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एक अक्टूबर को श्रीराम जन्मोत्सव, दो अक्टूबर को रामलीला मैदान में होगा सीता जन्मोत्सव

 

रामलीला-जनकपुरी महोत्सव की तैयारियों को मिली अंतिम दिशा

जनकपुरी महोत्सव महिला समिति गाएगी पारंपरिक बधाई गीत, श्रद्धालुओं में बांटी जाएगी बधाई और प्रसाद

बाबा न्यूज़

आगरा। श्री राम जानकी विवाह महोत्सव इसी भक्ति भाव को साकार करने के लिए श्रीरामलीला एवं जनकपुरी महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। भावना एस्टेट स्थित श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव के निवास पर श्री रामलीला कमेटी एवं श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित हुई। श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल तथा महामंत्री राजीव अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुई बैठक में श्रीराम बारात से लेकर जनकपुरी महोत्सव तक की व्यवस्थाओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में स्वरूपों की सुविधा एवं सुरक्षा, जनमासा, विश्राम एवं श्रृंगार स्थल, परिभ्रमण मार्ग, चांदी के रथ की सुरक्षा, जनक मंच, वीआईपी प्रवेश, भोजन-प्रसाद, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि 1 अक्टूबर को रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसके अगले दिन 2 अक्टूबर को मां सीता का जन्मोत्सव आयोजित होगा। इसके बाद श्रीरामलीला की विभिन्न लीलाओं का मंचन क्रमशः आगे बढ़ेगा और भव्य श्रीराम बारात एवं चार दिवसीय जनकपुरी महोत्सव का आयोजन होगा।
सीता जन्मोत्सव को विशेष भक्तिमय स्वरूप देने के लिए जनकपुरी महोत्सव महिला समिति द्वारा रामलीला मैदान में ही विशेष बधाई कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। महिला समिति की सदस्याएं पारंपरिक बधाई गीतों के माध्यम से मां जानकी के प्राकट्य की खुशियां मनाएंगी। श्रद्धालुओं के बीच बधाई एवं प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। इस दौरान रामलीला मैदान में मिथिलापुरी जैसा भक्तिमय और मंगलमय वातावरण देखने को मिलेगा।
श्री रामलीला कमेटी के भगवान दास बंसल एवं मुकेश जौहरी ने आयोजन की धार्मिक गरिमा एवं वर्षों पुरानी परंपरा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि श्रीरामलीला एवं जनकपुरी महोत्सव आगरा की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक हैं। इसलिए स्वरूपों के सम्मान एवं सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं को सहज और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने जनकपुरी महोत्सव की तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए स्वरूपों, मंडली एवं श्रीरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों की सुविधाओं से संबंधित आवश्यक बिंदुओं को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि बारात का जनमासा ऐसे स्थान पर निर्धारित किया जाए, जहां स्वरूपों के विश्राम, फ्रेश होने, श्रृंगार एवं हल्के स्वल्पाहार की समुचित व्यवस्था हो तथा वहां से प्रधान मंच तक पहुंचने का मार्ग छोटा और सुविधाजनक हो। स्वरूप शाम से श्रृंगार धारण कर लेते हैं और रातभर जागरण के कारण थके हुए होते हैं, इसलिए सुबह जनमासा से प्रधान मंच तक पहुंचने का मार्ग अनावश्यक रूप से लंबा नहीं होना चाहिए।
परिभ्रमण मार्ग में लगाए जाने वाले गेट, लाइट एवं बैनर कम से कम 20 फीट की ऊंचाई पर रखने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि रथ एवं अन्य सवारियों के आवागमन में कोई बाधा न आए।
श्री जनकपुरी महोत्सव समिति के मुख्य संयोजक मनोज बंसल ने बताया कि स्वरूपों के ठहरने एवं अगले तीन दिनों तक श्रृंगार की व्यवस्था ऐसे स्थान पर की जाएगी, जहां नित्यकर्म सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। स्वरूपों एवं बहुमूल्य श्रृंगार सामग्री की सुरक्षा के लिए भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
7 से 9 अक्टूबर 2026 तक चांदी के रथ को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने की व्यवस्था की जाएगी। स्वरूपों, उनके साथ रहने वाले सदस्यों, मंडली एवं कार्यकर्ताओं के लिए दोनों समय नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था रहेगी, जिसमें लगभग 30 से 35 व्यक्तियों की व्यवस्था होगी।
राजू यादव ने कहा कि प्रधान मंच से स्वरूपों की विदाई शीघ्र कराई जाएगी, ताकि विदाई परिभ्रमण के दौरान अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन सुलभ हो सकें। विदाई परिभ्रमण के समापन स्थल तथा वहां से स्वरूपों को रामलीला ग्राउंड स्थित विश्राम स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
7 एवं 8 अक्टूबर को बढ़हार के अवसर पर परिभ्रमण के लिए बैंड एवं हंडे की रोशनी, स्वरूपों के लिए चार घोड़े तथा तीन कुर्सियों वाले एक रथ की व्यवस्था किए जाने पर विचार-विमर्श हुआ।
जानकी जी और चार सखियों की सवारी होगी आकर्षण का केंद्र
6 अक्टूबर को श्रीराम बारात के दिन जानकी जी एवं चार सखियों को शाम लगभग 2 बजे तक मनःकामेश्वर बारहदरी से ले जाने की व्यवस्था जनकपुरी आयोजन समिति द्वारा की जाएगी। जानकी जी एवं चारों सखियों के लिए नए लहंगे एवं ओढ़नी की व्यवस्था भी समिति द्वारा की जाएगी।
इसी दिन जनकपुरी में जानकी जी एवं चार सखियों के परिभ्रमण के लिए विशेष रथ की व्यवस्था रहेगी। रथ में सभी के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ बैंड एवं रोशनी की व्यवस्था भी की जाएगी।
जनक मंच के प्रांगण में श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों एवं उनके पारिवारिक सदस्यों के लिए समुचित बैठक व्यवस्था की जाएगी। कम से कम 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था आरक्षित रखने पर चर्चा हुई।
कमेटी के पदाधिकारियों के लिए वीआईपी द्वार से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी।
मंच की व्यवस्था ऐसी रखने पर जोर दिया गया कि आरती अथवा किसी वीआईपी के आगमन के समय भी श्रद्धालुओं को स्वरूपों के दर्शन में परेशानी न हो।
बैठक में बताया गया कि तुलसी-शालिग्राम विवाह भावना एस्टेट स्थित श्री भावनेश्वर नाथ मंदिर में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में आयोजित होगा। आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर भी दोनों समितियों के बीच आवश्यक समन्वय किया जाएगा।

ये रहे उपस्थित
बैठक में श्री रामलीला कमेटी के टीएन अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, पॉलीभाई, अंजुल बंसल, संजय तिवारी, राहुल गौतम, ताराचंद अग्रवाल तथा श्री जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गोयल, मुख्य संयोजक मनोज बंसल, महामंत्री मनोज जादौन, कोषाध्यक्ष आकाश गोयल ग्वाला, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह एवं स्वागताध्यक्ष अरविंद शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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