संभल में दुर्गा वाहिनी ने दुर्गाष्टमी पर किया शस्त्र पूजन:बालिकाओं को आत्मरक्षा और स्वाभिमान के प्रति किया प्रेरित
संभल में रविवार को 5:30 बजे विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख इकाई दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में दुर्गाष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन, माँ भगवती की आराधना और पारंपरिक शस्त्र पूजन के माध्यम से नारी शक्ति, आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों ने माँ भगवती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सनातन परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन दुर्गा वाहिनी की प्रखंड संयोजिका सोनी के तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर मातृशक्ति की जिला संयोजिका दीपा वार्ष्णेय की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका प्रतीक्षा गुप्ता ने उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को संबोधित करते हुए दुर्गाष्टमी के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दुर्गाष्टमी केवल पूजन-अर्चन तक सीमित नहीं है, बल्कि नारी शक्ति के जागरण, आत्मरक्षा और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूप अन्याय, अधर्म और असत्य के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े होने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। नारी में ममता और करुणा के साथ साहस, धैर्य और संघर्ष की क्षमता भी विद्यमान है। आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं की रक्षा करने के साथ समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने बालिकाओं को आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने स्वाभिमान के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि दीपा वार्ष्णेय ने संस्कारवान समाज के निर्माण में मातृशक्ति के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए सामाजिक एवं पारिवारिक मूल्यों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रखंड संयोजिका सोनी ने सभी कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। माँ अम्बे की महाआरती और भारत माता के जयकारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

