बरेली में ट्रेडिंग ऐप से 10.50 लाख की साइबर ठगी:पुलिस ने 8.62 लाख रुपये वापस कराए
बरेली में ट्रेडिंग ऐप के जरिए 10.50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बैंक और अन्य एजेंसियों की मदद से मनी ट्रेल की जांच कर पीड़ित के 8 लाख 62 हजार 365 रुपये वापस करा दिए हैं। शेष रकम की वापसी के लिए भी कार्रवाई जारी है। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर दिया गया मुनाफे का लालच बिहारीपुर निवासी मोहित रस्तोगी को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में ट्रेडिंग ऐप के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। लालच में आकर मोहित ने अलग-अलग माध्यमों से करीब 10.50 लाख रुपये भेज दिए। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने 17 अक्टूबर 2025 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर पोर्टल और बैंकों से खंगाली गई मनी ट्रेल पुलिस ने जांच के दौरान गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल, संबंधित बैंकों और अन्य वित्तीय एजेंसियों से संपर्क किया। विस्तृत जांच के बाद 8.62 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए जा सके। जांच में पश्चिम बंगाल निवासी दो आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गेम ऐप के जरिए भेजी गई शेष रकम पुलिस के अनुसार, बची हुई रकम छोटे-छोटे हिस्सों में गेमिंग ऐप्स के माध्यम से विभिन्न खातों में भेजी गई है। इस रकम को ट्रेस कर वापस लाने के प्रयास जारी हैं। इस कार्रवाई में विवेचक प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय और कांस्टेबल विजय कुमार की टीम शामिल रही। पुलिस ने जारी की साइबर एडवाइजरी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ट्रेडिंग ऐप, निवेश योजना या व्हाट्सएप ग्रुप के झांसे में आकर पैसे न भेजें। पुलिस ने यह भी अपील की है कि ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम बचाने की संभावना बढ़ सके।

