Breaking News
2202 करोड़ के प्रस्तावित बजट को नगर निगम कार्यकारिणी की मंजूरी

 

शहर के विकास कार्यों पर होगा 1425.77 करोड़ खर्च

सड़क, पार्क, नाले और सीएम ग्रिड पर फोकस, आम सदन में रखा जाएगा चर्चा के लिए

बाबा न्यूज 

आगरा। हेमलता दिवाकर कुशवाह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 2202.86 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट को मंजूरी प्रदान कर दी गई। अब इस प्रस्तावित बजट को चर्चा एवं अंतिम स्वीकृति के लिए नगर निगम सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। बजट में शहर के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
प्रस्तावित बजट के अनुसार शहर के विकास कार्यों पर कुल 1425.77 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान किया गया है। शासन के निर्देशों के बाद टोरंट पावर से ट्रांसफार्मर आदि मदों में प्राप्त किए जाने वाले 431 करोड़ रुपये के किराये को अनावश्यक अधिभार मानते हुए बजट से हटा दिया गया है।
बैठक में बताया गया कि सड़क अनुरक्षण एवं मरम्मत कार्यों पर 212 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं सीएम ग्रिड योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। शहर के पार्कों के विकास के लिए 12 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। नगर निगम ने पहली बार डॉग शेल्टर के लिए भी एक करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नाले-नालियों के निर्माण एवं सुधार कार्यों के लिए 44 करोड़ रुपये तथा शहर की लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है।
बैठक के दौरान एक ओ विपिन यादव ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था से निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 की तुलना में निगम को इस मद में आठ गुना अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं विज्ञापन मद में भी निगम को 9.68 करोड़ रुपये की आय हुई है।
बैठक में 13वें,14वें और 15वें अधिवेशन की स्थगित बैठकों के साथ 16वें अधिवेशन की बैठक के कार्यवृत्त की भी पुष्टि की गई। इसके अलावा जलकल विभाग के मूल बजट 2026-27 के आय-व्यय पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, उपनगर आयुक्त डॉ सरिता सिंह, ए ओ विपिन यादव, मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता विद्युत एव यांत्रिक अजय कुमार राम, पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव वर्मा, कार्यवाहक महाप्रबंधक जलकल संघ भूषण आदि सहित सभी कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

नालों की सफाई में लापरवाही पर नगर आयुक्त सख्त, दो सफाई कर्मी बर्खास्त

निरीक्षण में मिली गंदगी और अव्यवस्था, एसएफआई मुख्यालय संबद्ध व अवैध वाड़ा हटाने के निर्देश

बाबा न्यूज

आगरा। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने मंगलवार को मधू नगर , सेवला मार्ग और वार्ड-35 स्थित डेरा सरस के नाला कंसखार गेट क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में भारी लापरवाही पाए जाने पर नगर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो आउटसोर्स सफाई कर्मियों को सेवा से हटाने, एक सफाई कर्मी का स्थानांतरण करने तथा क्षेत्रीय एसएफआई को मुख्यालय से संबद्ध करने के निर्देश दिए।
सबसे पहले मधू नगर जाने वाले मार्ग का निरीक्षण किया गया, जहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल मिली। सड़क पर जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ था और निराश्रित गोवंश घूमते दिखाई दिए। मार्ग एवं डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त पाए गए, जिससे बरसात में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका जताई गई।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि क्षेत्र में कोई सफाई मित्र मौजूद नहीं था, जिसके चलते सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जलाया जा रहा था। इस पर नगर आयुक्त ने अधिकारियों को तत्काल नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद नगर आयुक्त ने वार्ड-35 स्थित नाला कंसाखार का निरीक्षण किया। नाले के किनारे भारी मात्रा में सिल्ट जमा मिली तथा सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब पाई गई। नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को नाला सफाई के लिए साप्ताहिक रोस्टर तैयार कर क्षेत्रीय पार्षदों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय एसएफआई ने बताया कि रात के समय फैक्ट्री संचालकों द्वारा नाले में कतरन डाली जाती है, जिससे नाला अवरुद्ध हो जाता है। इस पर नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि रात्रि के समय नाले से उचित दूरी पर कतरन एकत्रित करने वाले वाहन की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए।
क्षेत्रीय निवासियों ने नगर आयुक्त को बताया कि इलाके में नियमित सफाई नहीं होती और सफाई मित्र नाले के आसपास के क्षेत्रों की अनदेखी करते हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित एसएफआई एम पी सिंह को मुख्यालय से संबद्ध करने, आउटसोर्स सफाई मित्र सतीश को सेवा से हटाने तथा सफाई कर्मी रोहित का स्थानांतरण करने के निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में पशुपालकों द्वारा संचालित अवैध वाड़ा भी पाया गया। इस पर प्रभारी अतिक्रमण को तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध वाड़ा हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं क्षतिग्रस्त नाले की बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश संबंधित निर्माण अधिकारियों को दिए गए। इसके अलावा बीती रात नगर आयुक्त द्वारा एस एन मेडिकल कॉलेज क्षेत्र से गुजरने वाले नाले का निरीक्षण किया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव वर्मा ने इस दौरान नगर आयुक्त को बताया कि नाले की चैन मशीन द्वारा सफाई कराई जा रही है । निरीक्षण के दौरान चैन मशीन चालक उदयवीर सिंह के उपस्थित न होने पर बर्खास्त कर दिया गया। सिटी स्टेशन रोड नाले के निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद ने नगर आयुक्त को बताया कि नाले की तली झाड़ सफाई के बजाय एक तरफ की सिल्ट निकाली जा रही एक, इस पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने नाले की तली झाड़ सफाई के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने भैंरों नाला का भी निरीक्षण किया। यहां चैन मशीन चालू अवस्था में पाई गई। क्षेत्रीय दुकानदारों ने बताया कि उक्त स्थल पर प्राचीन पुलिया के नीचे दुकानदारों द्वारा मिर्च के कट्टे आदि डाल दिए जाने से पुलिया चोक है। इस पर नगर आयुक्त ने तत्काल समुचित सफाई कराने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण में दिए गए आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट अपर नगर आयुक्त के माध्यम से कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।
निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव वर्मा के अलावा क्षेत्रीय पार्षद और संबंधित एस एफआई भी मौजूद रहे।

नगर निगम सदन में गूंजे जनहित के मुद्दे, विकास कार्यों पर हुई चर्चा

 

महापौर की मौजूदगी में आगरा नगर निगम अधिवेशन संपन्न, सफाई-जलभराव पर पार्षदों ने उठाए सवाल

बाबा न्यूज 

आगरा। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह की अध्यक्षता में सोमवार को नगर निगम आगरा सदन का अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें ट्रेड लाइसेंस शुल्क प्रस्ताव को छोड़कर नगर निगम सदन के 12 वें और 13 अधिवेशन की बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई और प्रश्न काल में एक दर्जन से अधिक प्रश्नों पर चर्चा की गई। तीन दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
शहर की सफाई व्यवस्था, जलभराव, सड़क निर्माण, पेयजल संकट और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए अधिकारियों से त्वरित समाधान की मांग की।
सदन में बरसात से पूर्व नालों की सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था, टूटी सड़कों के निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर कई प्रस्ताव रखे गए। पार्षदों ने विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता को लेकर भी अधिकारियों को घेरा।
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और बरसात से पहले जलनिकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए। नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने भी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वच्छता अभियान, निराश्रित पशुओं की समस्या और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सदन में प्रस्तुत कई प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अधिवेशन के दौरान पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली, हालांकि बाद में सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न हुई।