महिला की मौत पर पति को न्याय, 7.85 लाख मुआवजा:इलाज में बरती थी लापरवाही, जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला
जिला उपभोक्ता फोरम ने इलाज में लापरवाही से महिला की मौत पर पति को 7 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। साथ ही इलाज में खर्च 65 हजार रुपए और 20 हजार मुकदमा खर्च भी देने का आदेश दिया है। पेशाब के रास्ते पानी आने पर महिला का आपरेशन किया गया था। आपरेशन के बाद सोनोग्राफी कराई गई तो पता चला कि महिला को गर्भाशय से जुड़ा ट्यूमर कैंसर था। इसे काटे जाने के कारण पूरे शरीर में कैंसर फैल गया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। 24 मार्च 2015 को दाखिल किया था मुकदमा महाराजपुर के अलावल खेड़ा डोमनपुर निवासी अशोक कुमार सविता ने रामादेवी स्थित जैन हास्पिटल के संचालक, लाल बंगला डाइग्नोस्टिक सेंटर के संचालक और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी एम गोल मार्केट लखनऊ के शाखा प्रबंधक के खिलाफ 24 मार्च 2015 को मुकदमा दाखिल किया था। जिसमें कहा था कि पेशान के रास्ते पानी आने पर उसने अपनी पत्नी बबली को जैन हास्पिटल में डा. रचना जैन को दिखाया। उन्होंने लाल बंगला डाइग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराया। उसमें किसी तरह की समस्या नहीं पाई गई। डाक्टर ने गर्भाशय के साथ ट्यूमर जुड़े होने की बात बताई और कहा आपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया जाएगा। इससे कोई समस्या नहीं रहेगी। 9 अगस्त 2014 को आपरेशन कर ट्मयूर निकाल दिया। इसके बाद ट्यूमर की बायोप्सी कराई, जिसकी रिपोर्ट सही बताते हुए डाक्टर ने दवाएं दे दी। 10 फरवरी 2015 में हो गई थी मौत इसके बाद पत्नी को पेट में दर्द की समस्या बढ़ गई। 15 दिसंबर 2014 को माधवी हास्पिटल में दिखाया। उन्होंने सोनोग्राफी कराई। रिपोर्ट के बाद बताया गया कि गर्भाशय से जुड़ा ट्यूमर कैंसर था। इसे काटे जाने से कैंसर पूरे शरीर में फैल गया है। जेके कैंसर हास्पिटल में दिखाने पर बताया कि सही आपरेशन न होने से यूरनरी पैसेज भी बंद हो गया था। 10 फरवरी 2015 को बबली की मौत हो गई। अधिवक्ता मनीष शर्मा ने बताया कि डाक्टर और अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने आयोग में कहा कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है। गलत तथ्यों पर मुकदमा दाखिल किया गया है। बीमा कंपनी ने कहा कि परिवादी किसी तरह का मुआवजा पाने का अधिकारी नहीं है। आयोग अध्यक्ष विनोद कुमार, सदस्य नीलम यादव व वन्दना सिंह ने इलाज में लापरवाही मानते हुए फैसला सुनाया।

