भीषण गर्मी के बीच बेलगिरी जूस का वितरण, राहगीरों को मिली राहत

 

बाबा न्यूज 

आगरा। भीषण गर्मी और नौतपा के प्रकोप को देखते हुए ‘फार्मा फ्रेंड्स एवं मित्र मंडली’ द्वारा गुरुवार को एक सराहनीय सेवा कार्य किया गया। इस अधिक मास के पावन अवसर पर संस्था द्वारा पालीवाल पार्क स्थित प्याऊ पर दोपहर 12 बजे से विशाल ‘बेलगिरी जूस वितरण’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

समन्वयक नितिन गुप्ता ने कहा कि चिलचिलाती धूप और लू से बेहाल राहगीरों व जरूरतमंदों को ठंडा और स्वास्थ्यवर्धक बेलगिरी का जूस पिलाकर राहत पहुंचाई गई। आयुर्वेद में बेल के जूस को लू और पेट की बीमारियों से बचाने में रामबाण माना जाता है। दोपहर की तीखी धूप में भी सभी ने पूरी निष्ठा से श्रमदान किया। इस अवसर नितिन गुप्ता, अमित वार्ष्णेय, नितिन बंसल, विभव मिश्रा, सीमित सक्सेना, हर्ष चोपड़ा, अरुण कपूर, अभिनव अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, पूरण सिंह आदि मौजूद रहे।

हाथियों और भालू को गर्मी से बचने के लिए दिए जा रहे ठंडे फल और सब्जियां

 

वाइल्डलाइफ एसओएस ने गर्मियों में देखभाल के लिए उठाए विशेष कदम
बाबा न्यूज
आगरा। देशभर में गर्मी बढ़ने के साथ, वाइल्डलाइफ एसओएस ने गर्मी के मौसम में बचाए गए भालू और हाथियों को साल के सबसे गर्म महीनों के दौरान आरामदायक, हाइड्रेटेड और स्वस्थ रखने के लिए प्रबंधन प्रोटोकॉल को मजबूत कर दिया है। आगरा और मथुरा स्थित अपनी सुविधाओं में, संस्था ने तापमान में वृद्धि से राहत प्रदान करने के साथ-साथ जानवरों के शारीरिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए शीतलन उपायों, आहार में बदलाव और ठंडे वातावरण बनाए रखने के लिए ख़ास उपाय लागू कर दिए हैं।

आगरा भालू संरक्षण केंद्र में, बचाए गए भालुओं को ताज़ा तरबूज, खरबूजा, आम जैसे मौसमी फल दिए जाते हैं, जो उन्हें अतिरिक्त नमी प्रदान करते हैं, साथ ही ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) के माध्यम से इलेक्ट्रोलाइट्स भी दिए जाते हैं। गर्मी से राहत दिलाने और प्राकृतिक व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए जमे हुए फल के पॉप्सिकल्स जैसी ठंडक देने वाली चीजें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। बाड़ों के अंदर स्थापित पानी के पूल, वॉटर स्प्रिंकलर और एयर कूलर बाड़ों के भीतर ठंडे वातावरण को बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे गर्मियों के चरम घंटों के दौरान उन्हें बहुत जरूरी राहत मिलती है।

इस बीच, मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र और हाथी अस्पताल परिसर में भीषण गर्मी के बावजूद हाथियों को ठंडा और सक्रिय रखने के लिए ग्रीष्मकालीन देखभाल उपायों का विस्तार किया गया है। बाड़ों में स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, साथ ही हाथियों को नहाने और आराम करने के लिए तालाबों तक निर्बाध पहुंच प्रदान की गई है। टीम हाथियों के लिए मिट्टी के स्नान की भी व्यवस्था करती है, जो उनको प्राकृतिक व्यवहार की नकल करने में मदद करता है और साथ ही उनकी त्वचा को धूप से भी बचाता है। हाथियों के आहार में तरबूज, कद्दू, लौकी और खीरे जैसे मौसमी फल और सब्जियां भी शामिल की जा रही हैं ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “जैसे-जैसे हर साल तापमान बढ़ता जा रहा है, मानव देखरेख में रहने वाले जानवरों के लिए सक्रिय ग्रीष्मकालीन प्रबंधन और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। हमारी टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास करती हैं कि प्रत्येक भालू और हाथी पूरे मौसम में हाइड्रेटेड, आरामदायक और मानसिक रूप से सक्रिय रहे।

वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने बताया कि “ग्रीष्मकालीन देखभाल के प्रत्येक प्रोटोकॉल को जानवरों के शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है। चाहे वह जमे हुए भोजन का आनंद ले रहा भालू हो या स्प्रिंकलर के नीचे ठंडक पा रहा हाथी, हर प्रयास करुणा और विशेष देखभाल पर आधारित है।”

वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक डॉ. इलयाराजा एस ने कहा, “गर्मी के तनाव को रोकने के लिए निरंतर निगरानी, ​​जल प्रबंधन और शीतल पर्यावरण आवश्यक हैं। आहार संबंधी सहायता के माध्यम से, हमारी पशु चिकित्सा और देखभालकर्ता टीमें यह सुनिश्चित करती हैं कि जानवर भीषण गर्मी की स्थितियों का सुरक्षित रूप से सामना कर सकें।”

प्रयागराज-मेरठ गंगा एक्सप्रेस वे का टूटा पैच ठीक कराया:मिट्‌टी धंसने से छोटा पैच टूटा था, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

यूपी में प्रयागराज से मेरठ के बीच बने गंगा एक्सप्रेस वे पर आंधी बारिश की वजह से एक छोटा सा पैच टूट गया था। पैच के टूटने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की जाने लगीं। हालांकि तत्काल एक्शन लेते हुए पैच को ठीक करा दिया गया है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद शुरू शुरू में हल्की मिट्टी दबने की वजह से कभी कभी इस तरह की दिक्कतें आ जाती हैं। प्रयागराज मेरठ एक्सप्रेस वे पर भी मिट्‌टी धंसने की वजह से ऐसा हुआ। इससे पहले भी लखनऊ आगरा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर भी ऐसी दिक्कतें आईं थीं।
तकनीकी जानकारों का मानना है कि नई बनीं एक्सप्रेसवे की सड़कों पर ऐसे दरार आने निर्माण में ख़ामी की वजह से नहीं बल्कि मिट्टी धंसने जैसे स्वाभाविक कारणों से होती हैं। फ़िलहाल टूटे पैच को ठीक करा दिया गया है और आवागमन में कोई दिक्कत नहीं है। टूटा हिस्सा ठीक कराने के साथ ही उसकी निगरानी के लिए भी टीम लगाई गई है।

गर्मी में लोगों को बांटा मीठा जल और दूध:बेगमपुल व्यापार संघ के सेवा अभियान में व्यापारी और जनप्रतिनिधि रहे शामिल

भीषण गर्मी को देखते हुए बेगमपुल व्यापार संघ की ओर से शुक्रवार को मीठा जल और दूध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम बेगमपुल क्षेत्र में सुबह से दोपहर 2 बजे तक लगातार चलता रहा। इस दौरान राहगीरों, रिक्शा चालकों, दुकानदारों और अन्य लोगों को मीठा ठंडा जल और दूध वितरित किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता, वार्ड 52 के पार्षद अजय चंद्रा, वार्ड 64 की पार्षद सुनीता प्रजापति और पार्षद रचित गुलाटी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने लोगों को जल वितरण कर सेवा कार्य में सहयोग दिया। बेगमपुल व्यापार संघ की अध्यक्ष सुधा सेठ, महामंत्री पुनीत शर्मा, मंत्री गौरव गुप्ता सहित कई व्यापारी कार्यक्रम में शामिल रहे। कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष सुधा सेठ और महामंत्री पुनीत शर्मा ने अतिथियों को पुष्प भेंट कर धन्यवाद दिया। साथ ही सभी सहयोगियों और व्यापारियों का आभार व्यक्त किया।

बीएड प्रवेश परीक्षा को लेकर उन्नाव पुलिस अलर्ट:परीक्षा केंद्रों के पास इंटरनेट कैफे बन्द रहेंगे, जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी

उन्नाव में बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराने के लिए उन्नाव पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में शुक्रवार शाम को पुलिस लाइन में ड्यूटी पर तैनात किए गए पुलिसकर्मियों की एक विशेष ब्रीफिंग आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह और क्षेत्राधिकारी लाइन विनी सिंह ने पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह परीक्षा 31 मई को जिले में दो पालियों में आयोजित की जाएगी। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता और अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के प्रवेश को व्यवस्थित और सुगम बनाया जाए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ब्रीफिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने जोर दिया कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी प्रकार की अफवाह, अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जाएगी ताकि भ्रामक सूचनाएं न फैलें। यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए। परीक्षा केंद्रों के आसपास जाम की स्थिति से बचने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने पर जोर दिया गया। अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए पुलिस और ट्रैफिक विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह ने सभी पुलिसकर्मियों से अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से निभाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, क्षेत्राधिकारी विनी सिंह ने महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

ED का नोएडा में बड़ा एक्शन:यूनिटेक गोल्फ एंड कंट्री क्लब प्रोजेक्ट की 634 करोड़ की संपत्ति अटैच, 7 हजार करोड़ फंड किया डायवर्ट

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूनिटेक गोल्फ एंड कंट्री क्लब प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा के सेक्टर-96, 97 और 98 स्थित परियोजना की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। ईडी मुख्यालय की हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेशन यूनिट, नई दिल्ली ने 27 मई को पीएमएलए एक्ट, 2002 के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। ईडी के अनुसार इस कार्रवाई में कुल 634.12 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिन्हें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम माना गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह रकम होमबायर्स और वित्तीय संस्थानों के फंड के कथित डायवर्जन से जुड़ी है। 347.83 एकड़ जमीन और कंपनियों की हिस्सेदारी अटैच
अटैच की गई संपत्तियों में लगभग 347.83 एकड़ जमीन के लीजहोल्ड अधिकार शामिल हैं। इसके अलावा स्पेशल पर्पज कंपनी और कंसोर्टियम स्ट्रक्चर के जरिए रखी गई इक्विटी शेयरहोल्डिंग भी कार्रवाई के दायरे में आई है। इसमें प्रमुख रूप से सनग्रेस प्रोडेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (यूफ्लेक्स ग्रुप) और सीआईजी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की हिस्सेदारी शामिल है। ईडी ने बताया कि वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से यूजीसीसी प्रोजेक्ट की अटैच संपत्तियों का मूल्य करीब 8115 करोड़ रुपये है। 76 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस और सीबीआई द्वारा यूनिटेक लिमिटेड, उसके प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज 76 एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और होमबायर्स के पैसे के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। 7794 करोड़ रुपये डायवर्ट करने का आरोप
ईडी जांच में सामने आया कि यूनिटेक लिमिटेड को होमबायर्स, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों से कुल 16,075.89 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इनमें से करीब 7,794.35 करोड़ रुपये गैर-निर्धारित उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किए गए। जांच एजेंसी के मुताबिक सनग्रेस प्रोडेक्ट (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और सीआईजी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने यूजीसीसी प्रोजेक्ट में बिना समुचित वित्तीय योगदान दिए आर्थिक हित हासिल किए और उन्हें बनाए रखा। अब तक 2281 करोड़ की संपत्तियां अटैच
ईडी ने बताया कि यूनिटेक मामले में अब तक कुल 1296 चल और अचल संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं, जिनकी कुल कीमत 2281.07 करोड़ रुपये है। मामले में एक मुख्य और दो सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट विशेष पीएमएलए कोर्ट, दिल्ली में दाखिल की जा चुकी हैं। मामले की आगे की जांच जारी है। ईडी ने कहा कि एजेंसी वित्तीय अपराधों के पीड़ितों और वैध दावेदारों को पारदर्शी और त्वरित तरीके से न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 20 विभूतियों को सम्मान:वाराणसी में राष्ट्रीय संगोष्ठी व 31वां राष्ट्रीय अलंकरण अभिनंदन का आयोजन

हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र में राष्ट्रीय संगोष्ठी “वर्तमान वैश्विक संकट-मीडिया की भूमिका” 31 वां राष्ट्रीय अलंकरण काशीरत्न, शान ए काशी, आईएजे लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, आईएजे नागरिक अभिनंदन में 20 विभूतियों को सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. श्याम सुंदर अग्रवाल (कालाजार रोग विशेषज्ञ), विशिष्ट अतिथि काशीरत्न ओमप्रकाश शर्मा (वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट), संतोषी शुक्ला ने शाल, प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न देकर अलंकृत किया। विषय प्रवेश सामाजिक विज्ञान विभाग अध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने किया। आमंत्रित अतिथियों ने अपनी विचार रखे। इन्हें मिला काशीरत्न का सम्मान राजेश्वर पांडेय, (समाज सेवी), डा. ममता टंडन (कत्थक नृत्य संगीत सेवा), अशोक कुमार पांडेय (आकाशवाणी वाराणसी), डा रवि शंकर पांडेय (व्याकरण संस्कृत सेवा), डा. वैभव जायसवाल (बाल रोग विशेषज्ञ, बीएचयू), विनोद दिक्षित,(शिक्षा सेवा), अनिल कसेरा (धातु कला सेवा), बलविंदर सिंह (समाज सेवी), डाॅ. अजीत सिंह (आर्थोपेडिक सेवा)। शान ए काशी का सम्मान गिरीश पांडेय काशिकेय,(साहित्य सेवा), हीरा लाल चौरसिया (पत्रकारिता सेवा), अमित कुमार पांडेय (पत्रकारिता सेवा), सना सलीम (उद्घोषिका, पत्रकारिता सेवा, विजयता सचदेवा ( माडल, मिसेज एशिया विनर), कल्पना तिवारी (शिक्षा सेवा), नाजिश खान (कलात्मक, समाज सेवी), अंशुमान दुबे एडवोकेट (विधि सेवा), प्रकाम्य ओशो (मार्केटिंग, समाज सेवी)।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने अपनी विचार रखे। मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा 2008 – 2010 से पूर्व हजारों लोग कालाजार रोग से पीड़ित होते थे। शोध के बाद आए दवा से वर्तमान में यह आंकड़ा लगभग 400 से भी कम है। अनुमान है कि जल्द ही यह संख्या घटकर शून्य हो जायेगी। आकाशवाणी वाराणसी के कार्यक्रम प्रमुख अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि मीडिया में नैतिकता, निष्पक्षता,व कार्यक्रम का मूल्यांकन आवश्यक है।प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो राजनाथ, अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो रजनीश शुक्ल ने भी संबोधित किया। समारोह में सर्वश्री डाॅ. निशा रानी अग्रवाल, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. राजनाथ, प्रो. जितेंद्र कुमार, डाॅ. कैलाश सिंह विकास, मोहम्मद दाऊद, मोतीलाल गुप्ता, सत्यनारायण द्विवेदी एडवोकेट, अरविंद कुमार विश्वकर्मा, डा शुभम् कुमार सेठ आदि