नोवा अस्पताल में नवजात की मौत:परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की
बलरामपुर में नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित नोवा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नगर कोतवाली में तहरीर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पताल के अभिलेख और इलाज व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। 13 अगस्त की रात भर्ती हुई थी गर्भवती मृतक नवजात के पिता अमित कुमार यादव, निवासी कुटकुड्यों, थाना हरैया, ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी खुशबू को 13 अगस्त की देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 अगस्त की सुबह उसने एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों के मुताबिक, प्रसव के बाद मां और नवजात की स्थिति सामान्य बताई गई थी। कुछ समय बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप है कि हालत खराब होने के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया। परिजनों का कहना है कि जांच के नाम पर नवजात के कई बार रक्त के नमूने लिए गए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
आज दोपहर नवजात की मौत परिजनों के अनुसार, 15 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे नवजात की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध जताते हुए पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली और तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग ने डेढ़ घंटे तक खंगाले दस्तावेज मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल के दस्तावेज, उपचार संबंधी अभिलेख और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भी जारी किया गया। जांच में अस्पताल के लाइसेंस से जुड़ा मामला भी सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे अभी औपचारिक स्वीकृति नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग बिना लाइसेंस संचालन से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नवजात की मौत के वास्तविक कारण, उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और अस्पताल के संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपचार में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने नवजात की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। प्रबंधन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है और जांच में वास्तविक तथ्य सामने आ जाएंगे।

