानें सजी हुई हैं। बोलीं- स्थानीय कारीगरों को मिले प्रोत्साहन डीएम ने कहा कि दीपावली खुशियों और आपसी प्रेम का त्योहार है। इस अवसर पर लोगों को स्थानीय कारीगरों और छोटे दुकानदारों से खरीदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए। मिट्टी के दीये हमारी परंपरा और संस्कृति का प्रतीक हैं। इन्हें खरीदने से स्थानीय कुम्हारों और व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से दीपावली मनाने की अपील की। वहीं, त्योहार को लेकर पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलर्ट है।