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सराफा व्यापारी  संजय सिंघल सादाबाद होंगे राजा दशरथ,  नीता सिंघल होंगी रानी कौशल्या

 

बाबा न्यूज 

आगरा । श्री रामलीला कमेटी की बैठक श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल विधायक/अध्यक्ष की अध्यक्षता एवं महामंत्री श्री राजीव अग्रवाल के साथ संपन्न हुई, जिसमें कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा श्री रामलीला कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष,श्री सराफा कमेटी के मंत्री एवं एस.एन सिंघल कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मूल रूप से सादाबाद के रहने वाले संजय सिंघल को इस वर्ष (वर्ष 2026 की) उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला के लिए ‘राजा दशरथ’ घोषित किया गया। श्री संजय सिंघल सादाबाद अपने को राजा दशरथ घोषित होते ही खुशी से झूम उठे व श्रीमती नीता सिंघल अपने को रानी कौशल्या बनते ही उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। श्रीमती नीता सिंघल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की मां बनते ही अपनी खुशी के आंसू नहीं रोक सकीं, उनके नयनों से खुशी की अश्रु धारा बह रही थी। श्री संजय सिंघल और श्रीमती नीता सिंघल के परिवार में उनका पुत्र रजत सिंघल व उनकी पुत्रवधू श्रीमती निमिषा सिंघल हैं और उनकी बेटी श्रीमती आयुषी गर्ग और दामाद श्री कृष्णा बिहारी गर्ग (तोता रंग ,हाथरस)हैं। श्री संजय सिंघल मूल रूप से सादाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि वह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पिता दशरथ बनेंगे। वह इसे अपने पिता श्री (स्वर्गीय) श्री सुरेंद्र नाथ सिंघल का आशीर्वाद कहते हैं व अपनी माता जी श्रीमती माया देवी सिंघल का आशीर्वाद मानते हैं। इसी प्रकार श्रीमती नीता सिंघल जो रानी कौशल्या बनी हैं, वह इसे अपने पिता श्री पूरन लाल अग्रवाल जी का आशीर्वाद व अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती स्नेह लता अग्रवाल जी का आशीर्वाद मानती हैं। श्री संजय सिंघल जी को आज से ही परिवारीजन, इष्ट मित्र व श्री रामलीला कमेटी ने ‘राजा दशरथ’ व श्रीमती नीता सिंघल को ‘रानी कौशल्या’ कहना शुरू कर दिया है। अभी से ही इनके परिवार में श्री जयादित्य सिंघल और अनिका (जो इनकी पौत्र और पौत्री हैं) राम बारात की तैयारियों में जुट गई हैं। इसी प्रकार इनके धेवते क्रियांश और प्रथमेय द्वारा अभी से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की बारात (जो 6 अक्टूबर को निकलेगी) उसी की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
आज श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल द्वारा उनके निवास पर जाकर उनको राजा दशरथ और रानी कौशल्या बनाया और उनके साथ श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों में श्री भगवान दास बंसल, श्री विजय प्रकाश गोयल, श्री टी. एन. अग्रवाल, श्री मुकेश जोहरी, श्री मनोज अग्रवाल पोलीभाई, श्री संजय तिवारी, श्री अतुल बंसल, श्री ताराचंद अग्रवाल, श्री अंजुल बंसल, प्रवीण स्वरूप, राहुल गौतम, प्रसून मंगल और आयुष गर्ग उपस्थित थे| सभी ने श्री संजय सिंघल सादाबाद को राजा दशरथ और श्रीमती नीता सिंघल को रानी कौशल्या बनने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाई दी हैं।

डॉ. मोनिका सिंह बनीं उच्च शिक्षा की कार्यवाहक निदेशक:कार्यभार संभालते ही पुराने मामले खुले, फर्जी वेतन निर्धारण का आरोप

प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के कार्यवाहक निदेशक डॉ. बीएल शर्मा को हटाकर डॉ. मोनिका सिंह को नियुक्त किया है। उन्होंने शुक्रवार शाम को कार्यभार ग्रहण कर लिया। सरकार ने स्थायी निदेशक की जगह एक कार्यवाहक को हटाकर दूसरे कार्यवाहक को तैनात किया है। डॉ. मोनिका सिंह की तैनाती के साथ ही उनके खिलाफ पूर्व में हुई शिकायतों के मामले फिर से सामने आने लगे हैं। उन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तीन कर्मचारियों का वेतन निर्धारित करने का आरोप है। शिकायतकर्ता अब इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं। यह मामला 2024 से 2026 के बीच का है, जब डॉ. मोनिका सिंह मेरठ में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी थीं। आरोप है कि 28 नवंबर 2024 को उन्होंने कृषक पीजी कॉलेज मवाना, मेरठ में तैनात अकाउंटेंट नवीन कुमार वर्मा, पुस्तकालय लिपिक उमेश चंद्र और आशुलिपिक मनु चौधरी के वेतन निर्धारण की फाइल स्वीकृत की थी। इस स्वीकृति का आधार उन्होंने 9 अक्टूबर 2024 के कॉलेज के प्राचार्य नीलम शर्मा के पत्र को बनाया, जबकि प्राचार्य नीलम शर्मा 31 अगस्त 2024 को ही सेवानिवृत्त हो चुकी थीं। आरोप है कि नीलम शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद कॉलेज के तीन कर्मचारियों के वेतन निर्धारण का फर्जी प्रस्ताव तैयार किया गया। तीनों कर्मियों के वेतन निर्धारण के बाद कॉलेज प्रबंधन की मातृ संस्था जाट वैदिक शिक्षा सोसायटी मवाना, मेरठ की अध्यक्ष अर्चना वर्मा ने जनवरी 2026 में शासन से इसकी शिकायत की। उनका आरोप है कि जिन तीनों कर्मचारियों का वेतन निर्धारण किया गया है, उन पर गबन के आरोप हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वेतन निर्धारण के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। नवीन कुमार वर्मा और मनु चौधरी के खिलाफ 7 अप्रैल 2024 को गबन का मुकदमा दर्ज हुआ था। डॉ. मोनिका सिंह ने इन कर्मचारियों के तथ्यों को छिपाकर वेतन का निर्धारण कर दिया। आरोप है कि वेतन निर्धारण के बाद तीनों कर्मियों की सेवा पुस्तिका कालेज नहीं भेजी गई। इस मामले की शिकायत निदेशालय ने कमेटी बनाकर जांच करवाई। जांच के बाद शिकायत सही पाई गई और मोनिका सिंह पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में कार्यवाही करने की संस्तुति की गई। इसी बीच मोनिका सिंह को पिछले महीने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के पद से हटाकर नोएडा के राजकीय पीजी कालेज में प्राचार्य बना दिया गया। उस मामले में उनके खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय शासन ने वरिष्ठता का आधार बनाते हुए 17 जुलाई को उनको उच्च शिक्षा निदेशक बना दिया गया। जबकि वरिष्ठता सूची में यह तीसरे नंबर है। उच्च शिक्षा में वर्तमान में सबसे वरिष्ठ दीपा अग्रवाल और डॉ भारती दीक्षित है। मोनिका सिंह तीसरे स्थान पर हैं फिर भी इनको शासन ने वरिष्ठ मानते हुए निदेशक बना दिया। वैसे यह वरिष्ठता सूची भी विवादित है और इसका मामला कोर्ट में लंबित है। डॉ. मोनिका सिंह का बयान
कृषक पीजी कालेज मवाना मेरठ मामले में शिकायत हुई थी। उस मामले जवाब दे दिया गया है। मेरे खिलाफ कोई कार्यवाही लंबित नहीं है। जो भी आरोप है, वह मनगढंत है। – डॉ. मोनिका सिंह। वरिष्ठता सूची पर विवाद
उच्च शिक्षा के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची पर लंबे समय से विवाद है। इसका मामला हाईकोर्ट में लंबित है। वरिष्ठता सूची पर 2021 से स्टे है। इसलिए 2017 से लेकर अब तक उच्च शिक्षा में डीपीसी नहीं हुई। डीपीसी न होने के कारण वरिष्ठता का विवाद है। इसलिए निदेशालय में स्थाई निदेशक की तैनाती नहीं हो रही है। पिछले कई वर्ष के कार्यवाहक निदेशक बनाए जा रहे हैं।

राजभर का अखिलेश यादव पर निशाना:बोले, उनकी पूरी टीम गाली-गलौज और जातिवादी जहरीलेपन पर उतर आई है

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में पंचायती राज, अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आज अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी (सपा) पर दो अलग-अलग पोस्ट में जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा पर जातिवादी गाली-गलौज और वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया। पहले पोस्ट में ओम प्रकाश राजभर ने लिखा कि चुनावी हार साफ दिखते ही अखिलेश यादव की पूरी टीम गाली-गलौज और जातिवादी जहरीलेपन पर उतर आई है। उन्होंने मऊ के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष पर राजभर और चमार समुदाय को गालियां देने, मां-बहन की इज्जत पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि चमार शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, लेकिन आपके लोगों की हरकतों ने मुझे मजबूर किया है। राजभर और चमार का गौरवशाली इतिहास रहा राजभर ने आगे कहा कि राजभर और चमार समुदाय के गौरवशाली इतिहास रहा है। महाराजा सुहेलदेव, महाराज चंवर सेन, विश्वयुद्ध में चमार रेजिमेंट और 1857 की क्रांति में जीता चमार जैसे योद्धाओं का उदाहरण दिया। राजभर ने अखिलेश से पूछा, “यादवों की नजर में राजभर और चमार इंसान नहीं होते? हम आपके पैरों की जूती और कीड़े-मकोड़े हैं?” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके गुंडे फिर गालियां देंगे तो “राजभर और चमार सपा की ईंट से ईंट बजा देंगे। गाली देनी हो तो ओम प्रकाश राजभर को दें।” पोस्ट में जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव जैसे नारे भी शामिल थे। जरजिस के बयान पर खून क्यों नहीं खौलता? दूसरे पोस्ट में ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर यदुवंशी होने पर ही सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश सच्चे यदुवंशी होते तो मौलाना जरजिस अंसारी के भगवान श्रीकृष्ण पर आपत्तिजनक बयानों पर उनका खून खौलता। राजभर ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति में अखिलेश मौलानाओं के तलवे चाटने और अपनी पत्नी पर टिप्पणी बर्दाश्त करने तक गिर चुके हैं। उन्होंने महाराज सुहेलदेव का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्र-धर्म पर आंख उठाने वालों को सबक सिखाने की परंपरा राजभर समाज में है।

अंतर्जनपदीय बाइक चोर गैंग गिरफ्तार:6 शातिर वाहन धराए, 10 चोरी की बाइक और लोडर बरामद

कानपुर देहात पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। सिकंदरा थाना पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम ने संयुक्त अभियान में अंतरजनपदीय बाइक चोर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 10 चोरी की मोटरसाइकिलें,एक लोडर,नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। कानपुर देहात में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। सिकंदरा थाना पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम ने इस अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार छह शातिर चोरों के पास से 10 चोरी की मोटरसाइकिलें और चोरी की बाइक ले जाने में इस्तेमाल होने वाला एक बजाज मैक्सिमा कार्गो लोडर बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार,19 जुलाई की रात मानपुर पुल अंडरपास के पास संदिग्ध वाहन चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवक पुलिस को देखकर भागने लगे।पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।पूछताछ और तकनीकी जांच में पता चला कि दोनों मोटरसाइकिलें चोरी की थीं। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे अपने दो अन्य साथियों मुन्ना उर्फ हसनैन और शेर सिंह उर्फ शेरू के साथ मिलकर कानपुर देहात,औरैया सहित कई जिलों में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।उनकी निशानदेही पर पुलिस ने सिकंदरा क्षेत्र में एक प्लॉट पर छापा मारा और दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
इस प्लॉट से आठ अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें, एक लोडर,छह मोबाइल फोन और 2,820 रुपये नकद भी बरामद हुए। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह पहले सुनसान जगहों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करता था। फिर डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर वाहन चोरी करते थे। मैकेनिक की मदद से इंजन,चेसिस और नंबर प्लेट बदलकर उनकी पहचान छिपा दी जाती थी। बाद में इन चोरी की मोटरसाइकिलों को दूसरे जिलों में बेच दिया जाता था। बरामद मोटरसाइकिलों में से दो वाहन ऐसे थे,जिनकी चोरी के मुकदमे पहले से सिकंदरा थाने में दर्ज थे। सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है।पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है।

डीएम ने अनाथ बहनों को मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना से जोड़ा:देवरिया में जनता दर्शन में फरियाद के बाद शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश

देवरिया जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार की दोपहर 12 बजे जनता दर्शन कार्यक्रम में एक अनाथ बालिका की फरियाद सुनी। उन्होंने बालिका और उसकी तीन बहनों को तत्काल मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने तथा उनकी शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बरहज तहसील के ग्राम मोहरा निवासी ज्योति यादव ने जनता दर्शन में बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। परिवार में चार बहनें हैं और उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उसने अपनी और अपनी बहनों की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रशासन से सहायता मांगी। जिलाधिकारी ने बालिका की पूरी बात गंभीरता से सुनने के बाद अधिकारियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत आवेदन भरवाने और सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर स्वीकृति दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चियों को शासन की सभी पात्र योजनाओं से जोड़कर अधिकतम लाभ दिलाया जाए, ताकि उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को ज्योति यादव का प्रवेश राजकीय महिला महाविद्यालय में प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि बच्चियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी की इस त्वरित पहल से बच्चियों में भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। जनता दर्शन में मौजूद लोगों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना की।

केपी इंटर कॉलेज ने जीती जिला नेहरू हॉकी प्रतियोगिता:अंडर-15 वर्ग में लाला मनमोहन दास को 6-0 से हराया, अनमोल ने किए तीन गोल

प्रयागराज में सोमवार को जिला नेहरू हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। केपी इंटर कॉलेज के खेल मैदान में हुई इस प्रतियोगिता में अंडर-15 बालक वर्ग का खिताब मेजबान केपी इंटर कॉलेज ने जीता। फाइनल मुकाबले में उन्होंने लाला मनमोहन दास इंटर कॉलेज, झूसी को 6-0 से करारी शिकस्त दी। अंडर-15 बालक वर्ग के फाइनल में केपी इंटर कॉलेज ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। टीम के खिलाड़ी अनमोल ने मैच के चौथे मिनट में पहला गोल किया, जिसके बाद नौवें मिनट में दूसरा गोल दागकर बढ़त 2-0 कर दी। दूसरे क्वार्टर में अनुराग और हरिशंकर पाल ने एक-एक गोल कर स्कोर 4-0 तक पहुंचाया। अंतिम क्वार्टर में अनमोल ने दो और गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की और टीम को 6-0 की एकतरफा जीत दिलाई। प्रतियोगिता का शुभारंभ कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. योगेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि हॉकी भारत के स्वाभिमान, अनुशासन और टीम भावना का प्रतीक है। उन्होंने मेजर ध्यानचंद का उदाहरण देते हुए खिलाड़ियों को कठिन परिश्रम और लगन से खेलने के लिए प्रेरित किया। अंडर-17 बालक वर्ग में मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज और अंडर-17 बालिका वर्ग में लाला मनमोहन दास इंटर कॉलेज को एकमात्र प्रतिभागी होने के कारण विजेता घोषित किया गया। प्रतियोगिता का संचालन खेल प्रवक्ता उमेश खरे ने किया, जबकि दिव्यांक, सनी पांडे, अमित और ऋषि ने निर्णायक की भूमिका निभाई। समापन अवसर पर खिलाड़ियों को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई। इस दौरान अकील अब्बास रिजवी, डॉ. बृजेश खरे, हरी लाल, विपुल, नितिन पटेल सहित शिक्षक, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।