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चीनी जमाखोरी रोकने को पांच गोदामों का निरीक्षण:ऑनलाइन स्टॉक दर्ज करने के निर्देश, स्टॉक में अंतर मिलने पर होगी कार्रवाई

जालौन में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। शनिवार को प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी रुचिता प्रजापति ने जिले में चीनी के पांच गोदामों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदामों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक और संबंधित अभिलेखों की जांच की। ऑनलाइन स्टॉक दर्ज करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान रुचिता प्रजापति ने गोदाम संचालकों से उपलब्ध चीनी के स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने सभी संचालकों को गोदाम में मौजूद चीनी का पूरा स्टॉक ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही अभिलेखों को भी दुरुस्त रखने को कहा। स्टॉक में अंतर मिला तो होगी कार्रवाई प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चीनी के स्टॉक में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक और ऑनलाइन दर्ज स्टॉक में अंतर मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर नजर रुचिता प्रजापति ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत चीनी के भंडारण और उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसका उद्देश्य बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतों को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को रोकना है। शिकायत मिलने पर होगी जांच प्रशासन की नजर चीनी के भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था पर बनी हुई है। यदि कहीं स्टॉक छिपाने, जमाखोरी, कालाबाजारी या अन्य किसी तरह की अनियमितता की शिकायत मिलती है तो तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गोदाम संचालकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। कहा कि आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान मनजीत सिंह भी मौजूद रहे।

वाराणसी के वेस्ट-टू-कंपोस्ट प्लांट से 50 हजार टन बनी जैविक-खाद:7 महीने में करसड़ा प्लांट में बढ़ा 35.5 प्रतिशत कूड़ा निस्तारण

वाराणसी के करसड़ा स्थित कूड़ा प्लांट में पिछले 7 महीने में कूड़ा निस्तारण में 35.5 प्रतिशत का उछाल आया है। वाराणसी के करसड़ा में बने वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट से 50 हजार टन कंपोस्ट खाद भी इन 7 महीनों में बनाई गई और रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल देश की सीमेंट फैक्ट्रियों और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स को सप्लाई किया गया। स्वच्छ काशी, सुंदर काशी’ के संकल्प के तहत नगर निगम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लगातार मजबूत कर रहा है। इस क्रम में करसड़ा स्थित ‘वेस्ट टू कंपोस्ट’ प्लांट में बीते सात महीनों के दौरान कचरा निस्तारण की गति में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी की तुलना में जुलाई 2026 तक कूड़े के प्रसंस्करण में करीब 35.5 प्रतिशत का उछाल आया है। 52 हजार टन निकाला गया रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया -​ वित्तीय वर्ष 2025-26 में करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट से लगभग 50,000 टन जैविक खाद (कंपोस्ट) का उत्पादन किया गया है। जिसे विभिन्न उर्वरक (फर्टिलाइजर) कंपनियों को बिक्री के लिए भेजा गया है। वहीं, इसी प्लांट से 52,000 टन रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) भी जनरेट किया गया, जिसे देश की कई प्रमुख सीमेंट इंडस्ट्रीज और बिजली उत्पादन में लगे वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स को ईंधन के रूप में भेजा गया है। शहर में रोजाना निकलता 1300 टन सॉलिड वेस्ट नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया -​शहर में प्रतिदिन 1000 से 1300 टन सॉलिड वेस्ट निकलता है, जिसके शत-प्रतिशत निस्तारण के लिए विभिन्न प्रोसेसिंग प्लांट कार्यरत हैं। इनमें करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट की क्षमता 600 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण की है। इसके अलावा रमना स्थित वेस्ट टू-चारकोल प्लांट की क्षमता प्रतिदिन करीब 600 टन सॉलिड वेस्ट से 200 टन कोयला बनाने की है। कूड़े से बन रही बायो गैस नगर आयुक्त ने बताया – रमना में ही निर्माण सामग्री व मलबे से ईंट और टाइल्स बनाने के लिए कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडी) प्लांट भी कार्यरत है। जिसकी क्षमता 200 मीट्रिक टन है। ​पहाड़िया मंडी, भवानिया पोखरी व आईडीएच कॉलोनी में सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) प्लांट स्थापित हैं। जहां वेस्ट टू एनर्जी प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन लगभग 500 किग्रा सीबीजी (गैस) का उत्पादन किया जा रहा है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शहरवासियों से अपील की है कि काशी को स्वच्छ और हरित बनाए रखने में अपना सहयोग दें। घर और प्रतिष्ठानों से निकलने वाला गीला और सूखा कचरा हमेशा अलग-अलग बाल्टी या डस्टबिन में ही सफाईकर्मियों को सौंपें।

बागपत में दो कैंटर से 26 पशु बरामद:चार पशु तस्कर गिरफ्तार; पुलिस से बचने को बंद कर रखे थे वाहन

बागपत शहर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को चेकिंग अभियान के दौरान चार पशु तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दो कैंटरों में भरकर ले जाए जा रहे 26 पशुओं को बरामद किया है। कार्रवाई शहर कोतवाली क्षेत्र के मविकला गांव में मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस टीम ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बागपत से गाजियाबाद की ओर जा रहे दो कैंटर दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों वाहनों को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालकों ने कैंटर की रफ्तार बढ़ा दी। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर दोनों वाहनों को रोक लिया। कैंटरों में क्रूरतापूर्वक भरे मिले 26 पशु
पुलिस ने दोनों कैंटरों की तलाशी ली तो अंदर 26 पशु भरे मिले। पुलिस के मुताबिक, पशुओं को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए कैंटरों को पूरी तरह बंद कर रखा था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इलियास और शाहिद निवासी बागपत तथा आजाद और सोहन निवासी हरियाणा के रूप में हुई है। चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पशु तस्करी रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा
कोतवाली प्रभारी मनोज चहल ने बताया कि चार पशु तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पशु तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हरदोई में 255 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ:दो स्थानों पर हुए सामूहिक विवाह समारोह, पिहानी में 118 और शाहाबाद में 137 जोड़ों का विवाह

हरदोई में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को दो स्थानों पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए गए। इनमें कुल 255 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के पिहानी स्थित एनएस रिसोर्ट एंड मैरिज लॉन में 118 जोड़ों का विवाह हुआ, जबकि शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के रॉयल मैरिज लॉन में 137 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा। जिला समाज कल्याण अधिकारी अवनीश कुमार यादव ने बताया कि गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम में पिहानी विकासखंड से 55, टड़ियावां से 53, नगर पिहानी से चार और गोपामऊ क्षेत्र से छह जोड़े शामिल हुए। सभी जोड़ों का विवाह निर्धारित रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया। शाहाबाद में 137 जोड़े विवाह बंधन में बंधे
शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के समारोह में विकासखंड शाहाबाद के 64, टोडरपुर के 63 और नगर क्षेत्र शाहाबाद के 10 जोड़ों का विवाह कराया गया। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहितों को दिया आशीर्वाद
गोपामऊ क्षेत्र के कार्यक्रम में विधायक श्याम प्रकाश, ब्लॉक प्रमुख, चेयरमैन और नोडल अधिकारी मौजूद रहे। वहीं शाहाबाद के समारोह में राज्यमंत्री रजनी तिवारी, ब्लॉक प्रमुख, चेयरमैन और नोडल अधिकारी शामिल हुए। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं। नवविवाहितों को दी गई विवाह सामग्री
समारोह के दौरान नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से विवाह सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। अतिथियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ा सहारा है। इससे बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद मिलने के साथ समाज में समरसता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा मिलता है। अधिकारियों-कर्मचारियों के सहयोग से आयोजन सफल
दोनों स्थानों पर आयोजित समारोह अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुए। समारोह में शामिल परिवारों और नवविवाहित जोड़ों ने भी आयोजन को लेकर खुशी जताई।

ग्रेटर नोएडा में 10वीं मंजिल से गिरकर युवती की मौत:नैनी का काम करती थी, फ्लैट मालिक पर छेड़छाड़ का आरोप

ग्रेटर नोएडा सेक्टर-142 थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में 20 साल की युवती की दसवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद युवती का शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतका की पहचान सेक्टर-168 निवासी मोनिका (20) के रूप में हुई है। वह पिछले करीब तीन साल से सेक्टर-137 स्थित गुलशन विवांता सोसाइटी में नैनी का काम कर रही थी। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे पुलिस ने परिजनों को फोन कर बताया कि मोनिका ने बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली है। परिजनों का आरोप- शव भी नहीं दिखाया परिजनों के मुताबिक सूचना मिलते ही वे सोसाइटी पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उनका आरोप है कि काफी आग्रह करने के बावजूद उन्हें न तो मोनिका का शव दिखाया गया और न ही यह स्पष्ट बताया गया कि शव को कहां ले जाया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना जानकारी दिए एंबुलेंस बुलाकर शव को सोसाइटी से बाहर भेज दिया। उन्होंने एंबुलेंस रोकने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। देर रात उन्हें बताया गया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-94 स्थित शवगृह भेजा गया है। परिवार का आरोप है कि वहां भी सुबह तक उन्हें शव नहीं दिखाया गया। परिजनों ने पुलिस पर बदसलूकी करने और गिरफ्तारी की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। फ्लैट मालिक पर छेड़छाड़ का आरोप परिजनों ने शिकायत में बताया कि मोनिका ने उन्हें बताया था कि फ्लैट मालिक ने उसके साथ तीन-चार बार छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया था। इसकी जानकारी उसने फ्लैट की मालकिन को भी दी थी। परिजनों के अनुसार, घटना से नाराज होकर मोनिका एक बार काम छोड़कर घर लौट आई थी। बाद में फ्लैट की मालकिन के समझाने पर वह दोबारा काम पर चली गई। परिवार का कहना है कि 20 अगस्त को मोनिका के पास एक फोन आया था। इसके बाद वह काफी विचलित नजर आ रही थी। हालांकि, उसी दिन दोपहर करीब 1:30 बजे वह दोबारा काम पर चली गई थी। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली है। युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई, वह दसवीं मंजिल से कैसे गिरी और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीईआई में मात्रात्मक डेटा विश्लेषण पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ

बाबा न्यूज
आगरा। एसोसिएशन आॅफ इंडियन यूनिवर्सिटीज-दयालबाग शिक्षण संस्थान- एकेडमिक एंड एडमिनिस्ट्रेटिव डेवलपमेंट सेंटर (एआईयू-डीईआई-एएडीसी) के तत्वावधान में मात्रात्मक डेटा विश्लेषण पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ दयालबाग शिक्षण संस्थान में हुआ। कार्यशाला में लगभग 119 शिक्षक एवं शोधकर्ता प्रतिभागिता कर रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को समकालीन मात्रात्मक शोध पद्धतियों की व्यापक समझ प्रदान करने के साथ-साथ उनके विश्लेषणात्मक एवं शोध कौशल को सुदृढ़ करना है। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में विभिन्न आधुनिक मात्रात्मक तकनीकों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रो. सी. पटवर्धन, निदेशक, डीईआई ने किया। उद्घाटन संबोधन में उन्होंने वर्तमान समय में उपलब्ध डेटा की प्रचुरता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज चुनौती केवल डेटा की उपलब्धता नहीं, बल्कि सार्थक निष्कर्षों और तकनीकी शब्दाडंबर के बीच अंतर करने की क्षमता विकसित करना है। डेटा की तीव्र वृद्धि, कम्प्यूटेशनल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती क्षमताओं के संदर्भ में उन्होंने ऐसे विशेषज्ञों की आवश्यकता पर बल दिया, जो डेटा को सार्थक ज्ञान और प्रभावी कार्यवाही में परिवर्तित कर सकें। कार्यशाला की संयोजक डॉ. पूर्णिमा भटनागर ने कार्यशाला का परिचय देते हुए इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों एवं शोधकतार्ओं की विश्लेषणात्मक एवं शोध क्षमताओं को विकसित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. पमी दुआ, पूर्व निदेशक, दिल्ली स्कूल आॅफ इकोनॉमिक्स तथा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की अंशकालिक सदस्य ने ह्लमात्रात्मक डेटा विश्लेषण और अर्थमिति: अल्केमी या विज्ञान? विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने मात्रात्मक डेटा विश्लेषण एवं अर्थमिति में मॉडल निर्माण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। डेविड हेंड्री के अर्थमिति के तीन स्वर्णिम नियमों—परीक्षण करें, परीक्षण करें, परीक्षण करें —का उल्लेख करते हुए उन्होंने मॉडल निर्माण के विभिन्न चरणों में कठोर परीक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन का समापन करते हुए उन्होंने कहा कि स्वचालन को शोधकर्ता की अंतर्दृष्टि एवं विवेक का स्थान नहीं लेना चाहिए।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. रूपाली सत्संगी ने की। धन्यवाद ज्ञापन में डॉ. रेशम चोपड़ा, कार्यशाला सह-संयोजक, ने प्रतिभागियों से आगामी तकनीकी सत्रों में सक्रिय सहभागिता करने तथा देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के अनुभव एवं विशेषज्ञता का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यशाला में डॉ. अनुराग मूर्ति नारदेला, मैनिटोबा यूनिवर्सिटी, कनाडा; प्रो. सी. गणेशकुमार, हैदराबाद यूनिवर्सिटी; प्रो. पुष्पेंद्र कुमार एवं डॉ. दिव्या तुटेजा, दिल्ली यूनिवर्सिटी; प्रो. विनीता सिंह, डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी तथा डॉ. अगम प्रसाद त्यागी, डीईआई अपने व्याख्यान एवं तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे।
प्रो. ज्योति गोगिया, नोडल आॅफिसर, (एआईयू-डीईआई-एएडीसी, ने कार्यशाला के आयोजन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को समकालीन मात्रात्मक विश्लेषण तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा तथा डेटा-आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए उनकी क्षमताओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

समझौता वार्ता के बाद रोडवेज कर्मियों का आन्दोलन स्थगित

बाबा न्यूज
आगरा। रोडवेज कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर यूपी रोडवेज इम्प्लॉइज यूनियन द्वारा सात अगस्त को दिए गए नोटिस के क्रम में क्षेत्रीय प्रबंधक , सेवा प्रबंधक, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वित्त एवं सभी डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के साथ यूनियन के शिष्टमंडल की वार्ता हुई।
दोनों पक्षों के मध्य यह वार्ता पांच घंटे चली। वार्ता के दौरान कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों पर क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल सेवा प्रबंधक तुलाराम के साथ सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तार से चर्चा की गई।
प्रबंधन द्वारा कर्मचारी हित से जुड़े मांगों के समाधान के संबंध में सकारात्मक आश्वासन एवं सहमति प्रदान की गई। यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष/श्रमिक नेता पं. सत्य नारायण शर्मा , क्षेत्रीय अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, क्षेत्रीय मंत्री रवेंद्र कुमार द्वारा बताया कि निगम हित, जनहित एवं कर्मचारी हित को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन के साथ हुए समझौते एवं सकारात्मक वार्ता के उपरान्त प्रस्तावित एक दिवसीय आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यूनियन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है तथा प्रबंधन से अपेक्षा है कि पांच घंटे चली इस लम्बी वार्ता में बनी सहमति के अनुसार सभी बिंदुओं का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।