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आगरा के योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’ को मिला ‘रामायणी सम्मान’

रामायण रिसर्च काउंसिल ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में किया भव्य आयोजन

भजन सम्राट अनूप जलोटा सँग 28 विभूतियों को मिला रामायणी सम्मान
बाबा न्यूज
आगरा। रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर देश भर से चयनित 28 विभूतियों को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में रामायणी सम्मान से सम्मानित किया गया।
सम्मान पाने वालों में भजन सम्राट अनूप जलोटा और अन्य विभूतियों के साथ पाँच दशक से देश भर में सुंदरकांड का सुमधुर गायन कर राम नाम और राम भक्ति रस को जन जन तक पहुँचाने वाले आगरा के श्री राम उपासक, मानस मर्मज्ञ तथा राम काव्य-शिल्पी, स्टेट बैंक आॅफ इंडिया से सेवानिवृत्त लॉयर्स कॉलोनी निवासी 81 वर्षीय वरिष्ठ कवि-साहित्यकार योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’ भी शामिल रहे।

मंच पर ये विभूतियाँ रहीं मौजूद

मंच पर मौजूद महर्षि योग आश्रम हरिद्वार के संस्थापक महर्षि योगी मधुसूदन जी, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री आचार्य डॉ. हरिहर कृपालु त्रिपाठी जी महाराज, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय जी, श्रीजानकी कथा-मर्मज्ञ बाल-व्यास वैदेहीनंदन पंडित वेदांत जी, काउंसिल के ट्रस्टी एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भरत नागर, वाराणसी जोन के एडीजी पुलिस नवीन अरोड़ा, नैनीताल-उधमसिंह नगर, उत्तराखंड के सांसद एवं रामायण रिसर्च काउंसिल के बोर्ड आॅफ ट्रस्टी के अध्यक्ष अजय भट्ट, छत्तीसगढ़ के सरगुजा से सांसद चिंतामणि महाराज, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, अध्यक्षता कर रहे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित चतुवेर्दी, भजन सम्राट अनूप जलोटा, रामायण रिसर्च काउंसिल की प्रभारी एवं आध्यात्मिक गुरु साध्वी प्रज्ञा भारती, रामायण रिसर्च काउंसिल के ट्रस्टी एवं ह्यरामायणी सम्मानह्ण के संयोजक सेवानिवृत्त आईएएस देवदत्त शर्मा और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. शरदिन्दु कुमार तिवारी ने रामकाज में लगीं 28 विभूतियों को रामायणी सम्मान प्रदान किया।
पीतांबर मिश्र ने संचालन किया। कार्यक्रम में आगरा से कवि कुमार ललित, एडवोकेट अजय पाठक और प्रॉपर्टी डीलर अतुल कुमार भी शामिल रहे।

उत्कृष्ट योगदान करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करना है उद्देश्य

रामायण रिसर्च काउंसिल के ट्रस्टी एवं रामायणी सम्मान के संयोजक अशोक नगर, आगरा निवासी सेवानिवृत्त आईएएस देवदत्त शर्मा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, साहित्य, शोध, रामकथा, संगीत एवं सामाजिक जागरण के क्षेत्र में रामायण से प्रेरित उत्कृष्ट योगदान करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करना है।

योगी जी की राम नाम सेवा है सराहनीय

प्रतिष्ठित रामायणी सम्मान पाने वाली देशभर से चयनित 28 विभूतियों में आगरा से एकमात्र चयनित पं. योगेश चंद्र शर्मा योगी जी की राम नाम सेवा सराहनीय रही है। विगत पाँच दशक से आप सुंदरकांड का समुधुर और हृदय स्पर्शी गायन कर रहे हैं। रामचरितमानस के विविध प्रसंगों पर आधारित अपनी अनूठी रचनाओं से आप राम भक्ति का रस जन-जन तक निरंतर पहुंचा रहे हैं। आपके द्वारा रचित काव्य-ग्रंथों:- श्रीराम चरितामृत और श्रीराम चरणामृत को राम रसिकों, राम कथा वाचकों, साहित्य-समीक्षकों और राम भक्तों की खासी सराहना मिल चुकी है। लोक भाषा, ब्रजभाषा और खड़ी बोली हिंदी में आपका अधिकार और आपका लेखन सराहनीय है।

इन विशिष्ट जनों को मिला रामायणी सम्मान

अनूप जलोटा (भजन सम्राट), अनुराधा पौडवाल (मुंबई), आर.के. सिन्हा (बिहार), किशोर कुणाल (पटना, मरणोपरांत), डॉ. अर्चना प्रकाश (लखनऊ), भगवान दास (नई दिल्ली), डॉ. उदय प्रताप सिंह (वाराणसी), डॉ. अवधी हरि (लखनऊ), योगेश्वर प्रसाद देवरानी (नैनीताल), आदित्य जैन (नीमच, मध्य प्रदेश), अभय माणके (इंदौर), संत हरिओम (हाथरस), नरेंद्रनाथ गगन (बिहार), योगेश चंद्र शर्मा योगी (आगरा), संजीव कुमार (बिहार), डॉ. आशा ओझा (बिहार), मद्गुल्ला प्रफुल्ला (आंध्र प्रदेश), विनोद कुमार तिवारी (झारखंड), डॉ. चंद्र प्रभा मदान (हरियाणा), आचार्य संतोष पांडेय (राजस्थान), अजय याग्निक (दिल्ली), विंध्याचल मणि त्रिपाठी (उत्तर प्रदेश), राजराधे कृष्ण शर्मा (महाराष्ट्र), प्रेम प्रकाश दुबे (महाराष्ट्र), त्रिलोकी नाथ पांडेय (उत्तर प्रदेश), रामभनी विवेदी (उत्तर प्रदेश), डॉ. रविशंकर पांडेय (उत्तर प्रदेश) एवं रेखा मेहरा (नई दिल्ली)।

 

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