अयोध्या पुलिस ने 4 दिन में लौटाए 3.65 लाख रुपये:साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को बड़ी राहत मिली
अयोध्या पुलिस ने साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार दिनों के भीतर साइबर ठगी के शिकार लोगों के कुल 3 लाख 65 हजार 762 रुपये वापस कराए हैं। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच थाना साइबर क्राइम और थाना मवई पुलिस की सक्रियता से कई पीड़ितों को उनकी खोई हुई धनराशि वापस मिल सकी, जिससे लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 16 जून को एक शिकायत पर थाना मवई पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल और भारत सरकार की एमआरएम प्रक्रिया का उपयोग करते हुए एक पीड़ित के 34 हजार 354 रुपये वापस कराए। इस कार्रवाई में थाना मवई की साइबर हेल्प डेस्क ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद, 17 जून को थाना साइबर क्राइम ने दो अलग-अलग शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए कुल 62 हजार रुपये की धनराशि वापस कराई। इनमें एक मामले में गलती से दूसरे खाते में भेजे गए 50 हजार रुपये और दूसरे मामले में 12 हजार रुपये शामिल थे। 18 जून को, थाना साइबर क्राइम ने आठ विभिन्न साइबर धोखाधड़ी मामलों में कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के खातों में कुल 1 लाख 77 हजार 270 रुपये वापस भेजे। इन मामलों में निवेश के नाम पर ठगी, रिश्तेदार बनकर पैसे मांगना, फोन चोरी कर खाते से धन निकासी और गूगल पे तथा फोन पे के माध्यम से की गई धोखाधड़ी जैसे अपराध शामिल थे। वहीं, 21 जून को साइबर क्राइम थाना ने एक अन्य मामले में पीड़ित के फोन पे खाते से धोखे से स्थानांतरित किए गए 92 हजार 138 रुपये की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए इन अभियानों में प्रभारी निरीक्षक मो. अरशद सहित साइबर क्राइम और मवई थाने की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर विश्वास न करें। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।

