ई-पंजीकरण, निजीकरण के विरोध में वकीलों की हड़ताल:कानपुर देहात में अधिवक्ताओं ने सरकार को सौंपा ज्ञापन

कानपुर देहात की अकबरपुर तहसील में अधिवक्ताओं ने ई-पंजीकरण व्यवस्था और पंजीयन प्रक्रिया के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। अधिवक्ता समिति अकबरपुर के अध्यक्ष विपिन चंद्र दीक्षित के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव राजस्व तथा महानिरीक्षक निबंधन एवं स्टाम्प के नाम अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने और पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनका आरोप है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो इससे न केवल अधिवक्ताओं की भूमिका प्रभावित होगी, बल्कि स्टाम्प विक्रेताओं और आम नागरिकों को भी कई व्यावहारिक और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष विपिन चंद्र दीक्षित ने जोर देकर कहा कि सरकार को किसी भी बड़े बदलाव को लागू करने से पहले अधिवक्ता समाज और संबंधित पक्षों से संवाद करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पंजीयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का निजीकरण लागू करने से पहले व्यापक विचार-विमर्श किया जाए और नागरिकों के हितों तथा उनकी विधिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। हड़ताल के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार से अपनी पांच सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। इस प्रदर्शन में सिकंदरा अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष कुलदीप सिंह यादव, डेरापुर अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी, मैथा अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष कुलदीप तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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