BHU चीफ प्राक्टर पर सुरक्षाकर्मी ने लगाया भेदभाव का आरोप:वीडियो जारी किया,बोला- पूर्व सैनिकों की जगह महिला सुरक्षाकर्मियों की कर रहे भर्ती
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप पोखरिया की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्र संगठनों के विरोध के बाद अब प्राक्टोरियल बोर्ड में तैनात रहे एक पूर्व सैनिक सुरक्षाकर्मी ने भी सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को सुरक्षाकर्मी का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। हालांकि, दैनिक भास्कर इस प्रसारित वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में प्रमोद कुमार सिंह नामक व्यक्ति विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था, पूर्व सैनिकों की जगह महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, वेतन से जुड़े मामलों और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर कई आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था में पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता देने की मांग भी की है। वीडियो में चीफ प्राक्टर समेत अन्य अधिकारियों पर सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और छात्रों के उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुटा है। इसके तहत नए सीसी कैमरे लगाने और सुरक्षा पोस्ट की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। चीफ प्राक्टर बोले- अनुशासनहीनता के कारण हटाया गया चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने वीडियो में लगाए गए आरोपों पर कहा कि प्रमोद कुमार सिंह को करीब दो माह पहले अनुशासनहीनता के आरोप में सुरक्षा सेवा से हटाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सेवा से हटाए जाने के बाद इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, इसलिए इन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

