आजमगढ़ कोर्ट ने सुनाई 21 माह की सजा:शादी से इनकार करने पर चाकू से किया था जानलेवा हमला
आजमगढ़ कोर्ट ने शादी से इंकार करने पर जानलेवा हमला किए जाने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को एक वर्ष नौ माह के सश्रम कारावास तथा सात हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक कमलापति ने शुक्रवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा रामपत निवासी अलौवा थाना कप्तानगंज रोजी रोटी के सिलसिले में लुधियाना रहता था। वादी रामपत की बेटी सरिता के विवाह की बातचीत राबिन सिंह निवासी खाखन सारकज नाहर खाखू थाना हिंदूमल जिला गंगानहर राजस्थान से चल रही थी।रामपत ने राबिन सिंह के घर आदि के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद शादी से इनकार कर दिया। इस बात पर राबिन सिंह नाराज हो गया और 08 फरवरी 2025 को रामपत के घर अलौवा आ पहुंचा। राबिन सिंह ने घर वालों को धमकाना शुरू कर दिया। इसी कहासुनी में राबिन सिंह ने सरिता पर चाकू से हमला कर दिया उसे बचाने आई सरिता के मां पर भी हमला किया। शोरगुल सुनकर गांव वालों ने मौके पर ही राबिन सिंह को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। आठ गवाहों ने दी गवाही
अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल पाण्डेय तथा राजीव सिंह ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी राबिन सिंह को कातिलाना हमले के बजाय गम्भीर रूप से हमले का दोषी पाते हुए एक वर्ष नौ माह के सश्रम कारावास तथा सात हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

