Breaking News
ताज की छांव में सजेगी शादियों की नई तस्वीर

इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो-2026 का शुभारंभ, पर्यटन मंत्री बोले—यूपी में निवेशकों के लिए सकारात्मक माहौल, वेडिंग इंडस्ट्री के विकास में सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी

50 से अधिक स्टॉल पर दिखी वेडिंग इंडस्ट्री की दुनिया, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने सरकार से इंडस्ट्री के लिए 10 सदस्यीय समिति बनाने की मांग रखी

बाबा न्यूज़ 

आगरा। ताज की छांव में सोमवार को शादियों के कारोबार की नई संभावनाओं पर मंथन शुरू हुआ। होटल ताज में इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो-2026 के द्वितीय संस्करण का शुभारंभ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने फीता काटकर किया। मंत्री ने एक्सपो में लगे 50 से अधिक स्टॉल का अवलोकन किया और वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों से संवाद कर उनके कारोबार, उत्पादों और संभावनाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम में विधायक भगवान सिंह कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, कार्यक्रम संरक्षक सुनील अग्रवाल, वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
के संरक्षक राजेश गोयल, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी, महासचिव संदीप उपाध्याय, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, दीप्ता गुप्ता उपस्थित रहे। बनारस के अस्सी घाट से आए मां आनंद भवन पाठशाला के 10 बालकों के दल ने आरती प्रस्तुत की।

सरकार कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ : जयवीर सिंह
कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। नई पर्यटन नीति, सुरक्षा, सुविधाओं, बेहतर कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए काम से निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन स्थलों का लगातार विकास हो रहा है और सरकार उद्योग, व्यापार तथा पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने के बाद होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज होटल, वेलनेस, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। उत्तर प्रदेश में पर्यटन के लिए 12 प्रमुख पर्यटन सर्किट विकसित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने पर्यटन नीति-2022 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र पर्यटन इकाइयों को निवेश की श्रेणी के अनुसार पूंजीगत सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। आधिकारिक नीति के अनुसार 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के पात्र निवेश पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। महिलाओं तथा एससी/एसटी उद्यमियों के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। विभिन्न प्रोत्साहनों की कुल सीमा नीति के अनुसार अधिकतम 30 प्रतिशत तक है।
जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक किलों, महलों, पुरानी रियासतों और हेरिटेज स्थलों में डेस्टिनेशन वेडिंग की व्यापक संभावनाएं हैं। राजस्थान की तर्ज पर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों को भी विवाह और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों से इन संभावनाओं में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार आवश्यक बुनियादी सुविधाओं, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं के विकास पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को भी निवेशकों को पर्यटन नीति के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि पर्यटन और वेडिंग इंडस्ट्री रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। एक पर्यटक के आने से करीब छह लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। इसी तरह एक शादी से वेडिंग प्लानर, कैटरर, होटल, हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञ, फैशन डिजाइनर, फोटोग्राफर, कलाकार, मेकअप आर्टिस्ट, ज्वेलरी डिजाइनर, डेकोरेटर, फूल विक्रेता, लाइटिंग और इवेंट से जुड़े अनेक लोगों को काम मिलता है।

मनीष अग्रवाल रावी ने मांगी 10 सदस्यीय समिति
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि दो दिवसीय कॉनक्लेव में वेडिंग इंडस्ट्री के विभिन्न पहलुओं पर छह विशेष सत्रों में चर्चा हो रही है। उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से वेडिंग इंडस्ट्री के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित करने की मांग रखी।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि समिति में पांच सदस्य सरकार की ओर से और पांच सदस्य वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। इससे उद्योग की समस्याओं, नीतिगत जरूरतों, नए अवसरों और विकास की संभावनाओं पर सरकार तथा इंडस्ट्री के बीच नियमित संवाद स्थापित हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि आगरा को सिटी ऑफ लव के साथ देश की प्रमुख वेडिंग सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण मंच है।

आगरा को वेडिंग सिटी बनाने पर मंथन
उद्घाटन के बाद ‘प्यार के शहर से शादी के शहर तक’ सत्र में मुख्य वक्ता बॉम्बे मेटल एक्सचेंज के अध्यक्ष सुनील कोठारी, ऋतुराज खन्ना, महावीर शर्मा, अरशद हुसैन, तरुण अग्रवाल और सूरज कटोच (दिल्ली) ने विचार रखे। मॉडरेटर संदीप उपाध्याय ने वक्ताओं से सवाल-जवाब के माध्यम से आगरा में वेडिंग इंडस्ट्री की संभावनाओं पर चर्चा की।

मिठाई की वैरायटी के साथ अब पैकेजिंग पर भी जोर
‘ए स्वीट अफेयर’ सत्र में मिठाइयों के बदलते स्वरूप और वेडिंग इंडस्ट्री में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई। सत्र का संचालन फिरोज हैदर नकवी ने किया। आंचल शेवानी, विनय नागपाल, तिमिर संगवी, दीप्ति गुप्ता, अमित गोयल, जय अग्रवाल और संदीप गोयल ने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि मिठाई के बिना भोजन और कोई भी दावत अधूरी मानी जाती है। समय के साथ मिठाइयों की दुनिया भी बदली है। कभी विवाह समारोहों में सीमित संख्या में पारंपरिक मिष्ठान चलते थे, वहीं अब 100 से अधिक वैरायटी उपलब्ध हैं। उन्होंने इवेंट प्लानरों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया, जिससे नए प्रयोग और अधिक क्रिएटिविटी सामने आ सके। आज मिठाई की वैरायटी के साथ पैकेजिंग पर भी अधिक जोर है।

एकजुटता से वेडिंग इंडस्ट्री को मिलेगी नई ताकत
‘द पावर ऑफ यूनिटी’ सत्र में अरशद हुसैन ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई। प्रीति शर्मा, गुंजन सिंह शर्मा, बलराम, महावीर शर्मा, संजीव कपूर और संदीप उपाध्याय ने इंडस्ट्री में आपसी सहयोग, नेटवर्किंग और एकजुटता की जरूरत पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कारोबारी और सेवा प्रदाता एक मंच पर आकर काम करें तो ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के साथ उद्योग के लिए नए अवसर भी तैयार होंगे।

फूलों से आगे बढ़ी शादी की सजावट
‘बियोंड द फ्लॉवर्स’ सत्र में आधुनिक वेडिंग डेकोरेशन पर चर्चा हुई। सौरभ सिंघल, राहुल कुमार(दुबई), राजा ऋचा भदौरिया, पीयूष सिंघल, स्वप्निल, प्रांजल और कविशा सिंघल ने शादी की सजावट में बदलते ट्रेंड, डिजाइन, थीम और नए अनुभवों पर विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि आज शादी की सजावट केवल फूलों तक सीमित नहीं रह गई है। थीम आधारित डिजाइन, लाइटिंग, तकनीक, इंस्टॉलेशन और व्यक्तिगत पसंद के अनुरूप तैयार किए गए सेटअप ने वेडिंग डेकोरेशन को अलग स्तर पर पहुंचा दिया है।

रील से रियल बिजनेस तक पहुंची डिजिटल दुनिया
प्रथम दिन के अंतिम सत्र ‘फ्रॉम रील टू रियल लीड्स’ में डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया, एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बदलते वेडिंग बिजनेस पर चर्चा हुई। राहुल बसंत शर्मा और आशीष अरोड़ा ने विचार रखे, जबकि सत्र का संचालन मयंक गुप्ता ने किया।
आशीष अरोड़ा ने कहा कि सोशल मीडिया अब केवल प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि वेडिंग कारोबार के लिए संभावित ग्राहकों तक पहुंचने, ब्रांड पहचान बनाने और वास्तविक बिजनेस लीड हासिल करने का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है। डिजिटल कंटेंट, सोशल मीडिया और नई तकनीक का रणनीतिक इस्तेमाल वेडिंग कारोबार के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहा है।

50 से अधिक स्टॉल पर वेडिंग इंडस्ट्री की पूरी दुनिया
एक्सपो में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें वेडिंग प्लानर, इवेंट्स, होटल, गिफ्ट आइटम, क्रॉकरी, फैशन, ड्राई फ्रूट, फोटोग्राफी, म्यूजिक, डेकोर, इत्र, एंटरटेनमेंट, बैंड, क्रूज और डीजे सहित वेडिंग से जुड़े विभिन्न उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित की गईं। विजिटर्स ने स्टॉल पर पहुंचकर नई सेवाओं, उत्पादों और शादी आयोजन के बदलते ट्रेंड की जानकारी ली।
दो दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वेडिंग इंडस्ट्री, होटल, पर्यटन और इवेंट सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

शादियों में संस्कृति और विरासत के कलाकारों को मिले मंच : गीतिका गंजूधर
फिल्म अभिनेत्री गीतिका गंजूधर ने विशेष सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय शादियां केवल रस्मों और समारोहों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी हैं। आज वेडिंग इंडस्ट्री में नए प्रयोग हो रहे हैं, ऐसे में आयोजकों और इवेंट प्लानरों को चाहिए कि वे शादियों के मंच पर लोक कलाकारों, शास्त्रीय कलाकारों और हमारी हेरिटेज कला से जुड़े कलाकारों को भी अवसर दें।
उन्होंने कहा कि शादी समारोहों में पारंपरिक संगीत, लोकनृत्य, शास्त्रीय प्रस्तुतियां और स्थानीय कला को शामिल करने से आयोजन को अपनी अलग पहचान मिलती है। इससे एक ओर भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर वर्षों से अपनी कला को जीवित रख रहे कलाकारों को सम्मान और रोजगार का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर में वेडिंग इंडस्ट्री और हेरिटेज कलाकारों का यह जुड़ाव देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के सामने भारतीय संस्कृति की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर सकता है।

श्याम बाबू गर्ग को लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
कार्यक्रम में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026 से श्याम बाबू गर्ग जी कुंजामल एसोसिएट्स प्रदान किया गया। 1910 से अनवरत वेडिंग परम्परा के शताब्दी पुरुष माने जाने वाले श्याम बाबू वेडिंग उद्योग में 115 वर्षों की गौरवशाली परम्परा को जीवित रखते हुए पूर्वजों द्वारा 1910 में रोपे गए बीज को आज वटवृक्ष बना चुके हैं। 78 वर्ष की आयु में भी कर्मठता, ईमानदारी और समर्पण से इस उद्योग को सींच रहे हैं।
इसके अलावा सायंकाल सांस्कृतिक संध्या में सिंघल क्रिएशन, जीकेएस इवेंट्स, गोपाल दास पेठे वाले, आर इवेंट्स, नित्या वेडिंग, वेडिंग साथी, रिदम एंटरटेनमेंट, माना कैटर्स, एटीएच वेडिंग, की इवेंट्स, एसएनजे ग्रुप एंड रिजॉर्ट्स, डी ग्रांड मर्किस, राज देवम, वीजी क्राफ्ट, स्टार ड्रीम, मेवा बाइट, केएनसीसी, क्रिएटिव वेडिंग बाय सनी, देवीराम, एक्सपर्ट इवेंट्स को ऑल इंडिया आइकन अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *