जमाखोरी की वजह से बढ़ रहे चीनी के दाम:चीनी मिल एसोसिएशन का दावा, एथानाल की वजह से नहीं बढ़ रहे चीनी के दाम
उत्तर प्रदेश चीनी मिल एसोसिएशन ने चीनी की बढ़ी कीमतों की वजह इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के लिए चीनी का डाइवर्जन मानने से इंकार कर दिया है। एसोसिएशन ने कहा है कि ये बेबुनियाद और तथ्यों से परे है। एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है। मिलों के पास चीनी का अच्छा भंडार है। हाल के दिनों में चीनी के दामों में अचानक आए उछाल की वजह जमाखोरी है। एसोसिएशन के अनुसार, उसकी सभी सदस्य मिलों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। राज्य भर की सदस्य मिलों के पास त्योहारों के मौसम और रोजमर्रा की घरेलू खपत की जरूरतों को आसानी से पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी का भंडार है। चीनी मिल एसोसिएशन राज्य और केंद्र के संबंधित पदाधिकारियों के लगातार संपर्क में है और निर्देशानुसार काम कर रहा है, ताकि मांग और पॉलिसी की जरूरतों के हिसाब से समय पर कार्रवाई होती रहे। प्रेस नोट में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चीनी की कीमतों की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और जमाखोरी व गलत जानकारी फैलाकर मौजूदा हालात का गलत फायदा उठाने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश देश में चीनी का बड़ा उत्पादक राज्य है। प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें हैं, जिनमें से 95 निजी क्षेत्र में हैं। ये मिलें सामूहिक रूप से घरेलू चीनी सप्लाई की एक अहम रीढ़ हैं। एसोसिएशन ने चीनी की संभावित कमी की बात को मनगढ़ंत अफवाह बताया है और उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे गलत जानकारी पर विश्वास न करें। भारत सरकार के निर्णायक समर्थन, रेगुलेटरी ढांचे तथा उद्योग और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवर्तन अधिकारियों के बीच लगातार तालमेल के साथ प्रदेश का चीनी उद्योग बाजारों में स्थिरता और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

