वाराणसी-कोर्ट से करोड़ों के लेनदेन में दंपती की जमानत खारिज:कोर्ट ने मांगे लेनदेन के दस्तावेजी साक्ष्य, 2016 में व्यापार के लिए 1.20 करोड़
वाराणसी कोर्ट ने कैंट थाना क्षेत्र में करीब 1 करोड़ 20 लाख 50 हजार रुपये के कथित वित्तीय लेनदेन, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों से जुड़े मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सुनवाई की। कोर्ट ने सामने आए दस्तावेजों, कथित दो PAN कार्ड, लेनदेन तथा जांच की स्थिति को देखते हुए प्रयागराज निवासी आरोपी उमंग ग्रोवर व उनकी पत्नी पूजा ग्रोवर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अग्रिम ज़मानत अर्जी का विरोध सेंट्रल बार एसोसिएशन के निवर्तमान उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता दीपक राय कान्हा ने किया। अभियोजन ने बताया पूरा मामला अभियोजन ने बताया कि वादी पीयूष वर्मा की ओर से आरोप लगाया गया कि वर्ष 2016 से 2017 के बीच उनके, उनकी पत्नी और उनकी माता से संबंधित बैंक खातों तथा स्वर्ण आभूषणों से जुड़ी रकम के माध्यम से आरोपी पक्ष को कुल 1,20,50,000 रुपये दिए गए। आरोपी उमंग ग्रोवर ने प्रयागराज के कटरा क्षेत्र में साड़ियों का कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मांगी थी। आरोप है कि रकम को निवेश या साझेदारी के बजाय ब्याज पर लिए गए निजी असुरक्षित ऋण के रूप में बताया गया था और मूलधन सुरक्षित रखने तथा नियमित ब्याज देने का भरोसा दिया गया था। वादी पक्ष ने अदालत के समक्ष यह भी दावा किया कि रकम के लेनदेन से संबंधित ई-मेल, बैंक ट्रांसफर, ब्याज की गणना और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। वर्ष 2021 में करीब 44 लाख रुपये का भुगतान किए जाने तथा उसमें TDS काटे जाने का भी उल्लेख किया गया। MOU और चेक को लेकर भी विवाद वादी पक्ष के अनुसार 31 मार्च 2023 को स्टाम्प पेपर पर दो MoU तैयार किए गए थे। आरोप है कि इनमें बकाया रकम और ब्याज से संबंधित शर्तों का उल्लेख था। इसके साथ ही कथित तौर पर पोस्ट डेटेड चेक भी दिए गए। वादी की ओर से अदालत में यह दावा किया गया कि बाद में संबंधित चेक बैंक में लगाए जाने पर “No Such Account” की टिप्पणी के साथ वापस हो गए। इसी आधार पर वादी पक्ष ने लेनदेन और बैंक खाते की स्थिति की विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई। दो PAN कार्ड का मुद्दा भी उठा मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक आरोपी दंपती के नाम से कथित तौर पर दो-दो PAN कार्ड जारी होने का मुद्दा है। अभियोजन/वादी पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि पूजा ग्रोवर के नाम से जारी दोनों PAN में पिता के नाम और पते को लेकर अंतर है, जबकि जन्मतिथि समान बताई गई है। इसी तरह उमंग ग्रोवर के PAN से संबंधित दस्तावेजों में भी जन्मतिथि आदि में अंतर होने का दावा किया गया। वादी पक्ष ने इसे पहचान और दस्तावेजों की सत्यता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए आयकर विभाग सहित संबंधित संस्थाओं से जांच की मांग की।

