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यमुना तट पर गूंजेगा ‘जय जगन्नाथ’, रथयात्रा महोत्सव का हुआ आगाज

 

आगरा  में पहली बार रथयात्रा निकालने वाले प्राचीन श्री जगन्नाथ महाराज मंदिर में हुआ आमंत्रण पत्र का विमोचन

14 जुलाई को नवयौवन दर्शन एवं नयन उत्सव, 16 जुलाई को होंगे श्री जगन्नाथ जी के रथयात्रा दर्शन और महाप्रसादी

48 वर्ष पुरानी परंपरा को संजोए है यमुना तट का श्री जगन्नाथ मंदिर

बाबा न्यूज 

आगरा। यमुना किनारा, बेलनगंज स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ जी महाराज मंदिर में शनिवार को श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा महोत्सव के आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण रहा। मंदिर के सेवायत, पदाधिकारी एवं श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ जी के जयघोष के साथ आगामी महोत्सव की तैयारियों का शुभारंभ किया।
मंदिर के सेवायत पंडित लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि 14 जुलाई (मंगलवार) को भगवान श्री जगन्नाथ जी के नवयौवन दर्शन एवं नयन उत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक महाहवन एवं विशेष पूजा संपन्न होगी। इसके उपरांत सायं 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक श्रद्धालुओं को भगवान के नवयौवन स्वरूप के दर्शन कराए जाएंगे। स्नान यात्रा के बाद भगवान के विश्राम उपरांत होने वाले ये दर्शन विशेष धार्मिक महत्व रखते हैं।
मंदिर की मुखिया सरिता शर्मा ने बताया कि 16 जुलाई (गुरुवार) को श्री जगन्नाथ जी के रथयात्रा दर्शन सायं 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक होंगे। इस दौरान श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा के दिव्य रथ स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है।
मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सीए राकेश अग्रवाल एवं संजीव अग्रवाल ने बताया कि यह मंदिर लगभग दो सौ वर्ष पुराना है और आगरा की प्राचीन धार्मिक धरोहरों में प्रमुख स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि सन 1978 में आगरा में पहली बार श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा इसी मंदिर से निकाली गई थी। उस समय भगवान का रथ नगर भ्रमण करता था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते थे।
उन्होंने बताया कि बाद के वर्षों में विभिन्न परिस्थितियों एवं स्थान के अभाव के कारण रथयात्रा का नगर भ्रमण नियमित रूप से नहीं हो सका। उस ऐतिहासिक रथ को आज भी मंदिर परिसर में सुरक्षित एवं सहेजकर रखा गया है, जो इस मंदिर की गौरवशाली परंपरा का साक्षी है।
उन्होंने यह भी बताया कि श्री जगन्नाथ पुरी (उड़ीसा) के बाद आगरा में स्थापित यह पहला श्री जगन्नाथ मंदिर माना जाता है, जहां आज भी प्राचीन परंपराओं के अनुसार भगवान की पूजा-अर्चना एवं उत्सव आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान श्री जगन्नाथ के नवयौवन दर्शन, रथयात्रा दर्शन एवं महाप्रसादी का लाभ लेने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर आनंद अग्रवाल, तरंग सिंघल, पवन सिंघल, आदर्श नंदन गुप्त, सारंग सिंघल, चिराग शर्मा, स्नेहा शर्मा आदि उपस्थित रहे।

एकादशी पर कमल के पुष्पों से सजे श्याम बाबा

दिव्य श्रृंगार के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

स्वर्ण मुकुट व कुंडल धारण कर दिए अलौकिक दर्शन

श्री खाटू श्याम जी मंदिर जीवनी मंडी में दिनभर चला भजन, पूजन एवं सेवा का क्रम

बाबा न्यूज 

आगरा। योगिनी एकादशी के पावन अवसर पर जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर में भगवान श्री श्याम बाबा का कमल के पुष्पों से भव्य एवं मनोहारी विशेष श्रृंगार किया गया। स्वर्ण मुकुट और स्वर्ण कुंडल धारण कर विराजमान श्याम बाबा के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रातःकाल से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और देर रात तक भक्तों ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल ने योगिनी एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है। श्रद्धापूर्वक व्रत, पूजन और भगवान के स्मरण से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है तथा जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
मंदिर में दिवस विशेष पर श्रृंगार सेवा, इत्र सेवा एवं संध्या भोग सेवा का आयोजन श्रद्धाभाव के साथ किया गया। श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट द्वारा विशेष पोशाक सेवा संपन्न हुई, जबकि श्री श्याम नगरी मासिक पोशाक सेवा की ओर से मासिक पोशाक सेवा एवं राजभोग सेवा नीरज बंसल द्वारा अर्पित की गई।
पूरे दिन मंदिर परिसर श्याम नाम के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने बाबा के दिव्य श्रृंगार के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की।
इस अवसर पर हेमेंद्र अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अमित गोयल, विकास, विपिन बंसल आदि उपस्थित रहे।

योगिनी एकादशी पर गौ सेवा कर मनाई भगवान जगन्नाथ के स्वास्थ्य लाभ की खुशी

बेसहारों का सहारा ट्रस्ट परिवार ने गौ पूजन कर खिलाई हरी सब्जियां

रथ यात्रा महोत्सव की सफलता की कामना

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आगरा। बेसहारों का सहारा ट्रस्ट परिवार द्वारा प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर, बेलनगंज, यमुना किनारा में आयोजित होने जा रहे श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत योगिनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ के स्वास्थ्य लाभ (अनसर काल की पूर्णता) की खुशी में वॉटर वर्क्स स्थित अतिथि वन गौशाला में गौ सेवा एवं गौ पूजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गौ माता का पूजन कर उन्हें हरी सब्जियां खिलाईं तथा समस्त मानव समाज के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।
ट्रस्ट के अध्यक्ष तरंग सिंघल ने बताया कि बेसहारों का सहारा ट्रस्ट परिवार नियमित रूप से सेवा कार्यों में सक्रिय रहता है। प्रत्येक माह गौ सेवा के साथ-साथ विभिन्न आश्रमों में भोजन प्रसादी की व्यवस्था कर जरूरतमंदों की सेवा की जाती है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है तथा इससे सेवा और संवेदना की भावना मजबूत होती है।
प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर, बेलनगंज से लक्ष्मण शर्मा, सरिता शर्मा, स्नेहा शर्मा एवं चिराग शर्मा ने बताया कि 16 जुलाई को 200 वर्ष प्राचीन श्री जगन्नाथ जी मंदिर में रथ यात्रा महोत्सव दर्शन एवं प्रसादी होगी। सभी ने भगवान जगन्नाथ के भजन-कीर्तन एवं गुणगान कर भक्तिमय वातावरण बनाया और सभी के उज्ज्वल भविष्य तथा विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
इस अवसर पर ट्रस्ट के संस्थापक पवन सिंघल, कोषाध्यक्ष जितेश सिंघल, सचिव पवन सजनानी, जेठानंद सजनानी, आनंद अग्रवाल (खुले पंख), चन्द्र प्रकाश अग्रवाल, डॉ. शुभम गर्ग, सारंग सिंघल, प्रीति गोयल, मिनी गोयल, सीए अमित मित्तल, शशि मित्तल, कनिष्क मित्तल, अनन्या मित्तल, अमन गंगवानी, आशीष अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

32 साल बाद मिले सेंट जॉन्स कालेज के साथी

यादों और उल्लास से सराबोर रहा एलुमनाई मिलन

बैच-1994 के पूर्व विद्यार्थियों ने साझा किए संस्मरण

गीत-संगीत और केक कटिंग के साथ मनाया पुनर्मिलन उत्सव

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आगरा। सेंट जॉन्स इंटर कॉलेज, आगरा के वर्ष 1994 बैच का एलुमनाई मिलन समारोह संजय प्लेस स्थित अर्बन डेक में हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ आयोजित किया गया। लगभग 32 वर्षों बाद एक मंच पर जुटे पूर्व छात्र-छात्राओं ने अपने स्कूली दिनों की यादों को ताजा करते हुए मित्रता के अटूट बंधन को और मजबूत बनाया।
समारोह में उपस्थित सभी साथियों ने विद्यालय जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों और यादगार पलों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने अपने व्यावसायिक जीवन, पारिवारिक उपलब्धियों तथा सामाजिक अनुभवों पर भी चर्चा की। लंबे समय बाद मिले मित्रों के बीच पुरानी यादों का सिलसिला देर तक चलता रहा और पूरा वातावरण भावनाओं एवं अपनत्व से भर उठा।
इसके बाद सभी ने एलुमनाई मिलन समारोह का केक काटकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। गीत, संगीत, नृत्य और शेर-ओ-शायरी के दौर ने सभी का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विद्यार्थियों ने अपने छात्र जीवन के दिनों को याद करते हुए कई रोचक प्रसंग भी साझा किए।
समारोह में सीए निर्भय मित्तल, अजय अग्रवाल, राज कुमार वर्मा, सीए प्रवीण गोयल, उमेश टिन्ना, सुनील, संजय अरोड़ा, सचिन गर्ग, विशाल बंसल, मनीष गोयल आदि उपस्थित रहे।

श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज में पहली बार 4 वर्षीय ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू

समर्थ पंजीकरण संख्या के माध्यम से ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी

बाबा न्यूज 

आगरा। श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज में नए शैक्षिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इस बार छात्राओं के लिए सबसे खास बात यह है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कॉलेज में पहली बार 4 वर्षीय ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। छात्राएं अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार 4 वर्षीय या 3 वर्षीय स्नातक डिग्री का चयन कर सकती हैं। आगरा
शहर का यह प्रतिष्ठ कॉलेज 77 वर्ष पुराना प्रथम महिला महाविद्यालय है। प्राचार्य प्रो. वंदना अग्रवाल ने बताया कि बीए की 560 और बीकॉम की 180 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्तीर्ण छात्राएं विश्वविद्यालय वेब रजिस्ट्रेशन करने के पश्चात महाविद्यालय में सीधे प्रवेश पा सकती हैं। प्रवेश के लिए छात्राएं अपने साथ हाई स्कूल, इंटर की अंकतालिका,जाति प्रमाण पत्र और टीसी व स्वयं का पासपोर्ट साइज फोटो साथ में अवश्य लेकर आए। प्राचार्या महोदय ने बताया कि प्रवेश के लिए छात्राओं को पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कर 400 रुपये शुल्क जमा करना होगा।
इसके बाद कॉलेज की वेबसाइट https://admission.bdjain agra.com पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
विश्वविद्यालय से संबद्ध अनुदानित कॉलेजों में यह एकमात्र ऐसा महाविद्यालय है, जहां सितार विषय में परास्नातक (एमए) की पढ़ाई कराई जाती है। संगीत शिक्षा में कॉलेज लंबे समय से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। यहां छात्राओं को एमए सितार के साथ एमए तबला की भी सुविधा उपलब्ध है, जिससे संगीत और चित्रकला के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने की इच्छुक छात्राओं को विशेष अवसर मिलता है और महाविद्यालय स्तर पर उच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को महाविद्यालय स्तर पर पुरस्कृत किया जाता है।
उपलब्ध सीटें
बीए- 560, बीकॉम – 180, बीएड – 70, एमए हिंदी 60, एमए अंग्रेजी- 60, एमए इतिहास 60, एमए सितार – 30, एमए तबला – 30।
समर्थ पंजीकरण संख्या के माध्यम से ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत छात्राओं की एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) आईडी भी तैयार की जा रही है। यह एक यूनिक आईडी होगी, जिसमें शैक्षणिक रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। किसी भी विश्वविद्यालय में पढ़ने पर यह आईडी बनी रहेगी।

रक्तदान से पहले स्वास्थ्य मानकों की जानकारी जरूरी: डॉ. नीतू चौहान

2000 यूनिट रक्त संग्रह के लक्ष्य के साथ आगरा व्यापार मंडल ने शुरू किया जनजागरण अभियान

रक्तदान जागरूकता गोष्ठी में विशेषज्ञों ने बताए सुरक्षित रक्तदान के महत्वपूर्ण नियम
16 अगस्त को आगरा व्यापार मंडल लगाएगा चतुर्थ विशाल रक्तदान शिविर

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आगरा। आगरा व्यापार मंडल द्वारा 16 अगस्त को दरेसी स्थित रामस्वरूप गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित होने जा रहे चतुर्थ विशाल रक्तदान शिविर से पूर्व कमला नगर स्थित लोकहितम ब्लड बैंक में रक्तदान जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की मुख्य वक्ता एसएन मेडिकल कॉलेज के रक्तकोष विभाग की अध्यक्ष डॉ नीतू चौहान ने रक्तदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जागरूक किया।
डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति ने टैटू बनवाया है तो वह तीन माह बाद ही रक्तदान कर सकता है। अल्कोहल का सेवन करने के अगले दिन रक्तदान नहीं करना चाहिए। रक्तदान के लिए हीमोग्लोबिन कम से कम 12.5 ग्राम तथा वजन न्यूनतम 45 किलोग्राम होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंसुलिन पर निर्भर मधुमेह रोगी रक्तदान नहीं कर सकते, जबकि नियंत्रित मधुमेह (ब्लड शुगर 200 के भीतर) वाले व्यक्ति चिकित्सकीय परीक्षण के बाद रक्तदान कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करते रहे हैं, वे 65 वर्ष की आयु तक रक्तदान कर सकते हैं, जबकि पहली बार रक्तदान करने वाले व्यक्ति के लिए अधिकतम आयु 60 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने कहा कि प्लेटलेट्स किसी भी ब्लड ग्रुप के मरीज को चढ़ाई जा सकती हैं। साथ ही यह भी जानकारी दी कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को उनके माता-पिता का रक्त नहीं चढ़ाया जा सकता, हालांकि अभिभावक अन्य मरीजों के लिए रक्तदाता बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि ओ-नेगेटिव रक्त समूह को सार्वभौमिक दाता माना जाता है, जबकि एबी पॉजिटिव रक्त समूह का व्यक्ति किसी भी ब्लड ग्रुप का रक्त प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सेवा और जीवन बचाने की गौरवशाली परंपरा है।
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि संस्था इस वर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2000 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
लोकहितम ब्लड बैंक के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी ब्लड बैंक आगरा व्यापार मंडल के इस महाअभियान में पूर्ण सहयोग देगा। ब्लड बैंक की विशेषज्ञ टीम शिविर में पूरे दिन उपस्थित रहकर रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श एवं रक्तदान की समस्त व्यवस्थाएं संभालेगी।
महामंत्री अखिलेश अग्रवाल एवं निदेशक संजीव जैन ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान समाज के प्रति सबसे बड़ा मानवीय दायित्व है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
गोष्ठी का संचालन राजीव गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अशोक मंगवानी, नितेश अग्रवाल, कन्हैयालाल राठौर, जयप्रकाश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, राजेंद्र सचदेवा, सुरेश बरेजा, राजेश सिंघल, योगेश रखवानी, बृजमोहन रेपुरिया, नितिन अग्रवाल, दुष्यंत गर्ग, रितेश राठौर, साहूकार सिंह आदि ने रक्तदान से संबंधित जिज्ञासाओं पर विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे।

डिपीए ने पुण्य तिथि पर स्वर्गीय  राम उजागर पांडे को किया याद 

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आगरा। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के संस्थापक महामंत्री फार्मेसी रत्न स्वर्गीय  राम उजागर पांडे की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एस एन मेडिकल कॉलेज आगरा के वाह्य रोग विभाग में जनपद आगरा के सभी फार्मासिस्ट साथियों द्वारा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके संगठन के प्रति समर्पण एवं आदर्शों पर चलने का सभी ने संकल्प लिया ।उनके द्वारा संगठन के उत्थान हेतु किए गए कार्यों एवं व्यक्तित्व पर विचार व्यक्त किए। प्रांतीय महामंत्री डॉ रवींद्र सिंह राना ने उनके संगठन के प्रति समर्पण और आदर्शो पर चलने का प्रयास किया जाएगा। मुख्य संरक्षक डॉ महेश बघेल, डॉ रामभक्त मिश्रा,जिलाध्यक्ष डॉ मुकेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष डॉ राजीव उपाध्याय, मंडलीय सचिव डॉ रामनरेश परमार, डॉ सुभाष बघेल,प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ मुनेन्द्र चाहर,उपाध्यक्ष डॉ जितेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ प्रवीण मिश्रा, डॉ योगेश चौधरी, डॉ एन के पाल ,डॉ अनुराग शर्मा, डॉ श्याम सुंदर, डॉ योगेन्द्र शर्मा, डॉ उदय प्रताप, डॉ सुशील शर्मा, डॉ कमलेश जैन,डॉ प्रतिभा शर्मा, डॉ शर्मिष्ठा चाहर, डॉ विनोद पाल, विमल कुमार शर्मा, धीरज तिवारी एवं ट्रेनी फार्मासिस्टों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

खुले पंख परिवार ने किया भव्य गौ सेवा कार्यक्रम

2000 किलो सब्जी और हरा चारा किया अर्पित
बाबा न्यूज
आगरा। सामाजिक संस्था खुले पंख परिवार द्वारा रविवार को श्री गौशाला, कर्मयोगी फुव्वारे के पास तृतीय गौ सेवा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर गौमाता को लगभग 2000 किलो सब्जी, हरा चारा तथा 100 पैकेट ब्रेड एवं रोटियां अर्पित कर गौ सेवा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों, युवाओं एवं समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
खुले पंख परिवार के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने कहा कि, परिवार एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि सभी के साथ मिलकर बनता है। उसी प्रकार सेवा भी किसी एक का कार्य नहीं, बल्कि सबके साथ मिलकर चलने का नाम है। उन्होंने सभी सहयोगियों, दानदाताओं एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी निरंतर सेवा कार्य करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज को गौ संरक्षण, सेवा, सहयोग एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया गया। संस्था ने विशेष रूप से युवाओं एवं बच्चों को भी सेवा कार्यों से जोड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राजकुमार जौहरी, निक्की जौहरी, योगेश जैन, आशीष गोयल, अनुज मित्तल, आशीष बंसल,अनमोल अग्रवाल, अंकित गोयल, शरद, अतुल अग्रवाल,राहुल यादव,अर्चना जैन, रूबी, चंचल एवं शालिनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

श्री सोमनाथ धाम में  59 वे  गुरु महोत्सव का शुभारंभ

 

22 बच्चों का वैदिक जनेऊ संस्कार संपन्न, भजन संध्या में भक्ति रस की बही अविरल धारा

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आगरा। गुरु गोरक्षनाथ परंपरा के महान संत श्री सिद्ध ठाकुरनाथ योगेश्वर जी के 59वें वार्षिकोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को शाहगंज स्थित श्री सोमनाथ धाम में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ हुआ। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु गुरु दरबार में पहुंचकर माथा टेका और गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण के बीच जयघोष गूंजता रहा।
कार्यक्रम के प्रथम दिन वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ 22 बच्चों का निःशुल्क जनेऊ संस्कार संपन्न कराया गया। विद्वान आचार्यों ने धार्मिक परंपराओं के अनुरूप यज्ञोपवीत संस्कार सम्पन्न कराते हुए बच्चों को सनातन संस्कृति, सदाचार और संस्कारों के महत्व का संदेश दिया। इस पावन अवसर पर अभिभावकों और श्रद्धालुओं ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की।
रात्रि में आयोजित विशाल भजन संध्या ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। गुजरात के प्रसिद्ध सिंधी भजन गायक परमानंद प्यासी एवं पिंटू सोनी, कानपुर से बब्बी भाई तथा आगरा के एम.एस. ग्रुप ने गुरु महिमा और ईश्वर भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। देर रात तक श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे और पूरा परिसर गुरु भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
मठाधीश पीर डॉ. योगी शंकरनाथ के सान्निध्य में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन भव्य शोभायात्रा, श्रीमद् देवी भागवत पुराण पाठ का पूर्णाहुति समारोह, विशाल भंडारा तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन समिति ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं के व्यापक प्रबंध किए हैं।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि वासदेव ज्ञामलानी चंद्र प्रकाश सोनी योगी जहाजनाथ, योगी विश्वनाथ,मनीष नाथ,हेमंत भोजवानी,श्याम भोजवानी, भरत मंगलानी, घनश्याम खियानी,टीकम लालवानी, जगदीश तोरानी, जयप्रकाश धर्मानी, नरेश लखवानी, लाल मोटवानी, कन्हैया सोनी, चंद्रप्रकाश नाथवाणी, राजेश धनकानी, वासुदेव चंदानी, गुलाब भाई, जय कलवानी, प्रकाश लालवानी, रूपचंद चंदानी, सुरेश, जीतू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

वाइल्डलाइफ एसओएस ने अभी तक 5 लाख से अधिक देशी पौधे लगाकर रचा नया कीर्तिमान

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वाइल्डलाइफ एसओएस ने भारत के विभिन्न पुनर्स्थापना स्थलों पर पिछले 5 वर्षों में 5 लाख से अधिक देशी पौधे रोपित कर संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि संस्था की पारिस्थितिक पुनर्स्थापना, जलवायु संरक्षण तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। देशभर में मनाए जा रहे वन महोत्सव के अवसर पर संस्था इस उपलब्धि के साथ-साथ वृक्षारोपण के माध्यम से क्षतिग्रस्त प्राकृतिक जंगलों के पुनर्जीवन से हो रहे सकारात्मक एवं दीर्घकालिक प्रभावों को रेखांकित कर रही है।

इसके अंतर्गत इसी वर्ष मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में 2,000 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया गया। इस अभियान के दौरान जामुन, अनार, अमरूद, शहतूत, इमली, नीम, गूलर तथा कटहल जैसे फलदार एवं देशी वृक्ष लगाए गए, जिन्हें स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध करने की क्षमता के आधार पर चुना गया।

यह व्यापक पहल उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित एलिफेंट प्रोजेक्ट, कर्नाटक के बनेरघट्टा भालू बचाव केंद्र तथा रामदुर्गा वैली हैबिटेट कंजर्वेशन प्रोजेक्ट जैसे प्रमुख पुनर्स्थापना स्थलों तक फैली हुई है। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र स्थित लेपर्ड प्रोजेक्ट तथा जम्मू-कश्मीर में वाइल्डलाइफ एसओएस के विभिन्न परियोजना स्थलों पर भी वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक आवासों के पुनर्स्थापना के कार्य किए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य देशी वनस्पतियों के रोपण के माध्यम से क्षतिग्रस्त पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्जीवित करना है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हो, मृदा अपरदन को रोका जा सके, कार्बन अवशोषण को बढ़ावा मिले तथा वन्यजीवों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ प्राकृतिक आवास विकसित किए जा सकें।

इन प्रयासों का सबसे उल्लेखनीय परिणाम कर्नाटक की रामदुर्गा घाटी में देखने को मिला, जहाँ खनन एवं वनों की कटाई से प्रभावित एक बंजर क्षेत्र को व्यापक वृक्षारोपण एवं जंगल पुनर्स्थापना के माध्यम से एक समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तित किया गया। इन प्रयासों से भूजल पुनर्भरण में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे अब गर्मियों के दौरान भी बोरवेल के माध्यम से खेती संभव हो पाई है तथा ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन में कमी आई है।

इसी प्रकार मथुरा स्थित एलिफेंट प्रोजेक्ट के आसपास बड़े पैमाने पर किए गए वृक्षारोपण ने देशी हरित क्षेत्र का विस्तार किया है और जैव विविधता के अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इसके परिणामस्वरूप यहाँ जकोबियन कुक्कू, काला तीतर, येलो फुट ग्रीन पिजन, इंडियन ग्रे हॉर्नबिल, किंगफिशर जैसी अनेक पक्षी प्रजातियों की वापसी देखी गई है। पक्षियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ इस क्षेत्र में बंगाल मॉनिटर लिज़र्ड की उपस्थिति भी दर्ज की गई है, जो एक स्वस्थ एवं संतुलित तंत्र का महत्वपूर्ण संकेत है।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा “5 लाख से अधिक पौधे लगाना केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह उन पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्जीवित करने की हमारी वर्षों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिन पर वन्यजीवों और मानव समुदायों दोनों का भविष्य निर्भर करता है। वर्षों के दौरान हमने क्षतिग्रस्त वनों को पुनर्जीवित होते, वन्यजीव आवासों को फिर से जुड़ते तथा स्थानीय समुदायों को संरक्षण के सक्रिय भागीदार बनते देखा है। लगाया गया प्रत्येक पौधा जैव विविधता और पृथ्वी के अधिक सुरक्षित एवं सुदृढ़ भविष्य में किया गया एक निवेश है।”

वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक एवं सचिव, गीता शेषमणि ने कहा, सफल संरक्षण तभी संभव है जब उससे वन्यजीवों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी लाभ मिले। वनों को पुनर्स्थापना और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से हमने वनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ स्थानीय आजीविका को भी सशक्त बनाने का कार्य किया है।

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजू राज एम.वी, ने कहा*, देशी वृक्ष केवल हरियाली नहीं बढ़ाते, बल्कि वे सम्पूर्ण पारिस्थितिक तंत्र का पुनर्निर्माण करते हैं। ये मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, भूजल स्तर को पुनर्भरित करने तथा वन्यजीवों के लिए भोजन और आश्रय उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में पक्षियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ इस क्षेत्र में बंगाल मॉनिटर लिज़र्ड की उपस्थिति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हमारे संरक्षण प्रयास दीर्घकालिक और सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।