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अतिक्रमण हटाने पर नगर निगम की टीम पर हमला:अलीगढ़ में निगमकर्मी पर डीजल डाला, दुकानदार बोला– डंडों से पीटा, खुद पर डाला था तेल

अलीगढ़ में मंगलवार दोपहर करीब 3:00 बजे बाहरद्वारी पर अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम की प्रवर्तन टीम और दुकानदारों के बीच जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदार का आरोप है कि नगर निगम की टीम ने उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि दुकानदार ने उसे जिंदा जलाने की नीयत से उसके ऊपर डीजल छिड़क दिया। इसकी जानकारी पर थाना बन्नादेवी पुलिस मौके पर पहुंच गई। उधर, नगर निगम ने दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। डंडों से पीटने और कपड़े फाड़ने का आरोप दुकानदार गोपाल शर्मा का आरोप है कि कुछ समय पहले नगर निगम ने दुकानदारों को दुकानें खाली करने का नोटिस दिया था। इस मामले में न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया था। इसमें उनकी जीत भी हुई थी। बावजूद इसके नगर निगम की टीम आ गई और दुकान को खाली कराने का दबाव बनाने लगी। इसका विरोध करने पर उनको डंडों से पीटा गया, जिसमें कपड़े फट गए और शरीर पर चोट भी आई हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों को लिखित में दे रखा है कि अगर आपके पास कोर्ट का कोई वैध आदेश है तो आप हमें दिखाएं, हम खुद दुकान खाली कर देंगे। लेकिन आज ये लोग बिना किसी वैध कागजात के बुलडोजर लेकर आ गए और जबरदस्ती करने लगे। दुकानदार बोला–खुद पर ही डाला था तेल दुकानदार ने कहा कि जब ये लोग नहीं माने और जबरदस्ती करने लगे, तो मैंने हताश होकर मिट्टी का तेल (केरोसिन) अपने ऊपर डालने की कोशिश की ताकि ये लोग पीछे हट जाएं। इसी दौरान उन्होंने मुझसे बोतल छीनने की कोशिश की, जिससे तेल उन पर भी गिर गया। अब वे उल्टा मुझ पर ही तेल फेंकने का झूठा इल्जाम लगा रहे हैं। गोपाल शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में नगर निगम की टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो सभी पीड़ित व्यापारी मुख्यमंत्री आवास के सामने जाकर सामूहिक आत्मदाह करने को विवश होंगे। कर्मचारी पर डीजल डालकर जलाने का आरोप दूसरी तरफ नगर निगम के प्रवर्तन दल के प्रभारी एमपी सिंह ने दुकानदारों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह रूटीन कार्रवाई थी और व्यापारियों को पहले से इसकी सूचना दी गई थी। महापौर और नगर आयुक्त के निर्देश पर पूरे बाजार में संकल्प पत्र बांटकर अतिक्रमण न करने की अपील की गई थी। पिछले 8 दिनों से लगातार मुनादी भी कराई जा रही थी। मंगलवार को जब टीम मामू भांजा और बाराद्वारी क्षेत्र से गुजर रही थी, तो कुछ दुकानें अत्यधिक अतिक्रमण किए हुए पाई गईं। जब टीम ने अवैध रूप से लगाए गए तिरपाल को हटाने की कोशिश की, तो गोपाल VIP दुकान के संचालक ने विरोध शुरू कर दिया और हमारे कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। इसके आलावा उसके ऊपर बोतले में भरे डीजल को भी उड़ेल दिया। कर्मचारी बोला- तीली नहीं दिखाई, वरना आज जिंदा जल जाता नगर निगम के कर्मचारी गौरव ने कहा कि वह अधिकारियों के निर्देश पर अतिक्रमण हटा रहे थे। तभी इन लोगों ने आकर मारपीट शुरू कर दी। दुकानदार ने मेरे ऊपर जान से मारने की नीयत से पूरा डीजल उड़ेल दिया। मैं सिर से पैर तक डीजल से भीग गया। गनीमत रही कि उन्होंने तीली नहीं दिखाई, वरना आज अनहोनी हो जाती। पुलिस ने शुरू की जांच नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट करने और उन पर जानलेवा हमले के आरोप में नगर आयुक्त के निर्देश पर आरोपी दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। वहीं, पीड़ित दुकानदार भी पुलिस को तहरीर देकर नगर निगम की टीम के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक बन्नादेवी राजीव कुमार का कहना है कि घटना की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयानों और मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

छिबरामऊ मंडी समिति में 3.06 करोड़ के गबन का आरोप:कन्नौज में प्रभारी सचिव और लिपिक पर मुकदमा दर्ज, 3 सदस्यीय जांच टीम गठित

कन्नौज की छिबरामऊ कृषि उत्पादन मंडी समिति में करीब 3.06 करोड़ रुपए के गबन का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद प्रभारी सचिव और एक लिपिक के खिलाफ छिबरामऊ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, छिबरामऊ मंडी समिति में तैनात मंडी निरीक्षक श्रवण सिंह परमार, जो प्रभारी सचिव का कार्यभार भी संभाल रहे थे, और लिपिक ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 15 जून 2026 को कानपुर संभागीय कार्यालय में शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद संभागीय लेखाधिकारी साक्षी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। जांच समिति में कृषि उत्पादन मंडी समिति कानपुर के सचिव विजन कुमार श्रीवास्तव, मंडी परिषद कानपुर के अनुभाग अधिकारी शशि कुमार मिश्रा और मंडी समिति इटावा के लिपिक राजेश कुमार शामिल थे। जांच में सामने आया कि श्रवण सिंह परमार ने 30 सितंबर 2023 से 7 जुलाई 2026 के बीच मंडी शुल्क के रूप में वसूले गए 2 करोड़ 97 लाख 84 हजार 163 रुपये सरकारी खाते में जमा नहीं किए। वहीं, लिपिक ज्ञानेश कुमार पर 1 दिसंबर 2023 से 7 जुलाई 2026 के बीच 8 लाख 78 हजार 466 रुपये के गबन का आरोप पाया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पर कुल 3 करोड़ 6 लाख 63 हजार 79 रुपये के गबन का आरोप है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कानपुर स्थित संभागीय कार्यालय से प्राप्त निर्देश के बाद मंगलवार को छिबरामऊ कोतवाली में प्रभारी सचिव श्रवण सिंह परमार और लिपिक ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023 की धारा 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और विभागीय अभिलेखों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ के रोजगार मेले में 253 अभ्यर्थियों का चयन:613 अभ्यर्थियों ने किया सहभागिता, लगातार जिले में आयोजित हो रहा मेला

उत्तर प्रदेश सरकार की रोजगारपरक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के क्रम में मंगलवार को हरिऔध कला केन्द्र, आजमगढ़ में वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस रोजगार मेले में एयरटेल, वेलस्पन प्रा.लि., वर्धमान प्रा.लि., हीरो मोटर्स, फ्लिपकार्ट, मैक्सवेल हॉस्पिटल, रोहित हाइब्रिड प्रा.लि., मर्सी होम हेल्थकेयर सर्विसेज, नर्सिंग केयर-24, आईसेट, एडुवांटेज इंडिया प्रा.लि. सहित कुल 18 प्रतिष्ठित कंपनियों ने प्रतिभाग किया। इन कंपनियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में 2,275 रिक्त पदों पर भर्ती हेतु अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। रोजगार मेले में कुल 613 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 400 अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया गया। विभिन्न कंपनियों द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया के उपरांत 253 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से 40 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र और प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही सरकार इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने कहा कि ऐसे रोजगार मेले युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। बताते चले के जिले में लगातार रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है इन रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है। जिससे जिले के युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पड़े। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

बदायूं में बंद मकान से प्रेमी युगल हिरासत में:पुलिस ने भीड़ के सामने ताला खुलवाया, पूछताछ के लिए थाने ले गई

बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे एक बंद मकान से प्रेमी युगल मिलने की सूचना पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। वार्ड-4 में हुई इस घटना के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, बंद मकान में एक युवक और युवती के मौजूद होने की सूचना फैलते ही आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर थाना पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों की मौजूदगी में मकान का ताला खुलवाया और अंदर मौजूद दोनों को बाहर निकालकर पूछताछ के लिए थाने ले गई। घटना के दौरान मौके पर काफी देर तक भीड़ लगी रही। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति सामान्य कराई। इस दौरान घटना के वीडियो भी बनाए गए, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। प्रभारी निरीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस को इस संबंध में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।

ललितपुर में 66 यात्री बिना टिकट पकड़े गए:विशेष अभियान में ₹68,385 का राजस्व वसूला गया

ललितपुर। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन वर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-ललितपुर-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी खंड में एक विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। सुबह से शाम 6 बजे तक चले इस अभियान में कुल 66 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनसे रेलवे को ₹68,385 का राजस्व प्राप्त हुआ। अभियान के दौरान, 41 यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े गए, जिनसे ₹50,350 का जुर्माना वसूला गया। अनियमित यात्रा के 20 प्रकरणों से ₹16,835, रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत 4 प्रकरणों से ₹1,100 और धारा 167 के तहत 1 प्रकरण से ₹100 का जुर्माना वसूला गया। इस अभियान का पर्यवेक्षण मुख्य टिकट निरीक्षक (मुख्यालय) एम.एल. मीणा और मुख्य टिकट निरीक्षक (स्टेशन) अशोक कुमार त्रिपाठी ने किया। टिकट जांच स्टाफ में सरिता नोनिया, सारिका सचान, सुवर्ण खांडेकर, राजेंद्र सिंह, डी. चोपड़ा, प्रियंका अहिरवार, प्रीति निरंजन और अमेनिटी स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरपीएफ के पुनीत भारती भी उपस्थित रहे।