ED का नोएडा में बड़ा एक्शन:यूनिटेक गोल्फ एंड कंट्री क्लब प्रोजेक्ट की 634 करोड़ की संपत्ति अटैच, 7 हजार करोड़ फंड किया डायवर्ट

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूनिटेक गोल्फ एंड कंट्री क्लब प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा के सेक्टर-96, 97 और 98 स्थित परियोजना की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। ईडी मुख्यालय की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट, नई दिल्ली ने 27 मई को पीएमएलए एक्ट, 2002 के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। ईडी के अनुसार इस कार्रवाई में कुल 634.12 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिन्हें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम माना गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह रकम होमबायर्स और वित्तीय संस्थानों के फंड के कथित डायवर्जन से जुड़ी है। 347.83 एकड़ जमीन और कंपनियों की हिस्सेदारी अटैच
अटैच की गई संपत्तियों में लगभग 347.83 एकड़ जमीन के लीजहोल्ड अधिकार शामिल हैं। इसके अलावा स्पेशल पर्पज कंपनी और कंसोर्टियम स्ट्रक्चर के जरिए रखी गई इक्विटी शेयरहोल्डिंग भी कार्रवाई के दायरे में आई है। इसमें प्रमुख रूप से सनग्रेस प्रोडेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (यूफ्लेक्स ग्रुप) और सीआईजी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की हिस्सेदारी शामिल है। ईडी ने बताया कि वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से यूजीसीसी प्रोजेक्ट की अटैच संपत्तियों का मूल्य करीब 8115 करोड़ रुपये है। 76 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस और सीबीआई द्वारा यूनिटेक लिमिटेड, उसके प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज 76 एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और होमबायर्स के पैसे के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। 7794 करोड़ रुपये डायवर्ट करने का आरोप
ईडी जांच में सामने आया कि यूनिटेक लिमिटेड को होमबायर्स, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों से कुल 16,075.89 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इनमें से करीब 7,794.35 करोड़ रुपये गैर-निर्धारित उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किए गए। जांच एजेंसी के मुताबिक सनग्रेस प्रोडेक्ट (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और सीआईजी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने यूजीसीसी प्रोजेक्ट में बिना समुचित वित्तीय योगदान दिए आर्थिक हित हासिल किए और उन्हें बनाए रखा। अब तक 2281 करोड़ की संपत्तियां अटैच
ईडी ने बताया कि यूनिटेक मामले में अब तक कुल 1296 चल और अचल संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं, जिनकी कुल कीमत 2281.07 करोड़ रुपये है। मामले में एक मुख्य और दो सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट विशेष पीएमएलए कोर्ट, दिल्ली में दाखिल की जा चुकी हैं। मामले की आगे की जांच जारी है। ईडी ने कहा कि एजेंसी वित्तीय अपराधों के पीड़ितों और वैध दावेदारों को पारदर्शी और त्वरित तरीके से न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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