पेड़-पौधे प्रकृति की अमूल्य धरोहर : नवीन जैन

विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्यसभा सांसद ने किया पौधारोपण
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आगरा। पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत शास्त्रीपुरम स्थित अपने आवास पर पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
पौधारोपण के उपरांत राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल एक विषय नहीं, बल्कि पूरी मानवता के अस्तित्व से जुड़ा हुआ मुद्दा बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और लगातार बदल रहे मौसम चक्र ने पूरी दुनिया को चिंतित किया है। ऐसी परिस्थितियों में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है, जिसके माध्यम से पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। वृक्ष हमें शुद्ध वायु, छाया, फल, औषधियां तथा जीवनदायिनी आॅक्सीजन प्रदान करते हैं। इसके साथ ही वे भूजल संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देने और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देना है तो आज से ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे।

नवीन जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “एक पेड़ माँ के नाम अभियान केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक भावनात्मक और प्रेरणादायी प्रयास है। यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का भी संकल्प ले। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक नियमित रूप से देखभाल करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही धरती को हरा-भरा, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

 

जानवरों के शोषण में शामिल समुदायों के लिए वैकल्पिक आजीविका सृजित हो : सत्यवीर सिंह  

 

वन्यजीव अपराध और ज़ब्ती पर वाइल्डलाइफ एसओएस में कार्यशाला का आयोजन 

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आगरा। वाइल्डलाइफ एसओएस ने न्यायपालिका, उत्तर प्रदेश वन विभाग, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से मथुरा स्थित हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में वन्यजीव अपराध और वन्यजीव अपराध से प्राप्त आय की जब्ती पर तीसरी कार्यशाला का आयोजन किया।

वन विभाग, न्यायपालिका, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के ज्ञान, जांच क्षमताओं और अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जो वन्यजीव अपराध से निपटने में लगे हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को खत्म करने और अभियोजन परिणामों में सुधार करने के लिए कानूनी और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करना था।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह द्वारा आगरा और मथुरा मंडलों के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, आगरा जोन के जिला वन अधिकारी और मथुरा जोन के जिला वन अधिकारी की उपस्थिति में कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

इस कार्यशाला में वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण द्वारा भारत भर में वाइल्डलाइफ एसओएस के क्षेत्रीय अभियानों से संबंधित प्रमुख केस स्टडी पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। इनमें प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक दीपक चौहान, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील कुमार शुक्ला, चंडीगढ़ स्थित पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के विशेष अभियोजक करमबीर सिंह नलवा, ज्योति सागर एंड एसोसिएट के पार्टनर कुमार किसलय, नई दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय के विशेष अभियोजक विनय कुमार ओझा और कानूनी पत्रकार तरुण नांगिया भी शामिल थे। कार्यशाला में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के  न्यायाधीश सत्यवीर सिंह  वन्यजीव संरक्षण के लिए तीन दशकों की समर्पित सेवा के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि पुनर्वास, जागरूकता और मार्गदर्शन अक्सर दंड की तुलना में अधिक सार्थक और स्थायी परिवर्तन लाते हैं। जानवरों के शोषण में शामिल समुदायों के लिए वैकल्पिक आजीविका सृजित करते हुए उनको बचाने के संस्था के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने अधिकारों और कर्तव्यों के बीच गहरे संबंध और सभी जीवित प्राणियों की रक्षा के दायित्व पर प्रकाश डाला। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को उद्धृत करते हुए, उन्होंने कहा कि “किसी राष्ट्र का न्याय उसके गरीबी में रहने वाले नागरिकों द्वारा महसूस की जाने वाली सुरक्षा की भावना में निहित है।” हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में एक नेत्रहीन हथनी की दयनीय स्थिति को याद करते हुए, उन्होंने जानवरों के प्रति सहानुभूति और करुणा की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. बी. आर. अंबेडकर और डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के आदर्शों का आह्वान करते हुए, उन्होंने जाति और सामाजिक विभाजनों से मुक्त समाज का आह्वान किया और पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई के इस कथन का हवाला दिया कि अधिकार तभी सार्थक होते हैं जब लोग उनके प्रति जागरूक हों। उन्होंने वाइल्डलाइफ एसओएस को करुणा, पुनर्वास, जागरूकता निर्माण और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के एक आदर्श के रूप में मान्यता देते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “न्यायपालिका, प्रवर्तन एजेंसियों और संरक्षण एक्सपर्ट्स को एक साथ लाकर, इस कार्यशाला का उद्देश्य भारत की समृद्ध जैव विविधता की रक्षा करते हुए वन्यजीव अपराधों की जांच, अभियोजन और रोकथाम के लिए आवश्यक सामूहिक क्षमता को मजबूत करना है।”

वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने कहा*, “संरक्षण तभी सफल होता है जब संस्थाएं मिलकर काम करती हैं। इस कार्यशाला जैसी क्षमता निर्माण पहल वन्यजीव कानूनों, जांच प्रक्रियाओं और अभियोजन रणनीतियों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद करती हैं, जिससे अंततः वन्यजीवों की अधिक प्रभावी सुरक्षा में योगदान मिलता है।”

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री सत्य नारायण वशिष्ठ ने समापन भाषण दिया और वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स श्री बैजू राज एम.वी. ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

शिक्षक, छात्र-छात्राएं प्रकृति संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं: प्रो.सीके गौतम 

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर आगरा कॉलेज में विविध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया 

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आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आगरा कॉलेज, आगरा में संस्थान नवाचार परिषद (IIC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से विविध जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में एक विशेष “सिग्नेचर वॉल” स्थापित की गई, जिस पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम, उप-प्राचार्य प्रो. पी. बी. झा, शिक्षकगण, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। यह सिग्नेचर वॉल प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक जागरूकता एवं उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक बनी।

कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं द्वारा सीड बॉल (Seed Ball) निर्माण गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अभिनव गतिविधि के माध्यम से हरित क्षेत्र में वृद्धि, जैव विविधता संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा स्वच्छता अभियान चलाकर परिसर की व्यापक सफाई की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण का संदेश समाज तक पहुंचाया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम एवं उप-प्राचार्य प्रो. पी. बी. झा ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से प्रकृति संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान नवाचार परिषद (IIC) के संकाय एवं छात्र सदस्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) समिति के कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना तथा समाज को स्वच्छ, हरित एवं सतत् विकास की दिशा में प्रेरित करना था।

 

विश्वविद्यालय में नहीं हो रही कर्मचारियों की मांगो पर कोई सुनवाई :अखिलेश चौधरी

 

विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ का धरना शुरू, लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी

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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर  धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारी संघ का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांगों का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होना पड़ा।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।

अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने बताया कि धरने पर बैठे कर्मचारियों की प्रमुख मांगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करना, पात्र तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को एसीपी का लाभ प्रदान करना, प्रोन्नत कर्मचारियों को एक वेतन वृद्धि देना, अवशेष संविदा कर्मचारियों को स्थायी करना, कर्मचारियों के हित में अधिक ब्याज दर उपलब्ध कराने वाले बैंक की स्थापना तथा शासनादेश के अनुरूप प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पदनाम प्रदान करना शामिल है।

कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने चेतावनी दी है कि मांगों के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

धरने में बैठने वालों में अध्यक्ष अखिलेश चौधरी, उपाध्यक्ष निखिल शर्मा, से मंत्री कुलदीप यादव, डॉ संतोष यादव, राजेश भटनागर, रीनेश शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा, संजय चौहान सौरभ शर्मा आदि लोग थे।

विश्व पर्यावरण दिवस: वाइल्डलाइफ एसओएस का मथुरा में दो हजार फलदार पौधे लगाए 

 

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आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वाइल्डलाइफ एसओएस ने उत्तर प्रदेश में संरक्षण एवं जागरूकता पहल का आयोजन किया, जिसमें बड़े पैमाने पर पारिस्थितिक पुनर्स्थापन और युवाओं की रचनात्मक भागीदारी को एक साथ जोड़ा गया।  वृक्षारोपण अभियान तथा मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे। इन पहलों के माध्यम से संगठन ने क्षतिग्रस्त प्राकृतिक आवासों के पुनर्स्थापन तथा युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने की अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।
वृक्षारोपण अभियान के तहत वाइल्डलाइफ एसओएस ने विभिन्न प्रजातियों के 2000 देशी वृक्ष लगाए, जिनमें 300 जामुन, 300 अनार, 100 अमरूद, 300 शहतूत, 300 इमली, 300 नीम, 200 अंजीर तथा 200 कटहल के वृक्ष शामिल हैं। यह पहल पारिस्थितिक संतुलन को पुनर्स्थापित करने, स्थानीय जैव विविधता को सुदृढ़ बनाने तथा दीर्घकालिक हरित गलियारों के निर्माण के लिए संगठन के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
वृक्षारोपण अभियान, क्षेत्र में वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा किए जा रहे व्यापक आवास पुनर्स्थापन कार्यों को आगे बढ़ाता है, जिसमें वन पारिस्थितिक तंत्रों के पुनर्जीवन तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित वनीकरण के माध्यम से देशी प्रजातियों के संरक्षण के निरंतर प्रयास शामिल हैं। फलदार और देशी वृक्ष प्रजातियों को प्राथमिकता देकर इस पहल का उद्देश्य वन्यजीवों के लिए भोजन की उपलब्धता बढ़ाना, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करना तथा स्थानीय सूक्ष्म जलवायु परिस्थितियों को बेहतर बनाना है।

हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में वाइल्डलाइफ एसओएस ने दो विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के 20 विद्यार्थियों के लिए एक रचनात्मक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में “विलुप्ति सदा के लिए है” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता तथा “मूक प्राणियों की आवाज़ बनें” शीर्षक से नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कला और प्रदर्शन के जरिए संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों को समझने और अभिव्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में पशु क्रूरता, आवास विनाश तथा अवैध शिकार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जबकि चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रजातियों के विलुप्त होने के अपरिवर्तनीय परिणामों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया गया। दोनों गतिविधियों का उद्देश्य वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा युवा प्रतिभागियों को संरक्षण के लिए सक्रिय आवाज़ बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बलदेव विधानसभा क्षेत्र, मथुरा, के विधायक पूरन प्रकाश, पंकज प्रकाश, विधायक प्रतिनिधि, बलदेव विधानसभा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता तथा सामाजिक वानिकी प्रभाग, मथुरा, के प्रभागीय निदेशक वेंकट श्रीकर पटेल उपस्थित रहे। उन्होंने हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में वृक्षारोपण गतिविधि में भाग लिया, विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और पर्यावरण संबंधी विषयों की उनकी रचनात्मक अभिव्यक्तियों तथा संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

इस अवसर पर वाइल्डलाइफ एसओएस के सह संस्थापक एवं सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि संरक्षण केवल संरक्षित क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। इसकी शुरुआत समाज के हर स्तर पर जागरूकता, सहभागिता और जिम्मेदारी से होती है। जब युवा कला और रंगमंच के माध्यम से अपनी बात रखते हैं, तो वे यह तय कर रहे होते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ प्रकृति को किस दृष्टि से देखेंगी और उसकी रक्षा कैसे करेंगी।
वाइल्डलाइफ एसओएस की सह संस्थापक एवं सचिव गीता सेशमणि ने कहा, “विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि संरक्षण का मूल आधार सहअस्तित्व है। आज लगाया गया प्रत्येक वृक्ष उस पारिस्थितिक संतुलन को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिस पर वन्यजीव निर्भर हैं, और इन गतिविधियों से जुड़ने वाला प्रत्येक युवा मन उस भविष्य का संरक्षक बनता है।”

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी. ने कहा, “हमें इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश वन विभाग तथा जिला प्रशासन के सहयोग और समर्थन से हम 2000 से अधिक वृक्ष लगाकर हरित आवरण बढ़ाने तथा सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने में सफल रहे हैं।”

प्रो. मनोज रावत अध्यक्ष, डा. संध्या अग्रवाल महासचिव निर्वाचित

 

 


प्रांत अध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार रावत ने नई कार्यकारिणी की घोषणा की
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आगरा। विज्ञान भारती, ब्रज प्रांत की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन इज्जतनगर, बरेली में आयोजन किया गया, जिसमें नवीन सत्र के लिए आगरा के प्रो मनोज कुमार रावत को प्रांत अध्यक्ष एवं डा संध्या अग्रवाल को प्रांत महासचिव सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव अधिकारी डॉ प्रवीन सिंह ने ये घोषणा की।
वार्षिक साधारण सभा की शुरूआत विज्ञान भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री प्रवीण रामदास ने भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित विज्ञान भारती के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रामदास ने कहा कि विज्ञान भारती, भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक विज्ञान के समन्वय के उद्देश्य से पूरे देश में कार्य कर रही है। आज विज्ञान भारती देश के उच्च शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर चुकी है। उन्होंने ब्रज प्रांत में विज्ञान भारती के कार्य विस्तार पर भी चर्चा की।
क्षेत्रीय संगठन मंत्री आशुतोष सिंह ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समाज में सुदृढ़ करने तथा राष्ट्र हित में विज्ञान आधारित जागरूकता फैलाने हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत हेतु विज्ञान भारती द्वारा किए जा रहे है कार्यों को रेखांकित किया। इससे पूर्व प्रांत महासचिव डा संध्या अग्रवाल ने वर्ष भर की गतिविधियों की वार्षिक आख्या प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अमित अग्रवाल तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रवि शरण सिंह ने किया।
प्रांत अध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार रावत ने नई कार्यकारिणी की घोषणा की। नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के रूप में आगरा से प्रो. अमित अग्रवाल, सचिव डॉ. यशश्विता चौहान, मीडिया समन्वयक नीरज अग्रवाल, शक्ति समन्वयक डा सीमा गुप्ता, रितु सिसोदिया, विश्व वेद विज्ञान सम्मेलन की राज्य समन्वयक प्रो सीमा भदौरिया, प्रांत समन्वयक राजीव कुमार गर्ग, निजी विश्वविद्यालय प्रमुख डॉ आयुष मंगल, टेक-4-सेवा समन्वयक डॉ बीएस कुशवाह, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रो रामबीर सिंह एवं डॉ आकाश त्रिपाठी सहित 35 सदस्यीय कार्यकारिणी घोषित की।
साधारण सभा में डॉ भीम राव आम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की कुलपति प्रो आशु रानी को विज्ञान भारती ब्रज प्रांत के संरक्षक के रूप में मनोनीत किया गया है।

भाविप ने सहयोग वाटिका में समर्पण ने लगाए पचास पौधे

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आगरा। भारत विकास परिषद् समर्पण शाखा की ओर से पर्यावरण दिवस पर पालीवाल पार्क स्थित सहयोग वाटिका में पौधरोपण किया गया। अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि आज पर्यावरण दिवस सिर्फ वर्ष में एक बार 5 जून को मना इतिश्री करने का समय नही है बल्कि हर माह की 5 तारीख तो पर्यावरण संरक्षण करने की आवश्यकता है। पर्यावरण बचने के लिए अगर हम पौधा लगा कर देखभाल करने की जिम्मेदारी ले तो हमे शुद्ध आॅक्सीजन मिलेगी और हम स्वस्थ भी रहेंगे।
कार्यक्रम प्रभारी अनुभव अग्रवाल ने बताया कि सहयोग वाटिका में में पीपल, नीम, जामुन तथा अमरूद के 50 पौधे लगाए। पौधों की देखभाल करने की जिम्मेदारी कमेठी ने ली। इस अवसर पर प्रमुख रूप से दीपक अग्रवाल, उत्सव मित्तल, रिंकेश मित्तल, अनुपम बंसल, दीपक जैन, मनीष गोयल, संजीव दौनेरिया, देवेंद्र माडलस आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

स्वास्थ्य विभाग के विवादित रहे फार्मासिस्ट जगपाल सिंह का बदायूं तबादला

 

महानिदेशक ने सीएमओ बदायूं और आगरा को पत्र भेजा

मंत्री और विधायकों ने शासन से अनेक बार की थी शिकायतें

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आगरा। ताज नगरी के खासे विवादित रहे एक फार्मासिस्ट का तबादला शासन की ओर से कर दिया गया है। महा निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ पवन कुमार अरुण की ओर से जारी किए गए पत्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा को निर्देशित किया गया है कि तात्कालिक प्रभाव से कार्मिक अनुभाग 4 उत्तर प्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति 2026-27 मैं उल्ल लिखित प्रावधानों के अंतर्गत जगपाल सिंह फार्मासिस्ट अधीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं के अधीन तैनात किया जाता है। पत्र में कहा गया है कि जगपाल सिंह फार्मासिस्ट तत्काल प्रभाव से नवीन नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने का सुनिश्चित करें। इसके साथ ही कार्यभार प्रमाणक महानिदेशक कार्यालय को उपलब्ध कराये। पत्र की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी बदायूं को भी भेजी गई है।

अपने कारनामों से चर्चा में सदैव रहे

बताते चलें कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जुड़े फार्मासिस्ट जगपाल सिंह शुरू से ही अपने कारनामों के कारण चर्चा में रहे थे। खैरागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मचारियों के साथ बदसलूकी के कारण उन्हें वहां से हटकर जिला जेल में तैनात किया गया था। यहां भी उन्होंने बंदियों में फूट डालकर आपस में भड़का कर अनुचित लाभ उठाया था। पद दायित्वों के विपरीत कार्य करने पर जिला जेल के अधीक्षक ने उनकी शिकायत अर्ध शासकीय की पत्र के माध्यम से की थी। इसके उपरांत उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा स्थित पोस्टमार्टम ग्रह में तैनात किया गया था। वहां पर भी उन्होंने अपने गुल खिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन पर शव को बदलने, मरी महिला के शव विच्छेदन के दौरान फोटो लेने जैसे गंभीर आरोप लोगों ने लगाए थे। इसकी शिकायत उच्च स्तर पर शासन से की गई थी। शिकायतों के बाद सीएमओ आगरा में उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों और अपंजीकृत अस्पतालों की जांच के लिए तैनात कर दिया था । वहां पर भी उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी।

मंत्री और विधायकों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखे थे

फार्मासिस्ट जगपाल सिंह की जन शिकायतों पर कोई कार्रवाई न होने पर जनता ने जनप्रतिनिधियों का सहारा लिया। कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, खैरागढ़ के विधायक भगवान सिंह कुशवाहा, बाह की विधायक रानी पक्षालिका सिंह, एत्मादपुर के विधायक डा. धर्मपाल सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अनेक पत्र लिखकर फार्मासिस्ट जगपाल सिंह के खिलाफ शिकायत कर उनका तत्काल तबादला करने की मांग की थी।

लंबे समय बाद हुई शासन स्तर से कार्रवाई

लंबी प्रतीक्षा के बाद शासन की ओर से अब जगपाल सिंह का तबादला बदायूं कर दिया गया है। अब देखना यह है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा उन्हें कब पदमुक्त करेंगे। इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दूरभाष पर जानकारी के लिए संपर्क किया गया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।

आगरा पुलिस कमिश्नरेट से तीन अधिकारियों का तबादला, अब छह नये अधिकारी संभालेंगे आगरा की कमान

 

मनीष मिश्रा/बाबा न्यूज

आगरा। प्रदेश सरकार ने पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इसमें आगरा के भी कई अधिकारियों के तबादले हुए हैं। एसीपी ताज सुरक्षा मयंक तिवारी को गौतमबुद्ध नगर भेजा गया है। वहीं, एसीपी सैंया सुकन्या शर्मा का तबादला बागपत हुआ है।
दीपक कुमार सिंह को शाहजहांपुर पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है। एसीपी ताज सुरक्षा मयंक तिवारी, एसीपी गौतमबुद्ध नगर। डा. सुकन्या शर्मा को बागपत भेजा गया है। एसीपी छत्ता शेष मणि उपाध्याय को स्टाफ ऑफिसर एडीजी वाराणसी जोन बनाया गया है।

इनको मिला आगरा में चार्ज
यतेंद्र सिंह नागर को मुजफ्फरनगर से एसीपी आगरा ट्रांसफर हुआ।
डॉ. अतुल अंजान त्रिपाणी को वाराणसी से आगरा भेजा गया है।
पुलिस उपाधीक्षक बुलंदशहर पूर्णिमा सिंह को सहायक सेनानायक पीएसी आगरा। पुलिस उपाधीक्षक मथुरा श्वेता वर्मा को एसीपी आगरा।
पुलिस उपाधीक्षक एलआईयू अध्योध्या को मंडलाधिकारी आगरा बनाया गया है। पीलीभीत से राजीव रंजन को आगरा पुलिस कमिश्नरेट में एसीपी बनाया गया है।

उजाले अपनी यादों को हमारे साथ रहने दो

 

 

उर्दू के शायर पदमश्री डॉ. वशीर बद्र की याद में हुई शोकसभा
डॉ. बशीर बद्र ने अपने जीवन में दो बड़े दुखद हादसे देखे थे: डॉ. नसरीन बेगम
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आगरा। अर्न्तराष्टÑीय ख्याति प्राप्त उर्दू के शायर पदमश्री डॉ. वशीर बद्र 28 मई को भोपाल में इसफानी दुनियां को अलविदा कह गये। बशीर बद्र का शेरी सफर 1950 के बाद शुरु हुआ था। उनके एक एक शिर दिलों पर असर छोड़ जाते हैं- दुश्मनी जम के करो लेकिन गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाए तो शर्मिन्दा न हो। ख्याति प्राप्त शायर की याद में बज्म -ए मैकश की जानिब से आस्ताना सल्लाम मैकश अकबराबादी पर एक शोक सभाआयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता बज्म के सरपरस्त
सैयद अजमल अली शाह ने की। प्रो. नसरीन बेगम ने कहा कि डॉ. बशीर बद्र ने अपने जीवन में दो बड़े सानहात देखे एक पत्नी का स्वर्गवास, जब वह अमेरिका में थे, दूसरा मेरठ का सांप्रयादिक फसाद, जब उनका घर जला दिया गया था। उनकी किताबें गजले सब राख हो गयी थी। वह टूट
गये थे। टूटकर संभलना बहुत कठिन होता है। लोग टूट जाते है एक घर बनाने में । शोकसभा में बशीर बद्र की शायरी के दीवाने अधिक संख्या में मौजूद रहे। संचालन शाहिद नदीम ने किया। उन्होंने एक शेर से श्रद्धांजलि पेश की अदब की मोकददस किताब की सूरत, महक रहा है,चमन में गुलाब की सूरत। इस अवसर पी माहिर अकबराबादी डॉ. वेद त्रिपाठी, सुहेल लखनवी, डॉ. सिब्ते हसन नकबी, जिया हाशमी, नवेद अतहर सिद्दीकी, सैयद मोहतारिम समी आगई, साफरीन फातिमा, आविदा फातिमा, प्रो. अमिता शर्मा आदि लोग उपस्थित थे।