MLC चुनाव में डुप्लीकेट वोटरों पर सपा ने उठाए सवाल:आयोग से की शिकायत, मतदान और मतगणना के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व पारदर्शिता की मांग
समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद की 11 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में मतदाता सूची की गड़बड़ियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है। पार्टी ने वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हजारों डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम दर्ज होने का आरोप लगाते हुए मतदाता सूची की जांच कराने की मांग की है। साथ ही मतदान और मतगणना के दौरान मीडिया कर्मियों को अनुमति देने, पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की मांग की है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन सौंपा। केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने ज्ञापन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के नाम मतदाता सूची में कई-कई जगह दर्ज हैं। पार्टी ने इसके समर्थन में 276 पृष्ठों में दर्ज कथित डुप्लीकेट मतदाताओं का विवरण संलग्न करने की बात कही है। मिर्जापुर में एक ही नाम तीन से पांच बार दर्ज होने का आरोप सपा ने मिर्जापुर जिले की मतदाता सूची के कुछ उदाहरण देते हुए डुप्लीकेट नाम दर्ज होने की शिकायत की है। ज्ञापन के अनुसार, बूथ संख्या 226 पर मतदाता क्रमांक 862, 863 और 864 पर रविशंकर पांडेय का नाम तीन बार दर्ज है। पार्टी ने उन्हें मिर्जापुर में भाजपा का जिला मंत्री बताते हुए संबंधित फोटो और मतदाता सूची का विवरण संलग्न करने की बात कही है। इसी तरह बूथ संख्या 242 पर अंजली मौर्या का नाम क्रमांक 15 से 19 तक लगातार पांच बार दर्ज होने का आरोप लगाया गया है। इसी बूथ पर स्मृति सिंह का नाम क्रमांक 582 से 584 तक तीन बार दर्ज होने की शिकायत है। पवन कुमार गुप्ता का नाम क्रमांक 320 और 321 पर तथा बूथ संख्या 245 पर जितेंद्र कुमार सरोज का नाम क्रमांक 215 और 216 पर दो-दो बार दर्ज होने का उल्लेख भी ज्ञापन में किया गया है। सपा ने मांग की है कि मतदान के दिन डुप्लीकेट मतदाताओं को एक से अधिक बार वोट डालने से रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। लखनऊ खंड के 102 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की मांग लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की गई है। ज्ञापन में सात जिलों के कुल 102 पोलिंग स्टेशनों को संवेदनशील बताया गया है। इनमें लखीमपुर के 31, सीतापुर के 14, रायबरेली के 19, बाराबंकी के 7, हरदोई के 11, प्रतापगढ़ के 7 और लखनऊ के 13 मतदान केंद्र शामिल हैं। पार्टी ने सभी मतदान केंद्रों पर वीडियो कैमरे लगाने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की है। साथ ही मतदान के बाद मतपेटियों को सील कर सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा बलों की निगरानी में रखने की बात कही है। मतगणना के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न होने देने और जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि मतगणना शुरू होने के बाद उसे पूरा होने तक निर्बाध रूप से जारी रखा जाए। निर्धारित संख्या में अधिकृत एजेंटों को ही प्रवेश मिले और अनधिकृत लोगों को मतगणना केंद्रों में आने से रोका जाए। सपा ने मतदान एवं मतगणना केंद्रों पर सिविल पुलिस से अलग पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है। पहचान पत्र में पते या अंग्रेजी स्पेलिंग के अंतर पर वोट न रोका जाए सपा ने मतदाताओं को मतदान से वंचित किए जाने की आशंका जताते हुए निर्वाचन अधिकारियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि चुनाव आयोग के प्रारूप-18 और ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में ब्लॉक या वार्ड का कॉलम नहीं होने के कारण मतदान केंद्र के निर्धारण में परेशानी हो सकती है। उदाहरण देते हुए कहा गया है कि गोमतीनगर के विनीत खंड में रहने वाले किसी मतदाता का मतदान केंद्र मोहनलालगंज निर्धारित हो सकता है। ऐसे में आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र पर गोमतीनगर का पता होने के आधार पर उसे मतदान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने पीठासीन अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देने की मांग की है। इसी तरह मतदाता सूची और पहचान पत्र में नाम या पिता के नाम की अंग्रेजी स्पेलिंग में मामूली अंतर होने पर मतदान रोकने का विरोध किया गया है। ज्ञापन में रीता सिंह के नाम का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि पहचान पत्र पर ‘RITA SINGH’ और मतदाता सूची में ‘REETA SINGH’ दर्ज होने के बावजूद उच्चारण समान है। ऐसे मामलों में मतदाता को वोट डालने की अनुमति मिलनी चाहिए।सपा ने प्रतापगढ़ जिले में कुछ मतदान केंद्रों पर 11 अक्टूबर को मतदाता सूची के क्रमांक बदलने की शिकायत भी की है। पार्टी का कहना है कि 10 अक्टूबर तक उपलब्ध सूची के आधार पर मतदाता पर्चियां वितरित कराई जा चुकी हैं। ऐसे में मतदाता सूची में नाम दर्ज होने पर केवल क्रमांक बदलने के कारण किसी मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में स्कूलों को परेशान करने का आरोप ज्ञापन में वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची के पुनः सत्यापन को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। सपा का आरोप है कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने और निरंतर पुनरीक्षण के तहत शामिल मतदाताओं की सूची जारी होने के बाद भी कई जिलों में जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक विद्यालयों से दोबारा जांच करा रहे हैं। पार्टी ने दावा किया है कि प्रधानाचार्यों के प्रमाणपत्रों पर जिला विद्यालय निरीक्षकों के हस्ताक्षर के बाद ही मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए गए थे। इसके बावजूद विद्यालयों, प्रबंधकों और कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। सपा ने निर्वाचन आयोग के नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद इस तरह दोबारा सत्यापन और नाम हटाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। पार्टी ने इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में प्रदेश के सभी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान और मतगणना को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।

