सहारनपुर मंडलायुक्त-डीएम ने मां शाकंभरी विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण:जलभराव समस्या पर नाले की सफाई के दिए निर्देश
सहारनपुर के मां शाकंभरी विश्वविद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए रविवार शाम चार बजे मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और डीएम अरविंद कुमार चौहान ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय में जल निकासी की मौजूदा व्यवस्था, नालियों और ड्रेनेज सिस्टम का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और आमजन को परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने परामर्शी संस्था यूपीपीसीएल के अधिकारियों से जल निकासी के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव और पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी ली। यूपीपीसीएल के एई आकाश कुमार ने प्रस्तावित जल निकासी योजना और उसकी प्रगति के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से वर्तमान में जल निकासी के लिए किए जा रहे इंतजामों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। विश्वविद्यालय के कुलसचिव कमल कृष्ण और विश्वविद्यालय अभियंता विवेक सिंह पुंडीर ने बताया कि परिसर से पानी निकालने के लिए फिलहाल पंपिंग सेट का उपयोग किया जा रहा है। पानी की निकासी को बेहतर बनाने के लिए दो अतिरिक्त मोटर खरीदने की प्रक्रिया भी जारी है। जिलाधिकारी ने मुख्य मार्ग पर जलभराव की समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तैयार की गई कार्ययोजना का लेआउट प्लान भी देखा और उसकी प्रगति की समीक्षा की। मंडलायुक्त ने जल निकासी के सभी मार्गों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद, अधिकारियों ने पुवारका ग्राम में स्थित नवनिर्मित पुलिया का निरीक्षण किया। नाले में जल प्रवाह बाधित होने की स्थिति को देखते हुए, उन्होंने पूरे नाले की जल्द सफाई कराने के निर्देश दिए। पुलिया के पास जमा अतिरिक्त मिट्टी को तत्काल जेसीबी से हटवाया गया, जिससे पानी के बहाव का रास्ता सुचारु हो सके। निरीक्षण के समय कुलपति प्रो. विमला वाई, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसडीएम सदर सुबोध कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल निकासी की व्यवस्था को प्रभावी बनाकर विश्वविद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

