मोबाइल कोर्ट में दिव्यांगों को मिले प्रमाण पत्र, उपकरण:मैनपुरी में दिव्यांगजनों की समस्याओं पर चला प्रशासन का अभियान
मैनपुरी में दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में एक मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया गया, जबकि लंबित मामलों में संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। राज्य आयुक्त ने बताया कि मोबाइल कोर्ट का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और प्रशासन को उनके द्वार तक पहुंचाना है। सरकार चाहती है कि दिव्यांगजनों को न्याय और सुविधाओं के लिए बार-बार परेशान न होना पड़े। इसी उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों की टीमें मौके पर तैनात की गईं, ताकि प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, यूडीआईडी कार्ड और अन्य योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाएं तत्काल पूरी की जा सकें। मोबाइल कोर्ट में कुल 137 शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर सुनवाई के बाद आदेश पारित किए गए। चिकित्सा विभाग ने 26 दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र जारी किए, जबकि एक दिव्यांग को आयुष्मान कार्ड दिया गया। इसके अतिरिक्त, 67 दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, एमआर किट और श्रवण यंत्र जैसे सहायक उपकरण वितरित किए गए। राज्य आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य मामलों को तत्काल निपटाया जाए। उन्होंने दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। सीएमओ कार्यालय में सप्ताह में केवल एक दिन प्रमाण पत्र बनाए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने सप्ताह में कम से कम दो दिन शिविर लगाने और इसकी व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र व्यक्ति उनका लाभ उठा सकें। अधिकारियों को अपने कार्यालयों में दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनने के लिए निश्चित समय निर्धारित करने के भी निर्देश दिए गए। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश बघेल ने कार्यक्रम में विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, परियोजना निदेशक सत्येन्द्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

