38 BLO के तबादले पर सपा ने उठाए सवाल:शिक्षक मतदाता सूची में 5 हजार से ज्यादा अपात्र नाम जोड़ने का लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और एसआईआर के बाद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के तबादलों को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर मेरठ में बड़ी संख्या में BLO के तबादले रद्द करने और अमेठी की तिलोई विधानसभा क्षेत्र में कथित डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों की जांच कराने की मांग की है। सपा ने मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में भी 5 हजार से अधिक कथित फर्जी और अपात्र मतदाताओं के नाम होने का दावा किया है। पार्टी ने आयोग से पूरे मामले की तत्काल जांच कराकर अपात्र और डुप्लीकेट नाम हटाने की मांग की है। SIR कराने वाले BLO के तबादले का आरोप सपा का आरोप है कि मेरठ की 48-मेरठ विधानसभा सीट पर 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक एसआईआर की प्रक्रिया में काम करने वाले कई BLO को स्थानांतरित किया जा रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि अब तक 38 से अधिक BLO के तबादले किए जा चुके हैं। सपा का आरोप है कि कुछ BLO से उनके चुनावी ऐप और OTP की जानकारी मांगी जा रही थी। जिन्होंने ऐप और OTP देने से इनकार किया, उनके तबादले किए जाने की शिकायत पार्टी ने की है। सपा ने कहा है कि उसने जिला निर्वाचन अधिकारी यानी जिलाधिकारी मेरठ से भी इस संबंध में लिखित शिकायत की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की है। तिलोई में एक ही मतदाता का चार जगह नाम होने का दावा सपा ने अमेठी की 178-तिलोई विधानसभा सीट की मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी का दावा है कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में 2 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाता दर्ज हैं। ज्ञापन में दो उदाहरण भी दिए गए हैं। पार्टी के मुताबिक, मतदाता क्रम संख्या 850 पर शबनम शाह के रिलेटिव के रूप में दर्ज मोहम्मद हलीम शाह का नाम क्रम संख्या 852 पर भी दर्ज है। इसके अलावा मतदेय स्थल संख्या 304 और 305 पर भी इसी व्यक्ति का नाम दर्ज होने का दावा किया गया है। सपा के अनुसार चारों प्रविष्टियों में अलग-अलग EPIC नंबर हैं। दूसरे मामले में सपा ने मतदाता क्रम संख्या 1066 पर मो. रोबीन खान के रिलेटिव के रूप में दर्ज मो. सफी का नाम बताया है। पार्टी के मुताबिक यही नाम क्रम संख्या 830 तथा मतदेय स्थल संख्या 287 की क्रम संख्या 862 और 863 पर भी दर्ज है। सपा का दावा है कि इस मामले में भी अलग-अलग EPIC नंबर इस्तेमाल किए गए हैं। सपा ने मांग की है कि ऐसे सभी मामलों की घर-घर अथवा दस्तावेजों के आधार पर जांच कराई जाए और यदि एक ही व्यक्ति के नाम की कई प्रविष्टियां पाई जाती हैं तो नियमों के मुताबिक अनावश्यक या गलत प्रविष्टियां हटाई जाएं। शिक्षक मतदाता सूची में अपात्र नामों का भी मुद्दा ज्ञापन में मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सपा का कहना है कि सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जो निर्धारित शैक्षिक अथवा व्यावसायिक पात्रता पूरी नहीं करते। पार्टी के अनुसार, कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शिक्षक मतदाता के रूप में दर्ज किए गए हैं जिन्होंने केवल हाईस्कूल या इंटर तक पढ़ाई की है। कुछ ऐसे लोगों के नाम शामिल होने का भी दावा किया गया है जिन्होंने इंटर की परीक्षा तक पास नहीं की है। सपा ने यह भी आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम शिक्षक मतदाता सूची में जोड़े गए हैं जो शिक्षण संस्थानों में काम नहीं करते। पार्टी के अनुसार, इनमें कुछ लोग निजी व्यवसाय, मिठाई की दुकान, कपड़े की दुकान या अन्य कारोबार से जुड़े हैं। गौतमबुद्ध नगर में 5 हजार से ज्यादा नामों का दावा ज्ञापन में गौतमबुद्ध नगर का भी जिक्र किया गया है। सपा का दावा है कि यहां शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में 5 हजार से अधिक अपात्र और कथित फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। पार्टी ने उदाहरण के तौर पर 340 ऐसे नामों का उल्लेख किया है, जिनके बारे में उसका दावा है कि संबंधित व्यक्ति किसी शिक्षण संस्थान में शिक्षक नहीं हैं और इंटरमीडिएट भी उत्तीर्ण नहीं हैं। सपा ने कहा है कि इन नामों की दस्तावेजों के आधार पर जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में अपात्रता साबित होती है तो संबंधित नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं।

