कृषि मंत्री शाही ने जैव उर्वरक प्रयोगशाला का किया निरीक्षण:कुमारगंज कृषि विश्वविद्यालय में गौधन इकाई भी देखी, वैज्ञानिकों को दिए निर्देश
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को अयोध्या जिले के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशक उत्पादन प्रयोगशाला, गौधन इकाई तथा गोबर कंपोस्ट इकाई का अवलोकन किया और वैज्ञानिकों से विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि जैविक उत्पादों के उपयोग से खेती की लागत में कमी आएगी और मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा। उन्होंने ट्राइकोडर्मा, पीएसबी और राइजोबियम जैसे जैव उत्पादों को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। शाही ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में संचालित ये इकाइयां कृषि अनुसंधान और किसान हित के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। राज्य सरकार रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के बाद मंत्री ने विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय समूह बैठक (खरीफ 2026) में भाग लिया और वैज्ञानिकों व किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है और पशुधन संसाधनों में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रदेश सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और पशुधन को सुदृढ़ करने के लिए लगातार काम कर रही है। बैठक में चारा फसलों की उपलब्धता और उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश में हरे और सूखे चारे की कमी को दूर करने के लिए बीज उत्पादन, मिनीकिट वितरण और नेपियर घास की रूट स्लिप योजना को प्रभावी बताया गया। मंत्री ने बताया कि 2025-26 में हजारों पशुपालकों को मुफ्त चारा बीज मिनीकिट वितरित किए गए हैं और आगामी वर्ष में इस योजना का विस्तार किया जाएगा। गौ आश्रय स्थलों में चारा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, ताकि गौवंश के पोषण में सुधार हो सके। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी ने कृषि अनुसंधान, चारा विकास और पशुधन सुधार के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और जैविक खेती अपनाने की दिशा में सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई।

