मनमोहक पेंटिंग्स ने जीता अतिथियों का दिल

20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का समापन
बाबा न्यूज
आगरा। राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) द्वारा आयोजित 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कला कार्यशाला का समापन समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डेवलपमेंट काउंसिल फॉर फुटवियर एंड लेदर इंडस्ट्री, भारत सरकार के चेयरमैन पूरन डाबर रहे। समारोह में राज्य ललित कला अकादमी की कार्यकारिणी सदस्य डॉ. आभा, संस्कार भारती के महामंत्री नंद नंदन गर्ग, समाजसेवी शिवम कश्यप तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महामंत्री शिवांग खंडेलवाल भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं चित्रकला विभागाध्यक्ष प्रो. नीलम कान्त ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई विभिन्न कला विधाओं जैसे प्राकृतिक चित्रण, कोलाज, स्टिल लाइफ और पोर्ट्रेट चित्रों का
अवलोकन कराया। कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने अपनी पेंटिंग्स का प्रदर्शन करते हुए मुख्य अतिथि पूरन डाबर के समक्ष अपनी भावनाओं और कला अभिव्यक्ति को प्रस्तुत किया। छात्राओं की
रचनात्मकता और कला कौशल को देखकर अतिथि बेहद प्रभावित हुए। पूरन डाबर और डॉ. आभा ने सभी प्रतिभागियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। समारोह के दौरान पूरन डाबर ने छात्राओं की कला से प्रभावित होकर तत्काल तीन पेंटिंग्स खरीद लीं। इनमें कृतिज्ञा सिंह राठौर की हनुमान चित्रण, दिव्यांशी वर्मा की शिव शक्ति तथा छात्रा शिवानी की बुद्ध पर आधारित पेंटिंग शामिल रही। पूरन डाबर ने कहा कि ‘संघर्ष से सफलता और सफलता से समर्पण’ जीवन का मूल मंत्र होना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि ‘उत्तम खेती, मध्यम बान, निषिद्ध चाकरी,भीख समान आत्मनिर्भरता ही समृद्ध भारत का आधार है।

