रिवर कनेक्ट अभियान ने यमुना पुनर्जीवन पर सुप्रीम कोर्ट की पहल का किया स्वागत
बाबा न्यूज
आगरा। यमुना आरती स्थल पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रिवर कनेक्ट अभियान से जुड़े पर्यावरण कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और नदी प्रेमियों ने यमुना नदी की सफाई और पुनर्जीवन के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदम का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने आशा व्यक्त की कि अब संबंधित राज्य सरकारें और विभिन्न सरकारी एजेंसियां यमुना की दुर्दशा, प्रदूषण और घटते जल प्रवाह को लेकर ठोस तथा त्वरित कदम उठाएंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात पर्यावरणविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यमुना केवल जलधारा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, जैव विविधता और करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है। यदि अब भी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां एक मृतप्राय नदी की विरासत पाएंगी।
रिवर कनेक्ट अभियान के संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा कि सुप्रीम Court द्वारा केंद्र सरकार के गृह सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन एक अत्यंत महत्वपूर्ण और समयोचित निर्णय है। उन्होंने कहा कि अदालत ने जिस स्पष्टता के साथ यमुना को “सीवेज नाले में बदल चुकी नदी” बताया, वह पर्यावरणीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलताओं पर एक कठोर टिप्पणी है।
वक्ताओं ने कहा कि दशकों से नगर निकाय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल संस्थान, सिंचाई विभाग और विकास प्राधिकरण एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, जबकि यमुना लगातार जहरीले झाग, सीवर, औद्योगिक कचरे और अतिक्रमणों के बोझ तले दम तोड़ती रही। सुप्रीम कोर्ट की पहल इस सुस्त और दिशाहीन तंत्र को झकझोरने का कार्य करेगी।
अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मांग की कि प्रस्तावित यमुना एक्शन प्लान में केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि हिमालय से प्रयागराज तक पूरे यमुना बेसिन को शामिल किया जाए। विशेष रूप से आगरा और मथुरा क्षेत्र में सूखती धारा, गिरते भूजल स्तर, रेत खनन और प्रदूषण की समस्या को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि केवल सरकारी योजनाओं और बैठकों से यमुना पुनर्जीवित नहीं होगी। इसके लिए समाज, संत समुदाय, वैज्ञानिकों, किसानों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जनसहभागिता के बिना कोई भी नदी संरक्षण अभियान सफल नहीं हो सकता।
रिवर कनेक्ट अभियान ने आशा व्यक्त की कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तैयार होने वाली कार्ययोजना यमुना को पुनर्जीवित करने की दिशा में निर्णायक साबित होगी और आने वाली पीढ़ियों को एक निर्मल, अविरल और जीवंत यमुना मिल सकेगी।
इस अवसर पर चतुर्भुज तिवारी, निधि पाठक, पद्मिनी अय्यर, दीपक राजपूत, मुकेश चौधरी, जुगल किशोर, गोस्वामी नंदन श्रोतरीय, जुगल किशोर, अभिनव लाला आदि लोग उपस्थित रहे।

