गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजा इलाका:जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को विदाई दी
प्रतापगढ़ के कुंडा कस्बे में रानी गिरजा बालिका इंटर कॉलेज के पास पिछले 16 साल से आयोजित हो रहे गणेश उत्सव का शुक्रवार शाम करीब 4 बजे समापन हो गया। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को विदाई दी। इस दौरान निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। 2 महीने में तैयार हुआ बंगाल के कारीगरों का पंडाल इस बार गणेश उत्सव में बंगाल से आए कारीगरों द्वारा तैयार किया गया पंडाल आकर्षण का केंद्र रहा। आयोजकों के मुताबिक, पंडाल तैयार करने में कारीगरों को करीब दो महीने का समय लगा और इसे बनाने में लगभग 20 लाख रुपए खर्च हुए। पंडाल के साथ लगे बड़े मेले में स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के जिलों से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने गणेश प्रतिमा के दर्शन के साथ मेले का भी आनंद लिया। ढोल-नगाड़ों के साथ निकली विसर्जन यात्रा शुक्रवार शाम गणपति बप्पा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए पंडाल से मानिकपुर गंगा घाट ले जाया गया। शोभायात्रा माझिलगांव बाईपास, बाबूगंज और कबरियागंज होते हुए निकली। ढोल-नगाड़ों की थाप और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। अबीर-गुलाल उड़ाते हुए लोग गणपति की भक्ति में डूबे नजर आए।
पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था शोभायात्रा और विसर्जन के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई। कुंडा कोतवाल अरविंद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पूरे मार्ग पर नजर रखते रहे। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। आयोजकों की ओर से भी शोभायात्रा और विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं।

