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लखनऊ संस्कृत विश्वविद्यालय में निकली तिरंगा यात्रा:परिसर निदेशक बोले- तिरंगा यात्रा देश के प्रति जिम्मेदारी जताने का अवसर

लखनऊ के केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार शाम राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। परिसर निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत की। यात्रा में छात्र-छात्राओं, NSS स्वयंसेवकों और परिसर के सदस्यों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर सभी ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति का संदेश दिया। परिसर निदेशक ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि देश के प्रति निष्ठा और जिम्मेदारी जताने का अवसर है। तिरंगा देश की एकता, शौर्य, शांति और समृद्धि का प्रतीक है। युवा देश के भविष्य के साथ वर्तमान की बड़ी ताकत उन्होंने युवाओं से अपील की कि देशभक्ति को केवल नारों और आयोजनों तक सीमित न रखें। ईमानदारी, अनुशासन, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित में योगदान देकर इसे जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि देश की विविधता के बावजूद ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना सभी को एक सूत्र में जोड़ती है। युवा देश के भविष्य के साथ वर्तमान भारत की भी बड़ी ताकत हैं। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरे परिसर में राष्ट्रप्रेम और उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में प्रो. मदन मोहन पाठक, प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी, प्रो. भारत भूषण त्रिपाठी, प्रो. धनीन्द्र कुमार झा, प्रो. पवन कुमार समेत शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। NSS के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी प्रो. गणेश शंकर विद्यार्थी, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रुद्र नारायण नरसिंह मिश्र और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार द्विवेदी समेत NSS स्वयंसेवकों ने भी यात्रा में भाग लिया।

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