हापुड़ में 7 दिवसीय रचनात्मक लेखन कार्यशाला का समापन:छात्राओं को मिला कल्पना और मौलिकता से लिखने का मंच
हापुड़ के आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सात दिवसीय ‘क्रिएटिव राइटिंग’ कार्यशाला का समापन हुआ। अंग्रेजी विभाग की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था एथॉस क्लब ने इसका आयोजन किया था। यह कार्यशाला 17 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी, जिसमें छात्राओं को रचनात्मक लेखन की बारीकियां सिखाई गईं। विशेषज्ञों ने लेखन की प्रक्रिया, कल्पना, मौलिकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। समापन समारोह की शुरुआत अंग्रेजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अलका सिंह के नेतृत्व में हुई। आमंत्रित विशेषज्ञों, कॉलेज की प्राचार्या और प्राध्यापिकाओं ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर कार्यक्रम शुरू किया। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और अतिथियों के स्वागत में स्वागत गीत गाया गया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. मीनू कश्यप ने सात दिवसीय कार्यशाला की गतिविधियों और मुख्य उपलब्धियों का संक्षिप्त ब्यौरा दिया। इसके बाद विषय-विशेषज्ञ प्रो. संगीता अग्रवाल ने रचनात्मक साहित्य के स्वरूप पर अपने विचार रखे। वे संस्कृत विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि सृजनात्मक लेखन लेखक की कल्पना, मौलिकता और भावनाओं से विकसित होता है। साहित्य सिर्फ जानकारी नहीं देता, बल्कि पाठक में भावनात्मक अनुभव और सौंदर्यबोध भी जगाता है। इसके बाद संगीत विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. जया शर्मा ने साहित्य और संगीत के संबंध पर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों ही मानवीय भावनाओं को व्यक्त करने के प्रभावी माध्यम हैं। साहित्य शब्दों से और संगीत सुर व धुन से भावनाओं को सामने लाता है। दोनों विशेषज्ञों ने छात्राओं के सवालों के जवाब दिए और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. साधना तोमर ने अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने रचनात्मक लेखन को मानव मन की कल्पना, संवेदना और विचारों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम बताया। इस मौके पर अतिथियों को यादगार के तौर पर पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लेने वाली छात्राओं को सहभागिता प्रमाण-पत्र दिए गए। प्रमाण-पत्र पाकर छात्राएं उत्साहित दिखीं। कार्यक्रम के आखिर में अंग्रेजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अलका सिंह ने सभी अतिथियों, प्राचार्या, प्राध्यापिकाओं और छात्राओं का धन्यवाद किया।

