ग्रेजुएशन स्टूडेंट चला रहा था ठगी का गिरोह, 6 अरेस्ट:20 हजार में अकाउंट लेकर मंगाए 1.50 करोड़, क्रिप्टो के जरिए पैसा भेजा विदेश, बैंकॉक घूमने गए
15 से 20 हजार में लोगों से बैंक अकाउंट लेकर साइबर ठगी का पैसा मंगाने वाले गिरोह के 6 मेंबरों को नवाबगंज और साइबर सेल की टीम ने अरेस्ट किया है, वहीं पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड ग्रेजुएशन स्टूडेंट पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। एसीपी कर्नलगंज ने घटना खुलासा करते हुए बताया कि गैंग देश के विभिन्न हिस्सों से ठगी की रकम खातों में मंगवाते, फिर रकम निकाल कर एक सुरक्षित खाते में डिपॉजिट कर क्रिप्टोकरेंसी खरीदते और दिल्ली में बैठे सरगना के जरिए देश के बाहर भेजते थे। इसके बाद रकम को गैरकानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था। दिल्ली में बैठे सरगना के लिंक चाइना से होने की जानकारी पुलिस के पास के पास आई है। पकड़े गए आरोपी ठगी की रकम को अपने लग्जरी शौक पूरे करने में इस्तेमाल करते थे, अधिकांश आरोपी कई बार बैंकॉक और थाइलैंड की ट्रिप कर चुके है। छात्र के अकाउंट से मंगवाए 14 लाख, केरल से आई पुलिस एसीपी कर्नलगंज आकांक्षा पांडेय ने रविवार शाम 4 बजे घटना का खुलासा करते हुए बताया कि विष्णुपुरी निवासी ग्रेजुएशन स्टूडेंट हर्ष गौड़ की मुलाकात गिरोह में शामिल शिवाजी नगर निवासी आदित्य बाजपेई से चाय की दुकान पर हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती होने के बाद आदित्य ने उसे घर बैठे पैसे कमाने का झांसा देकर अकाउंट मांगा, जिस पर हर्ष ने अपने दोस्त सचिन का बैंक खाता, चेकबुक, एटीएम कार्ड ले लिया। जिसके एवज में उसने 15 से 20 हजार रुपए दिए। कुछ समय बाद सचिन का खाता फ्रीज हो गया। जिस पर वह बैंक पहुंचा तो जानकारी दी गई कि बैंक खाते में 14 लाख की ठगी की रकम आने की जानकारी हुई। वहीं कुछ दिनों केरल की पुलिस सचिन के घर पहुंची और ठगी की रकम खाते में आने का नोटिस तामीला कराया, जिस पर हर्ष के होश फाख्ता हो गए और उसने नवाबगंज पुलिस को जानकारी दी। यह आरोपी पकड़े गए मामले की जांच में नवाबगंज और सेंट्रल जोन की साइबर टीम जांच में जुटी। पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल पर जांच शुरू की तो बैंक से कैश विड्राल की जानकारी नजीराबाद थानाक्षेत्र से होने की मिली। जिसके बाद पुलिस ने शिवाजी नगर निवासी ग्रुजेशन स्टूडेंट आदित्य बाजपेई, दादागन लेबर कालोनी निवासी अतुल सिन्हा, ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के छात्र विराज सिंह, 12वीं के छात्र कृष्णा, रावतपुर निवासी इंटर पास यश प्रताप सिंह व काकादेव निवासी ग्रेजुएशन सेकेंड ईयर के छात्र शिवांश गुप्ता को गिरफ्तार किया। साइबर सेल के प्रभारी दरोगा तनुज सिरोही ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ऑनलाइन गेमिंग एप, बेटिंग एप व ट्रेडिंग फ्रॉड की रकम खातों में मंगवाते थे। आरोपियों के पास से मिले करीब 35 खातों में 1.50 करोड़ फ्रॉड की रकम आई थी, सभी खातों में NCRP पोर्टल पर 50 से अधिक शिकायतें मिली है। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह शास्त्री नगर निवासी ग्रेजुएशन के छात्र क्षितिज द्विवेदी के कहने पर उसे खाते उपलब्ध कराते थे।साइबर सेल के प्रभारी ने बताया कि पूरे सिंडिकेट का मास्टमांइड क्षितिज है, जो फरार चल रहा है। सभी एटीएम कार्ड का कॉमन पासवर्ड था, फ्रीज होने पर जला देते थे पकड़े गए आरोपी छात्रों ने बताया कि वह चेकबुक, पासबुक, एटीएम लेकर क्षितिज को देते थे। एटीएम कार्ड का पासवर्ड याद रखने के लिए उसने सभी कार्डों का एक ही पासवर्ड 8840 बना रखा था। ठगी की रकम आने के बाद वह एटीएम अपने मेंबरों को देकर उनसे पैसा निकलवाता था। अगर चेकबुक से पैसा निकालना हो तो खाताधारक को क्षितिज बुलाता था, इसके बाद गिरोह का एक मेंबर खाताधारक को कार व बाइक से बैंक लेकर जाता और रकम निकालने के बाद छोड़ देता था। पुलिस से बचने के लिए कोल्ड वॉलेट का करते थे इस्तेमाल एसीपी कर्नलगंज ने बताया कि साइबर ठगी से आने वाली रकम क्षितिज सभी खातों से कलेक्ट कर एक सुरक्षित खाते में जमा करता था। उसके बाद BINANCE, BYBIT, BITGET, META MASK व कोल्ड वॉलेट TRUST WALLET नाम के क्रिप्टो प्लेटफार्म के जरिए USTD खरीदी जाती थी। इसके बाद क्षितिज दिल्ली में बैठे वर्मा जी नाम के युवक के जरिए USTD को विदेश भिजवाता था, जहां से रकम देश के विभिन्न खातों में आती थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि वर्मा का संपर्क चाइना से है। आरोपियों के पास से मिले सभी खातों से औसतन 15–15 लाख की रकम निकाली जा चुकी है।पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 एंड्रॉयड फोन, 25 एटीएम, 3 चेकबुक, 58,800 कैश, एक कार व बाइक बरामद की है।

