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अमेरिका में प्रिया सरोज का बैंगनी साड़ी में देसी लुक:सांसद इकरा हसन बोलीं- गजब की सुंदरता है; क्रिकेटर रिंकू से 4 दिसंबर को शादी

क्रिकेटर रिंकू सिंह की मंगेतर और सपा सांसद प्रिया सरोज इन दिनों अमेरिका के न्यूयॉर्क में हैं, जहां उन्होंने एक कार्यक्रम में बैंगनी रंग की साड़ी पहनकर हिस्सा लिया। प्रिया ने अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। संसद में सहयोगी इकरा हसन ने भी तारीफ की। उन्होंने लिखा- wow beautiful यानी क्या गजब की सुंदरता है। प्रिया सरोज न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुईं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के तौर पर संयुक्त राष्ट्र में भारत की भागीदारी को लेकर ब्रीफिंग हुई। इसके बाद समावेशी और टिकाऊ विकास को लेकर संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के साथ बातचीत भी हुई। पिंक बॉर्डर वाली साड़ी में दिखीं कार्यक्रम के दौरान प्रिया ने बैंगनी रंग की साड़ी पहनी थी, जिस पर गुलाबी रंग का बॉर्डर था। साड़ी के पल्लू पर हल्का काम था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज पहना। पूरे लुक में किसी तरह का ज्यादा तामझाम नजर नहीं आया और उनका अंदाज काफी सादा रहा। विदेशी धरती पर प्रिया सरोज की 3 तस्वीरें देखिए… लाइट जूलरी और नेचुरल मेकअप प्रिया ने साड़ी के साथ हल्की जूलरी पहनी। कानों में छोटे ईयररिंग्स, हाथ में घड़ी और माथे पर छोटी काली बिंदी उनके लुक को पूरा कर रही थी। उन्होंने हल्का मेकअप किया और बालों को पहले खुला रखा, बाद में बन में बांध लिया। विदेशी जमीन पर भी प्रिया का यह देसी अंदाज लोगों को पसंद आया। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों को लेकर लोग उनकी सादगी और एलिगेंट लुक की तारीफ कर रहे हैं। रिंकू-प्रिया की शादी 4 दिसंबर को लखनऊ में क्रिकेटर रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की शादी 4 दिसंबर को लखनऊ के रमाडा होटल में होगी। दोनों परिवारों ने शादी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रिंकू और प्रिया की सगाई 8 जून 2025 को लखनऊ के द सेंट्रम होटल में हुई थी। शादी में क्रिकेट और राजनीति से जुड़े कई खास मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है। 25 की उम्र में सांसद बनीं प्रिया सरोज प्रिया सरोज का जन्म 23 नवंबर 1998 को वाराणसी के करखियांव में हुआ। 18 साल की उम्र के बाद वह सपा से जुड़कर पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रहीं। 25 साल की उम्र में उन्होंने भाजपा के बीपी सरोज को हराकर लोकसभा चुनाव जीता। उनके पिता तूफानी सरोज भी मछलीशहर से तीन बार सांसद रह चुके हैं। रिंकू के पिता करते थे गैस सिलेंडर डिलीवरी रिंकू सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। परिवार के पांचों भाई भी पिता के काम में हाथ बंटाते थे। रिंकू ने आर्थिक मुश्किलों के बीच क्रिकेट शुरू किया। क्लब क्रिकेट के पैसे नहीं थे, इसलिए सरकारी स्टेडियम में प्रैक्टिस करते थे। एक टूर्नामेंट के लिए उनकी मां ने दुकान से 1 हजार रुपए उधार लेकर दिए थे। क्रिकेटर की शादी में पहली बार मिले थे रिंकू-प्रिया रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की पहली मुलाकात करीब 3 साल पहले दिल्ली में एक क्रिकेटर की शादी के दौरान हुई थी। IPL 2023 में रिंकू के पांच छक्कों के बाद उनकी सीनियर क्रिकेटर्स से नजदीकियां बढ़ी थीं। इसी दौरान एक सीनियर क्रिकेटर की पत्नी ने रिंकू और अपनी दोस्त प्रिया सरोज का परिचय कराया। प्रिया और क्रिकेटर की पत्नी दिल्ली यूनिवर्सिटी में साथ पढ़ी थीं। प्रिया ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी किया है। शादी समारोह में हुई यह मुलाकात धीरे-धीरे बातचीत और फिर रिश्ते में बदल गई। ***************** यह खबर भी पढ़िए:- कॉमेडियन को पकड़ने आधी रात दीवार कूदकर पहुंची सुल्तानपुर पुलिस:संजय यदुवंशी के परिवार से तीखी बहस; इंस्पेक्टर बोला- मेरी पावर समझ नहीं रहे सुल्तानपुर में अवधी गायक और कॉमेडियन संजय यदुवंशी को मारपीट के मामले में पकड़ने के लिए पुलिस सोमवार आधी रात उनके घर पहुंची। गेट पर ताला लगा था, तो पुलिसकर्मी दीवार फांदकर अंदर घुसे, लेकिन संजय घर पर नहीं मिले। इस दौरान उनके पिता, मां और भाई की पुलिसकर्मियों से तीखी बहस हो गई। पढ़ें पूरी खबर…

प्रयागराज के पहलवानों ने सैफई में जीते 4 पदक:राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में मिला एक रजत और तीन कांस्य

इटावा के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई में आयोजित प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक कुश्ती प्रतियोगिता में प्रयागराज मंडल के खिलाड़ियों ने चार पदक झटक लिए। खेल निदेशालय और प्रदेश कुश्ती संघ की ओर से इटावा में 3 से 5 अक्टूबर 2026 तक चली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश भर के धुरंधर पहलवानों ने हिस्सा लिया था। इटावा से जीतकर लौटे पहलवानों का प्रयागराज जंक्शन पर जोरदार स्वागत किया गया। प्रतियोगिता में प्रयागराज मंडल की टीम का नेतृत्व कर रहे टीम मैनेजर मनीष कुमार पांडेय ने बताया कि खिलाड़ियों ने मैट पर पहले दिन से ही आक्रामक और अनुशासनिक खेल का परिचय दिया। फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन दोनों ही वर्गों में यहाँ के पहलवानों ने अपने विरोधियों को कड़ी टक्कर दी। प्रतियोगिता के 57 किलोग्राम फ्री स्टाइल वर्ग में धर्मेन्द्र ने फाइनल तक का सफर तय किया और अपने बेहतरीन खेल से रजत पदक पर कब्जा जमाया। 74 किलोग्राम फ्री स्टाइल वर्ग के कड़े मुकाबले में प्रिंस यादव ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। 92 किलोग्राम फ्री स्टाइल वर्ग में आयुष यादव ने अपनी ताकत और चुस्ती का शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। ग्रीको रोमन शैली की तकनीकी और कठिन कुश्ती में कुलदीप यादव ने शानदार दांव लगाते हुए कांस्य पदक जीतकर मंडल का मान बढ़ाया। इन होनहार पहलवानों की इस सफलता के पीछे उनकी सालभर की कड़ी मेहनत और पसीना बहाना है। विजेता खिलाड़ियों के कोच अंकित तिवारी ने बताया कि ये सभी पहलवान रोजाना सुबह और शाम शहर के ऐतिहासिक मदन मोहन मालवीय स्टेडियम, प्रयागराज के कुश्ती अखाड़े में पूरी शिद्दत से पसीना बहाते हैं। मौसम की परवाह किए बिना घंटों मैट पर टिके रहना, शारीरिक मजबूती के लिए कसरत करना और कुश्ती के हर बारीक दांव-पेच को सीखना इनकी दिनचर्या का हिस्सा है, जिसका परिणाम आज राज्य स्तर पर पदक के रूप में सामने आया है। खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि पर क्रीड़ा अधिकारी शिव कुमार यादव, उप क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह तथा स्टेडियम के सभी वरिष्ठ कोचों ने विजेता पहलवानों को सम्मानित किया।

कानपुर में पेड़ से लटका मिला युवक का शव:मोबाइल से हुई पहचान, कन्नौज का था युवक

कानपुर नगर के अरौल में मंगलवार को कानपुर-अलीगढ़ हाईवे किनारे हिंदूपुर मोड़ के पास एक युवक का शव नीम के पेड़ से लटका मिला। शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। राहगीरों की सूचना पर अरौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मोबाइल फोन के आधार पर मृतक की पहचान कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी 42 वर्षीय राजेश सिंह पुत्र शिवदयाल सिंह के रूप में की। घटनास्थल के पास पुलिया की चारदीवारी पर युवक का पर्स, मोबाइल फोन और ट्रेन का टिकट मिला। पुलिस ने सामान कब्जे में लेकर परिजनों को सूचना दी। अरौल थाना प्रभारी विनय तिवारी ने बताया कि परिजनों के आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक हाईवे किनारे कैसे पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

हाथरस में आर्य समाज का अनुष्ठान:ब्रह्मचारियों ने योगासन का प्रदर्शन किया; स्वामी स्वदेश ने संगठन के विस्तार पर दिया जोर

आर्य समाज मुरसान ने 115वें लक्खी मेला मंदिर श्री दाऊजी महाराज में प्रचार शिविर में संध्या एवं यज्ञ का आयोजन किया गया। पं. रूपराम शर्मा, दिनेश अग्निहोत्री, बनवारी लाल गोस्वामी और भानु प्रकाश गुप्ता ने वैदिक विधि से यज्ञ संपन्न कराया। कार्यक्रम में वेद मंदिर मथुरा एवं गुरुकुल वृंदावन के संस्थापक तथा सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के प्रधान स्वामी स्वदेश ने आर्य समाज और महर्षि स्वामी दयानंद के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महर्षि दयानंद के विचारों ने लोगों में सामाजिक चेतना और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई। उन्होंने आर्य समाज को मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया। हापुड़ से आए आचार्य ओमव्रत ने शहीद भगत सिंह से जुड़ा प्रसंग सुनाकर उपस्थित लोगों में देशभक्ति का भाव जगाया। मातृछाया साधना केंद्र गुरुकुल हाथरस के ब्रह्मचारियों ने योगासन, दीपक आसन और आंखों के सहारे लोहे की सरियां मोड़ने जैसे प्रदर्शन किए। प्रस्तुतियों का निर्देशन कल्याण सिंह ने किया। कार्यक्रम में स्वामी स्वदेश, विपिन आर्य, आचार्य ओमव्रत, अमलानंद सरस्वती, थान सिंह तोमर, पुरुषोत्तम फौजी, पं. रूपराम शर्मा, दिनेश अग्निहोत्री, बनवारी लाल गोस्वामी, भानु प्रकाश गुप्ता और सुरेश चंद्र गुप्ता सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय राजीव आर्य और उनकी टीम के सामूहिक प्रयासों को दिया। राजीव आर्य ने दिनेश कुलश्रेष्ठ सहित सभी सहयोगियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बुद्धसेन आर्य, हरीशंकर आर्य, राजकुमार गुप्ता, तुलाराम सुमन, पुरुषोत्तम राठी, जयप्रकाश गुप्ता एडवोकेट, अमर सिंह एडवोकेट, नितिन माहेश्वरी, डॉ. सुरेंद्र सिंह आर्य, दीपक शर्मा एडवोकेट, अनिल वार्ष्णेय, विश्वनाथ आर्य, पुष्पलता आर्य, मंजू आर्य, राजीव अग्रवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। समापन समारोह में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और महेश चंद्र वर्मा ने आगंतुक विद्वानों को सम्मानित किया। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

झांसी में बेटी को जन्म देकर गर्लफ्रेंड ने दम तोड़ा:दो बच्चे की मां को इंस्टाग्राम पर हुआ था इश्क, शव ससुराल न ले जाने पर हंगामा

झांसी में बेटी को जन्म देकर महिला ने दम तोड़ दिया। वह पहले से दो बच्चों की मां थी। लगभग एक साल पहले उसे इंस्टाग्राम पर युवक से प्यार हो गया था। दोनों के परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसलिए वे घर से भाग गए और मंदिर में शादी कर ली। अब महिला के प्रेग्नेंट होने पर दोनों घर लौट आए। 3 अक्टूबर को झांसी मेडिकल कॉलेज में महिला ने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। मंगलवार को लखनऊ पीजीआई ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। परिजन शव को वापस मेडिकल कॉलेज ले आए। यहां मायके वाले भी पहुंच गए। वे शव को ससुराल ले चलने की मांग करने लगे, जबकि पति झांसी में ही अंतिम संस्कार करना चाहता था। इस पर मायके वालों ने हंगामा कर दिया। तब रिश्तेदार आ गए और समझा बुझाकर शव को ले गए। परिजनों ने पुलिस को भी सूचना नहीं दी। 3 तस्वीरें… अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए पहले पति की हो चुकी है मौत मृतका का नाम रश्मि वर्मा (30) था। वह झांसी के मोठ के वेद नगर मोहल्ले की रहने वाली थी। मृतक की भाभी मीना देवी ने बताया- मेरी ननद रश्मि की शादी लगभग 8 साल पहले जालौन के धनौरा गांव में देवेंद्र से हुई थी। पहली शादी से एक बेटी प्रियांशी (9) और एक बेटा दिव्यांशु (6) है। लगभग दो साल पहले देवेंद्र की बीमारी से मौत हो गई। लगभग एक साल पहले ननद रश्मि ने पृथ्वीपुर निवासी आनंद सोनी से मंदिर में शादी कर ली थी। इंस्टाग्राम पर हुई थी जान पहचान आनंद सोनी ने बताया- मेरी इंस्टाग्राम पर रश्मि वर्मा से दोस्ती हुई थी। हम दोनों ने एक-दूसरे से नंबर शेयर कर ली। फिर बातचीत होने लगी। कुछ दिनों बाद ही ये दोस्ती प्यार में बदल गई। हम दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन हमारा परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। लगभग एक साल पहले मंदिर में हम दोनों ने शादी कर ली। परिवार के लोग खिलाफ थे, इसलिए मैं रश्मि को लेकर हैदराबाद चला गया। वहां रश्मि प्रेग्नेंट हो गई। 9वें महीने में उसकी तबीयत खराब रहने लगी। देखभाल नहीं हो पा रही थी, इसलिए 17 सितंबर को उसे लेकर घर चला गया। अभी नवजात बच्ची भी भर्ती आनंद सोनी ने आगे बताया- 19 सितंबर को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर पृथ्वीपुर ले गए। तब ब्लड कम था। वहां से पत्नी रश्मि को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां पर 3 अक्टूबर को पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया। उसे भी अभी एडमिट कर लिया गया। इसके बाद रश्मि की हालत बिगड़ती चली गई। सोमवार रात को उसे कानपुर रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर लखनऊ पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। लखनऊ जाते समय गंगा पुल पर रश्मि ने दम तोड़ दिया। तब शव को लेकर वापस झांसी मेडिकल कॉलेज आ गए। हंगामा के बाद शव को ले गए परिजन रश्मि की मौत की खबर पाकर मायके वाले मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। भाभी मीना देवी ने बताया कि हम लोग चाहते हैं कि ननद का शव आनंद सोनी अपने गांव ले जाएं और अंतिम संस्कार करें। जबकि आनंद सोनी चाहते हैं कि झांसी में ही अंतिम संस्कार किया जाए। इस बात पर मायके वालों ने हंगामा कर दिया। बाद में उनके रिश्तेदार आ गए। इसके बाद परिजन शव को लेकर चले गए।